सावधानी बरतें:तापमान में गिरावट से बढ़ सकता है रक्तचाप, स्ट्रोक और हार्ट अटैक की रहती है आशंका, खानपान पर रखें ध्यान

किशनगंज6 दिन पहले
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  • सीएस ने बुजुर्गों को दी सलाह, कहा- ब्लड प्रेशर को रखें नियंत्रित, शरीर में पानी की न होने दें कमी

सिविल सर्जन डॉक्टर कौशल किशोर ने बढ़ते ठंड को देखते हुए बुजुर्ग लोगों के लिए एक एडवाइजरी जारी किया है। उन्होंने सलाह दिया है कि ठंड के समय अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। साथ ही शरीर में पानी की मात्रा भी बरकरार रखने को कहा। सिविल सर्जन ने बताया कि ठंड बढ़ने के कारण रक्तचाप बढ़ता है। रक्तचाप बढ़ने से ह्रदयाघात व स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है। बीपी व दिल के रोग वाले बुजुर्गों को खुद रक्तचाप को नियंत्रित रखने की हरसंभव कोशिश रखनी चाहिए। बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर ठंड का सीधा असर पड़ता है। इसलिए उन्हें खानपान का भी ध्यान रखना चाहिए। सर्दी के मौसम में अधिक तेल मसाले वाले खाने की जगह हल्का व पौष्टिक खाना लेना चाहिए। हरी सब्जी, दाल व रोटी का इस्तेमाल अधिक करने की सलाह दिया गया है। आहार में विटामिन सी युक्त फल, अखरोट, तुलसी और हल्दी दूध भी शामिल करें। ठंड में बुजुर्गों को जोड़ों का दर्द बहुत परेशान करता है। उन्हें ग्रीन टी या अदरक की चाय लेनी चाहिए।
गर्म कपड़े का करें उपयोग: अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर अनवार आलम ने कहा कि ठंड से बचाव के लिए सबसे आसान और बेहतर उपाय गर्म कपड़ा है। इसलिए, गर्म कपड़े का उपयोग करें। ठंड में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए गर्म व ताजा खाना का सेवन लाभदायक है। चाय में अदरक, दूध में हल्दी और गुड़ का भी भरपूर सेवन करना चाहिए। यह न सिर्फ ठंड से बचाव बल्कि अन्य बीमारियों से भी दूर रखेगा।

सभी दवाइयों का घर पर रखें इंतजाम
सर्दी के मौसम में बुजुर्गों के लिए आवश्यक दवाइयों का इंतजाम घर पर रखना चाहिए। शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखने के लिए गुनगुना पानी पीना चाहिए। इससे शरीर और त्वचा भी सेहतमंद रहती है। घर में भी गर्म कपड़े का इस्तेमाल करें। बुजुर्ग को सुबह घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। घर में हल्के व्यायाम और योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

सर्दी में बच्चों की देखभाल जरूरी
नवजात शिशु एवं छोटे- छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिये उसके रखरखाव, खानपान का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है। इसके लिए नवजात शिशु का कंगारू मदर तकनीक से ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चे को हमेशा सूखे बिछावन पर ही रखना चाहिए। बच्चे के खाने-पीने में हमेशा गर्म भोजन एवं दूध, गर्म पानी पीने के लिए देना चाहिये।

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