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सलाह:तेज दर्द के साथ बुखार, डेंगू रोग के हो सकते हैं लक्षण

किशनगंज2 दिन पहले
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  • सिविल सर्जन ने बताया- डेंगू बुखार से प्रभावित करने वाले मच्छर दिन के समय निकलते हैं, इससे बचें

बरसात के मौसम और ठंड की शुरुआत के साथ डेंगू रोग का प्रकोप बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। डेंगू एडीज एजिप्टी नामक संक्रमित मादा मच्छर के काटने से होता है। डेंगू बुखार बहुत ही घातक होता है और इसका सही समय पर पहचान व इलाज नहीं होने से रोगी की मौत तक हो सकती है। सिविल सर्जन डॉक्टर श्री नंदन ने बताया कि डेंगू बुखार से प्रभावित करने वाले मच्छर दिन के समय निकलते हैं। इसका निवास नमी वाली जगहों पर होती है। जूलाई से अक्टूबर का समय मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल हाेता है। डेंगू के कारण बुखार से पीड़ित मरीज के खून में प्लेटलेट्स की कमी होने लगती है और रोगी को तीव्र बुखार के साथ शरीर व सिर में अत्यधिक दर्द होती है। डेंगू बुखार के लक्षणों की ससमय पहचान व इलाज आवश्यक है। ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार आना, सिर, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पिछले भाग में दर्द होना, अत्यधिक कमजोरी लगना, भूख में बेहद कमी तथा जी मिचलाना, मुंह के स्वाद का खराब होना, गले में दर्द, शरीर पर लाल चकता आदि डेंगू के लक्षण हो सकते हैं।

मच्छरों को पनपने से रोकना आवश्यक
डेंगू से बचाव के लिए मच्छर को पनपने से रोकना चाहिए। यह मच्छर जमा पानी में प्रजनन करते हैं। घरों में कूलर्स, छत, आसपास नाली, फ्रिज के नीचे का ट्रे, गमलों, पानी टंकी सहित अन्य जगहों पर मच्छर पनपने का संभावना अधिक रहती है। ऐसी जगहों की नियमित सफाई करना चाहिए। समय-समय पर नालियों की सफाई कर उसमें किरासन तेल, पेट्रोल या मच्छररोधी पाउडर का छिड़काव करना आवश्यक है।

सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग है जरूरी
​मच्छरों से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग आवश्यक है। मच्छरों को भगाने के लिए मच्छर नाशक क्रीम या सिनट्रोला तेल आदि का इस्तेमाल प्रभावी है। बच्चों व गर्भवती महिलाओं को ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे शरीर का अधिक से अधिक हिस्सा ढंका हो। घर के भीतरी हिस्सों जैसे परदा, खिड़की, पलंग के कॉर्नर तथा सभी नमी वाले स्थानों पर आवश्यक मच्छररोधी दवाई का छिड़काव करना जरूरी है।

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