सुविधा:किशनगंज में 46 किमी व अररिया जिले में 20 किमी बनेगा तटबंध, बाढ़ से मिलेगी मुक्ति

किशनगंज2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कटाव स्थल का िनरीक्षण करते बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के चेयरमेन व अन्य। - Dainik Bhaskar
कटाव स्थल का िनरीक्षण करते बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के चेयरमेन व अन्य।
  • बाढ़ की विभीषिका से जिले को निजात दिलाने की पहल तेज, बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन ने किया मुआयना, बांध का प्रस्ताव भेजने का निर्देश
  • 33 महीने के अंदर कार्य पूर्ण करने का संवेदक को दिया गया है निर्देश
  • बगलबाड़ी, बलिया मंझोक, बेलागुड़ी, मौजाबाड़ी गाछपाड़ा तटबंध व पथरघट्टी के पास बेडबार एप्रोन बना नदी की धारा को किया जाएगा नियंत्रित

नदी का जलस्तर नीचे उतरने के बाद विभाग अब नदियों के बदले धारा को उसी अनुकूल रखने की तैयारी में जुट गई है। एक सप्ताह पूर्व बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन द्वारा स्थल का मुआयना किया जा चुका है। जल निस्सरण विभाग अब प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजने की तैयारी कर रही है। जल निस्सरण विभाग के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार यादव ने कहा की टेढ़ागाछ प्रखंड के बेलागुड़ी के पास कनकई ने अपनी धारा बदल ली है। इससे पूर्व पत्थरघट्टी में नदी धारा बदल ली थी। किशनगंज जिले की नदियों का रूट बदलने का ट्रेंड रहा है। पिछले वर्ष दौला पंचायत के बलिया मंझोक में भी महानन्दा नदी अपनी धारा बदल ली थी। इसी महीने बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन गिरिजानन्द सिंह एवं अधीक्षण अभियन्ता बिनय कुमार सिंह ने जिले के कटाव स्थल सहित नदियों की बदली धारा का मुआयना कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था। कर्यपालक अभियंता श्री यादव ने कहा कि जिले के बगलबाड़ी, बलिया मंझोक, बेलागुड़ी, मौजाबाड़ी गाछपाड़ा तटबंध एवं पथरघट्टी के पास बेडबार एप्रोन बनाकर नदी के धारा को नियंत्रित किया जाएगा। जिसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मौजाबाड़ी गाछपाड़ा तटबंध में दो सौ मीटर पीपी रॉक गेबिन बनाया जाएगा ताकि नदी की धारा बांध पर दबाब नहीं बना सके।

कई इलाके को बाढ़ से मिलेगी निजात
कर्यपालक अभियंता ने कहा कि कुछ ऐसे इलाके हैं। जो प्रतिवर्ष बाढ़ से पूर्व ही घर द्वार छोड़कर पलायन करते हैं। जैसे गुआलटोली, गुवाबाड़ी, दोदरा, संथाल टोला, बभनटोली, सुन्दरबाड़ी, मटियारी, माली टोला, पैक टोला, मियां बस्ती के निवासी हर वर्ष बाढ़ की आशंका देखते हुए घर द्वार छोड़कर पलायन कर जाते थे। लेकिन अब ये लोग पलायन नहीं करेंगे। इन्हें परमानेंट बाढ़ से छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा पथरघट्टी में निर्माणाधीन पुल को भी बनाने में आसानी होगी।

महानंदा नदी को भी यथावत रखने का प्लान
कार्यपालक अभियंता श्री यादव ने कहा कि दौला पंचायत के बलिया मंझोक में महानन्दा नदी पूर्व की धारा छोड़ नई धारा बना ली है। नदी की धारा को आवासीय क्षेत्र में बढ़ने से रोकने के लिए बेडबार एप्रोन बनाने का प्रस्ताव लिया गया है। बगलबाड़ी में भी कटाव निरोधक कार्य मजबूत करने का निर्देश टीम से प्राप्त हुआ है। जल्द ही प्रस्ताव विभाग को भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना का चयन इस प्रकार किया गया है कि पूर्व की तरह लोगों को बाढ़ की विभीषिका नहीं झेलनी पड़े।

रतुआ नदी के दोनों ओर तटबंध के लिए किया जा रहा भू-अर्जन
कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार यादव ने कहा की तीन प्रखंडों में प्रतिवर्ष कहर बरपाने वाली रतुआ नदी के दोनों ओर 66 किलोमीटर लंबी तटबंध के लिए भूअर्जन का कार्य जारी है। 46 किलोमीटर तटबंध किशनगंज जिले में एवं 20 किलोमीटर तटबंध अररिया जिले में बनाया जाएगा। किशनगंज जिले के तीन प्रखंड यथा कोचाधामन, बहादुरगंज एवं टेढ़ागाछ प्रखंड होकर गुजरने वाली रतुआ नदी पर तटबंध के लिए 475 एकड़ जमीन एवं अररिया जिले के सिकटी, पलासी एवं जोकीहाट प्रखंड होकर गुजरने वाली रतुआ नदी पर तटबंध के लिए 135 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। 33 महीने के अंदर कार्य पूर्ण करने का निर्देश संवेदक को दिया गया है। तटबंध निर्माण के बाद इन प्रखंडों को बाढ़ से निजात मिल जाएगा।

खबरें और भी हैं...