चुनाव का हल्ला मचाने वाला गांव है यह चोरों का:बिहार से चोरी होकर बंगाल के इन गांवों में जाती हैं गाड़ियां, SHO को टारगेट बनाने वाले इलाके इसे राजनीति से नहीं जोड़ रहे

पटना6 महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
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बिहार के किशनगंज के टाउन थाने के थानेदार की हत्या के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। कानून-व्यवस्था को सुचारू करने वाले पुलिस अधिकारी भी इस घटना के बाद आक्रोशित हैं। जिस इलाके में इंस्पेक्टर की मॉब लिंचिंग में हत्या की गई है वह इलाका पश्चिम बंगाल के गोलपोखर विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां BJP और TMC की आमने-सामने की लड़ाई है। हालांकि वहां के स्थानीय नेता इस मॉब लिंचिंग को राजनीति से जोड़कर नहीं देखते हैं। वहां के लोग यह भी बताते हैं कि जिस इलाके में इंस्पेक्टर की हत्या की गई है वह पूरा इलाका बिहार से की गई चोरी की गाड़ियों का ठिकाना है। चोर बिहार से गाड़ी चुराते हैं और पश्चिम बंगाल के इसी इलाके में रखते हैं। यह पूरा इलाका वाहन चोरों का गढ़ है और इनका पूरा नेक्सस चलता है।

बंगाल में पुलिसवाले की मॉब लिंचिंग

किशनगंज से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर पांजीपारा थाना है और ठीक किशनगंज बॉर्डर के बगल में ही पनतापाड़ा गांव है। वहां के स्थानीय BJP नेता और बिहार विधान परिषद के सदस्य दिलीप जायसवाल बताते हैं कि इस घटना में कोई राजनीतिक बात नहीं है। किशनगंज से सटे बंगाल के 8-10 गांवों में बिहार से चोरी की गईं गाड़ियों को खपाया जाता है। दिलीप जायसवाल यह भी बताते हैं कि किशनगंज की पुलिस पश्चिम बंगाल के पांजीपारा थाने को सूचित करके ही हर बार छापेमारी करती है और वहां से चोरी की गई गाड़ियों को बरामद किया जाता है। हालांकि जैसे ही पनतापाड़ा गांव और आसपास के गांव के लोगों को यह एहसास हुआ कि वहां छापेमारी होने वाली है, तो वे अलर्ट हो गए। उन्होंने पहले से तैयारी कर रखी थी और इस घटना को अंजाम दिया। यह पूरा इलाका मुस्लिम बहुल है।

बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह इस घटना को लेकर काफी आक्रोशित हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में सरकार और कानून नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। किशनगंज के थाना प्रभारी अश्विनी कुमार ने पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य का पालन करते हुए, पहले वहां के थाना को सूचित किया था। उसके बाद वह छापेमारी के लिए गए थे। लेकिन, वहां के थाने से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला और वहां के आपराधिक चरित्र के लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बिहार के गृह विभाग से मृतक थाना अध्यक्ष के परिजनों को मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपए और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। मृत्युंजय सिंह ने कहा कि बंगाल में कानून कैद हैं । बंगाल में पुलिस वर्दी का कोई वजूद नहीं है। भारत सरकर का गृह मंत्रालय मामले को संज्ञान लेकर उचित करवाई करे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देखा जाए तो गोलपोखर विधानसभा में TMC और BJP की आमने सामने की लड़ाई है। गोलपोखर से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से जीत कर आए गुलाम रब्बानी को TMC ने तोड़कर मंत्री बनाया था। अब वह TMC की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं BJP ने नया दांव खेलते हुए गुलाम रब्बानी के भाई गुलाम सरवर को टिकट दिया है। पिछली बार तक इस क्षेत्र में BJP का कोई दमखम नहीं दिखता था। लेकिन, इस बार गोलपोखर विधानसभा क्षेत्र में BJP ने TMC को सीधी टक्कर दी है। BJP ने पूरे पश्चिम बंगाल चुनाव में 8 मुस्लिम चेहरों को उतारा है जिसमें गोलपोखर से गुलाम सरवर हैं।

इस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पंश्चिम बंगाल के राज्यपाल को पत्र लिखा है। पत्र उन्होंने पंश्चिम बंगाल में विशेष समुदाय के सामने कानून व्यवस्था के लाचार पड़ने के संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में सीधे-सीधे पंश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज लोगों द्वारा वोट बैंक की राजनीति करने के आरोप लगाए हैं। संजय जायसवाल ने हत्याकांड में शामिल लोगों पर गैर कानूनी एकत्रीकरण, आपराधिक साजिश, सामूहिक इरादतन और सामूहिक हत्या की धाराओं के तहत गिरफ्तारी और सजा की मांग की है।

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