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विश्व तंबाकू निषेध दिवस:तंबाकू सेवन से देश में हर वर्ष 13 लाख लोगों की मौत

किशनगंज25 दिन पहले
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  • सीएस ने कहा जिले में वर्ष 2012 से चलाया जा रहा तंबाकू के खिलाफ अभियान

जिले में रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। सिविल सर्जन डॉक्टर श्रीनन्दन ने कहा कि इस वर्ष कमिट टू क्विट थीम दिया गया था। उन्होंने कहा कि देश भर में प्रति वर्ष 13 लाख लोगों की मौत तंबाकू सेवन से होता है। बिहार में भी 25.9 प्रतिशत लोग तंबाकू का उत्पादन करते हैं। तंबाकू सेवन से हृदय रोग के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। सीएस ने कहा कि तम्बाकू सेवन के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक साल 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। कोरोना संकट काल में किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। तंबाकू सर्वेक्षण गेट्स 2017 के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 25.9 प्रतिशत लोग तंबाकू का उत्पादन करते हैं। 35 प्रतिशत लोग इसका सेवन भी करते हैं।तम्बाकू सेवन कई तरह के श्वसन संबंधी रोगों का कारण होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बात का खुलासा भी किया है कि तम्बाकू उत्पादों के सेवन करने वाले लोगों में सामान्य लोगों की तुलना में कोविड-19 संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। पुरुषों में 50 एवं महिलाओं में 20 प्रतिशत कैंसर का खतरा: राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार तम्बाकू उत्पादों के इस्तेमाल करने पर 50 प्रतिशत पुरुषों एवं 20 प्रतिशत महिलाओं में कैंसर होने की संभावना होती है। इससे 40 प्रतिशत टीबी एवं अन्य रोगों के होने की भी आशंका रहती है। तम्बाकू सेवन के कारण मधुमेह, फेफड़ों की गंभीर बीमारी, स्ट्रोक, अंधापन, नपुंसकता, टीबी एवं कैंसर आदि रोग हो सकते हैं। कोरोना के इस दौर में यह वायरस तेजी से एक से दूसरे लोगों में फ़ैल रहा है। खैनी, पान या गुटखा जैसे चबाने वाले तम्बाकू उत्पाद का सेवन कर इधर-उधर थूकने से भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार भारत में देशभर में 15 साल से ऊपर 26.7 करोड़ लोग तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं एवं प्रतिदिन तम्बाकू सेवन से लगभग 3500 मौतें होती है।

वर्ष 2012 से चल रहा टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम
सिविल सर्जन डॉक्टर श्रीनंदन ने बताया कि जिले में टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम 2012-13 से चल रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से 2015 में पूरे जिले में सर्वे कराया गया था। सर्वे कराने के उपरांत जिले में कई उत्पादों पर वैन लगाया गया है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन छोड़ने के आठ घण्टे बाद ही ऑक्सीजन की मात्रा शरीर मे सामान्य हो जाती है।

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