मनमानी / शराब का धंधा पड़ा मंदा ताे नप की सड़क काट कर बनाया चचरी पुल, राहगीरों से कर रहे अवैध उगाही

बिहार बंगाल सीमा को जोड़ती चचरी पुल बिहार बंगाल सीमा को जोड़ती चचरी पुल
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बिहार बंगाल सीमा को जोड़ती चचरी पुलबिहार बंगाल सीमा को जोड़ती चचरी पुल

  • माफियाओं की मनमानी पर बिहार और बंगाल के लोगों में आक्रोश
  • रमजान नदी में गाद भर जाने से पानी का बहाव हुआ कम

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

किशनगंज. बिहार और बंगाल के बीच रमजान नदी पर बना 10  वर्ष पुराना पुल अब जर्जर हो चुका है। नदी में गाद भर जाने के कारण बरसात में पुल के नीचे से पानी का बहाव बहुत कम होता है। लगातार कई दिनों से हो रही वर्षा के बाद के बाद नदी में पानी भर गया, जाे बंगाल के मालद्वार गांव में प्रवेश करने लगा है। घरों में पानी घुसते देख बंगाल के लोगों ने पक्की सड़क को काट दी। पानी उतरते ही मालद्वार में सक्रिय शराब माफियाओं को धंधा की चिंता सताने लगी। तब इनलोगों ने नया तरकीब निकाल ली। स्थानीय कुछ दबंगों के साथ मिलकर बिहार की सीमा में कटे सड़कों पर चचरी पुल बना डाला। चचरी पुल से हाेकर गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति से 10 रुपये की जबरन उगाही की जाती है। इसके दो फायदे हुए, शराब माफियाओं का धंधा भी चलने लगा और दबंगों की कमाई भी बढ़ गयी। सड़क काटने व उस पर चचरी पुल बनाने के लिए बंगाल के शराब माफियाओं ने प्रशासनिक अधिकारी से अनुमति ली और इसकी सूचना दी। जबरन राशि वसूली को लेकर बिहार सहित बंगाल के लोगों में भी आक्रोश है वहीं प्रशासन इस पर चुप्पी साधे है। 

बदल जाती है राज्य की सीमा
एक कदम बढ़ाते ही जिले की सीमा बदल जाती है, बंगाल की सीमा शुरू होते ही वहां न तो बिहार का कानून और न जिला प्रशासन का कोई नियम लागू होता है। मालद्वार में एक दर्जन से अधिक गैरकानूनी शराब की दुकानें हैं, जिसके अधिकांश ग्राहक बिहारी हाेते हैं। सुबह से ही दुकानें सजने लगती है और फिर शुरू हो जाता है पीने और पिलाने का सिलसिला। पूरबपाली से जाने वाली एक मात्र सड़क बंगाल के मालद्वार तक जाती है। जिसपर शराब माफियाओं की नजर रहती है। पुलिस या उत्पाद विभाग की गाड़ी आते ही आने वालों को माफिया आगाह कर देते हैं। मालद्वार में सक्रिय माफिया ऑन कॉल भी जहां चाहिए शराब पहुंचा देते हैं। इनके गुर्गे प्रशासन की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। 

स्थानीय लोगों ने भी राशि लेने की बात कबूली
स्थानीय मलद्वार निवासी गफ्फार ने कहा कि चचरी पुल बनाने में जितनी खर्च हुई उसकी भरपाई के लिए ही राशि वसूली जा रही थी, जिसे अब अब बन्द कर दिया गया है। लेकिन दबी जुवान से लोगों का कहना है कि बिहार के लोगों से अभी भी रुपया वसूला जाता है। गफ्फार से जब सवाल किया गया कि सड़क बिना सूचना के बिहार की सीमा में किसने काटा तो वे जवाब नहीं दे सके।

बंगाल सीमा काे लेकर कार्रवाई में बाधा 
मालद्वार से लगातार चुनौती मिल रही है। हमारी टीम औचक छापेमारी भी करती है। लेकिन शराब का कारोबार आंखों के सामने बंगाल मे होने के कारण हाथ बंधे जाते हैं। इस मामले को डीएम व एसपी के संज्ञान में लाकर बंगाल के अधिकारियों पर दवाब डाला जाएगा।
सत्तार अंसारी, उत्पाद अधीक्षक 
बिना अनुमति के सड़क काटना संज्ञेय अपराध
बिना अनुमति के बिहार की सीमा में बने पक्की सड़क को काटना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए इसमे संलिप्त लोगों को चिह्नित कर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
मंजूर आलम, कार्यपालक पदाधिकारी

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