स्वीकृति मिली:3 प्रखंडों के 63 राजस्व गांव शहर की तर्ज पर होंगे विकसित, लागू रहेगी पंचायती राज व्यवस्था

किशनगंज24 दिन पहले
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शहर से सटा चकला पंचायत, जो अब आयोजना क्षेत्र में होगा शामिल। - Dainik Bhaskar
शहर से सटा चकला पंचायत, जो अब आयोजना क्षेत्र में होगा शामिल।
  • आयोजना क्षेत्र में किशनगंज प्रखंड के 55, कोचाधामन के 3 व पोठिया के 5 गांव शामिल
  • गांवों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सड़कों के निर्माण सहित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

नगर परिषद क्षेत्र से सटे तीन प्रखंडों के 63 राजस्व गांवों को शहरी आयोजना क्षेत्र में शामिल किए जाने को लेकर मंत्री परिषद की बैठक में स्वीकृति दे दी गई है। विगत बुधवार तीन नवंबर को स्वीकृति मिलने के बाद शनिवार को इस आशय का पत्र नगर परिषद को मिल गया है। नगर परिषद ने 10 फरवरी को इन चिह्नित गांवों को आयोजना क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। 24 सितंबर को विकास आयुक्त ने वर्चुअल मीटिंग में इसकी समीक्षा कर इसके संकेत दिये थे। आयोजना क्षेत्र में शामिल 63 राजस्व ग्राम में अब शहरी सुविधा का विस्तार होगा। गांवों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवा एवं सड़कों के निर्माण के साथ-साथ शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होने के साथ इन गांवों की तस्वीर तो बदलेगी, लेकिन वहां की पंचायती राज व्यवस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। पंचायती राज व्यवस्था बरकरार रहेगी। 63 राजस्व ग्राम के शामिल होने के बाद नगर परिषद का कुल क्षेत्रफल 189.08 किलोमीटर हो जाएगा। अभी नगर परिषद का क्षेत्रफल 69.55 किलोमीटर है। आयोजना क्षेत्र में किशनगंज प्रखंड के 55 राजस्व ग्राम, कोचाधामन प्रखंड के तीन राजस्व ग्राम एवं पोठिया प्रखंड के पांच राजस्व ग्राम शामिल होंगे। अब नगर परिषद क्षेत्र में किशनगंज प्रखंड के 105.25 किमी, कोचाधामन प्रखंड के 5.08 किमी एवं पोठिया प्रखंड के 9.16 किमी क्षेत्रफल जुट जाएगा।

यह होगी नगर परिषद की चौहद्दी
नगर परिषद द्वारा चौहद्दी का निर्माण किया जा चुका है। उत्तर दिशा में किशनगंज प्रखंड का टेउसा, गाछपाड़ा, बेलवा, मोतिहारा तालुका, पोठिया प्रखण्ड का दामलबाड़ी, बगलबाड़ी, बालुबाड़ी मिलिक, तरैया, बिशानी ग्राम शामिल हैं। दक्षिण पश्चिम भाग में किशनगंज प्रखंड के दौला पंचायत के क्षेत्र, पश्चिम दिशा में महीनगांव पंचायत के ग्रामीण क्षेत्र एवं उत्तर पश्चिम में किशनगंज प्रखंड के चकला पंचायत होते हुए कोचाधामन प्रखंड के बगलबाड़ी, बालुबाड़ी एवं बस्ताकोला ग्राम शामिल हैं।

गांव होंगे आधुनिकीकृत
नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होने वाले 63 राजस्व ग्राम का आधुनिकीकरण किया जाएगा। नगर परिषद जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी। इन गांव में अस्पताल, शिक्षण संस्थान, पार्क, स्ट्रीट लाइट, शुद्ध पेयजल, आवागमन के लिए सुंदर पथ के साथ साथ खेलकूद को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही जलनिकासी के लिए नाला का निर्माण भी होगा।

नप में शामिल गांवों का अस्तित्व रहेगा बरकरार
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि आयोजना क्षेत्र को मंत्री परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल चुकी है। निर्देश आते ही चौहद्दी का सीमांकन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शामिल गांव का अस्तित्व बरकरार रहेगा। इससे पंचायती राज व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य शहर से सटे इन ग्रामों का शहर की तरह सौंदर्यीकरण करना है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की योजनाओं को इन ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। नप कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों को होल्डिंग टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन बेतरतीब गृह निर्माण पर अंकुश लगाए जाएंगे। गृह निर्माण के लिए इन ग्रामीणों को नगर परिषद से नक्शा पास करवाना होगा।

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