अनदेखी:रोक के बावजूद रेलवे मालगोदाम के सामने हर दिन लग रहीं गाड़ियां

किशनगंज8 महीने पहले
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  • ट्रैफिक व्यवस्था सही नहीं होने के कारण हो रहे हादसे, हाल में दुकान में घुस गया था ट्रक

यात्री वाहन के साथ पुलिस भी जब्त वाहनों को कर रही खड़ी
प्रशासनिक रोक के बावजूद रेलवे मालगोदाम के सामने एनएच पर अस्थायी बस स्टैंड बन गया है। यहां पूर्व में बसें न रुके, इसके लिए प्रशासन की ओर से होमगार्ड की तैनाती की गई थी। जिसे फिलहाल हटा लिया गया है। यहीं सामने एनएच पर नया फ्लाईओवर बन रहा है। इस कारण अप एवं डाउन दोनों रुट के वाहनों को एक ही लेन से गुजारा जाता है। इसी डायवर्सन वाली जगह पर यात्री बसें रुकती हैं और यात्रियों में बस पकड़ने और उतरने के लिए आपाधापी मचती है। सामने नीचे ई-रिक्शा बेतरतीब खड़ी होती है।

नतीजा हर हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यहां ओवर ब्रिज से उतरने वाले वाहनों की गति काफी तेज होती है। जबकि ओवरब्रिज से उतरने के 100 मीटर बाद ही यात्री बस रोक दी जाती है। हाल में एक ट्रक असंतुलित होकर बिजली के खंभे को तोड़ते हुए एक दुकान के पास घुस गई थी। यहीं से 200 मीटर की दूरी पर सदर थाना है। यहां भी प्रशासन जब्त वाहनों को एनएच पर ही खड़ी कर देता है। एक सप्ताह पूर्व भी थाने के सामने जब्त एक ट्रक को तेज गति से आ रही एक ट्रक ने जोरदार धक्का मारा था। ट्रक रेलिंग तोड़ते हुए थाने के गेट तक घुस गया था। इससे लगभग 16 घंटे तक एप्रोच पथ पर परिचालन बिल्कुल ठप रहा था। आम आदमी के साथ अधिकारियों को भी रूट बदलकर कार्यालय आने पर मजबूर होना पड़ा था।

बस स्टैंड में नहीं घुसती सभी बसें
बस स्टैंड के पास भी बंगाल की अधिकतर बसें एनएच पर रुकती हैं। यहीं से जिले के लोग एनएच आर-पार करते हैं। न तो जेब्रा क्रासिंग है और न ट्रैफिक की व्यवस्था। एनएच से गुजरने वाली गाड़ियों की स्पीड अधिक रहती है। एनएच पर बसें खड़ी रहती है। सड़क पार करने वालों को बस के कारण एनएच होकर गुजरने वाली वाहनों को देखने मे परेशानी होती है। दुर्घटना की आशंका यहां भी बनी हुई रहती है। बस अंदर स्टैंड में घुसे इसके लिए तत्कालीन डीएम व एसपी स्वयं सड़क पर उतरकर एनएचएआई को सुलभ रास्ता तैयार करने का निर्देश दिया था। बावजूद बसें सड़क पर रुकती है।

अधिकतर बसों के पास परमिट तक नहीं
बंगाल से आने और जाने वाली अधिकतर बसों के पास बिहार का परमिट नहीं है। बिहार की सीमा में प्रवेश कर एनएच होकर ये बसें गुजर तो सकती हैं, लेकिन यात्री को उतारने व लोड करने की अनुमति इन बसों को नहीं है। दो वर्ष पूर्व डीटीओ ने ऐसे बसों के खिलाफ अभियान चलाते हुए कुछ बसों को जब्त भी किया था, लेकिन बाद में सब कुछ पूर्ववत हो गया।

सड़क सुरक्षा माह में लिए गए निर्णय का भी नहीं हो पाया पालन
जिले में सांसद की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक 15 जनवरी को हुई थी। बैठक में 18 जनवरी से 17 फरवरी तक सड़क सुरक्षा माह मनाने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत कई कार्य किया जाना था। लेकिन न तो बस स्टैंड के सामने रंबल स्ट्रिप बना, न ही बहादुरगंज मोड़ के पास यू टर्न निर्माण कार्य हो सका।
डीएम के संज्ञान में जल्द दिया जाएगा मामला
एसडीएम शहनवाज अहमद नियाजी ने कहा कि सभी बस को बस स्टैंड में ही रुकने के लिए बाध्य किया जाएगा। जहां-तहां खड़ी होने वाली बसों को जब्त करने की मुहिम चलाया जाएगा। इस संबंध में डीएम से दिशा-निर्देश लिया जाएगा।

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