अव्यवस्था / सदर अस्पताल में नहीं थे डाक्टर, एडमिट करने की बजाय प्रसूता को भेजा निजी नर्सिंग होम

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करते सीएस व अन्य स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करते सीएस व अन्य
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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करते सीएस व अन्यस्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करते सीएस व अन्य

  • प्रसव पीड़ा से परेशान देर रात पहुंची मिलनपल्ली की महिला, अस्पताल प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला
  • सीएस ने कहा - मामला गंभीर, जांच के बाद दाेषियाें पर कार्रवाई

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

किशनगंज. संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का सरकार चाहे जितना दावा कर ले, लेकिन धरातल पर यह खाेखला है। सोमवार की देर रात प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को एडमिट कराने आए परिजन गिड़गिड़ाते रहे लेकिन अस्पतान प्रबंधन ने महिला काे भर्ती नहीं किया। अंत में लाचार महिला के परिजनाें ने प्रसव के लिए निजी नर्सिंग होम ले भर्ती में कराया। बताया जाता है रात में काेई डाक्टर नहीं ड़यूटी पर नहीं था इसलिए कर्मियाे ने पल्ला झाड़ने के लिए मरीज काे परिजन काे निजी क्लीनिक में भऱती कराने की सलाह दी। परिजनाें का आराेप है वहां माैजूद कर्मियाें ने भर्ती करने से इंकार करते हुए एक खास निजी क्लीनिक में भर्ती करने की सलाह दी। वहीं इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर श्री नन्दन ने कहा मामले की जांच कराई जाएगी अगर एेसा हुआ हाेगा ताे दाेषियाें पर कठाेर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित महिला किशनगंज शहर के मिलनपल्ली की हैं, जाे देर रात संस्थागत प्रसव के निए अपने परिजनाें के साथ सदर अस्पताल आई थीं। महिला के पति गौरव चौधरी ने बताया सोमवार की रात लगभग एक बजे प्रसव का दर्द होने पर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे और भर्ती करने के लिए कहा। वहां मौजूद स्टाफ ने साफ मना कर दिया और कहा अभी यहां भर्ती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब पेसेंट की स्थिति से अवगत कराया ताे सीधा जवाब मिला कि स्थिति खराब है तो निजी नर्सिंग होम लेकर जाइये। उन्होंने कहा कि स्टाफ द्वारा बार बार एक ही नर्सिंग होम ले जाने को कहा जा रहा था। अंत मे प्रसव दर्द से कराहती पेसेंट को निजी नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया।

जिले में चिह्नित किए गए 67 हजार 305 बच्चे
बैठक में कई योजनाओं का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। आशा के माध्यम से जिले में 70 हजार 130 गर्भवती महिलाओं का चयन किया गया है। इन महिलाओं को प्रसव से पूर्व व प्रसव के बाद सभी प्रकार का टीकाकरण करने का निर्देश है। सिविल सर्जन ने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का निर्देश सभी पीएचसी प्रभारी को दिया गया है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक का टेबलेट, कैल्शियम का गोली भी वितरण किया जाएगा। आशा कर्मियों के द्वारा जिले में 67 हजार 305 बच्चों को चिन्हित किया गया है। आशा कर्मियों को टीकाकरण करने एवं कुपोषित बच्चों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सिविल सर्जन डॉक्टर श्रीनन्दन, डीएस डॉ अनवार आलम, डॉक्टर रफत हुसैन, डॉक्टर मोनाज़िम, डॉक्टर अमित राव, एजाज अफजल, विश्वजीत कुमार, शशि भूषण कुमार सहित चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी मौजूद थे।

जुलाई से शुरू हाेंगी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाएं 
मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ श्रीनंदन ने चिकित्सकों, विभागीय कर्मियों के साथ बैठक कर कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ साथ सभी स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुचारू करने का निर्देश सभी चिकित्सा प्रभारी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए ओपीडी कुछ दिनों तक बंद रखा गया था, जिसे अब पूर्व की तरह चालू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह से ही सभी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं को भी पुनः स्टार्ट करने का निर्देश दिया गया है। सोमवार की देर शाम तक सभी स्वास्थ्य सेवा से जुड़े अधिकारी व कर्मियों के साथ बैठक कर सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। 

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