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कार्रवाई:बाबा रामदेव पर कार्रवाई और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए जल्द कठोर कानून बनाए जाने की मांग

किशनगंज2 महीने पहले
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बाबा रामदेव के बयानों से आहत डॉक्टरों ने शुक्रवार को सरकार से उन पर कार्रवाई की मांग की। डॉक्टरों पर हो रहे हमलों को दुर्भाग्यपूर्ण बता इसके लिए कठोर कानून बनाए जाने की वकालत की। अपने मांगों के समर्थन में आईएमए के बैनर तले शहर के चिकित्सकों ने शुक्रवार को 4 घंटे तक (सुबह 8:30 से 12:30 बजे) अस्पतालों, नर्सिंग होम की ओपीडी सेवाएं बंद रखी। बांहों पर काली पट्टी बांधे डॉक्टर सुबह पूरबपाली स्थित जैन मेटरनिटी सेंटर अस्पताल पहुंचे व यहां शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया। डॉक्टरों का दल एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा।

यहां प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवा जारी रही। इसके पूर्व जैन मेटरनिटी सेंटर में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एके सिन्हा, एक्जीक्यूटिव मेंबर डॉ. एसएल रामदास ने कहा कि बाबा रामदेव ने पिछले दिनों आधुनिक चिकित्सा विज्ञान, पद्धति, कोविड प्रोटोकॉल, टीका सहित कोविड में शहीद हुए चिकित्सकों, लोगों का अपमान कर दंडनीय अपराध किया है। हम सरकार से इसपर कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। पूरे देश में डॉक्टर एवं अस्पतालों के खिलाफ हिंसा की बढ़ रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए आईएमए ने कहा कि डॉक्टर की सुरक्षा के लिए कानून होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के कारण पीड़ित डॉक्टरों को न्याय नहीं मिल पाता है।

पिछले वर्ष केन्द्र सरकार ने इपिडेमिक डिजीज एक्ट संशोधन के साथ लागू किया। पर आईएमए के प्रयासों के बावजूद इस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं हो रही। डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून की जरूरत है जिसे आइपीसी और सीआरपीसी में अंतरनिहित कर गैर जमानतीय बनाते हुए 10 वर्ष की जेल की सजा का प्रावधान किए जाने की मांग इन्होंने की।

प्रदर्शन में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिन्हा, संरक्षक डॉ. एमएल जैन, डॉ. एसएल रामदास, डॉ. एमएम हैदर, डॉ. संजीव कुमार चौधरी, डॉ. उर्मिला कुमारी, डॉ. राजदीप नोव, डॉ. सुब्रत प्रसाद, डॉ. डी कुमार, सचिव डॉ. प्रणय कुणाल, डॉ. अंशुमन आनंद, डॉ. कुमार शैलेन्द्र, डॉ. अतुल बैद थे।

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