पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कार्रवाई:बंगाल के स्थानीय लोग नोमेन्स लैंड में बना रहे थे अस्थाई पुल, एसएसबी ने निर्माण रोका

गलगलिया17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • भारत-नेपाल सीमा पर गलगलिया से सटे बंगाल के डांगुजोत के लोगों को भारी परेशानी
  • मेची नदी की जलस्तर बढ़ने से करीब 30 मीटर सड़क बहकर एक गढ्ढे में तब्दील

भारत-नेपाल सीमा स्थित गलगलिया से सटे बंगाल के डांगुजोत के लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के स्थाई लोगों द्वारा वर्षों पहले आवाजाही के लिए एक मिट्टी की सड़क बनायी गयी थी। जो मेची नदी के नवनिर्मित पुल के रास्ते को छूती है। इन दिनों बरसात के कारण मेची नदी की जलस्तर बढ़ने से करीब 30 मीटर सड़क बहकर एक गढ्ढे में तब्दील हो गयी है। इसके कारण करीब एक हजार आबादी वाले इस गांव के लोगों समेत राहगीरों को भी आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के कारण ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है जिसके निवारण कर स्थानीय लोगों ने कई बार अपने आने-जाने के लिए यहां बांस का अस्थायी चचरी पुल बनाते है, लेकिन इस वर्ष बांस की पूल बनाने पर भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी द्वारा रोक लगा दिया गया है। एसएसबी का कहना है कि सीमा पर स्थित पीलर से 30 मीटर तक कि जगह नोमेन्स लैंड में पड़ती है। जिस वजह से बांस की पूल बनने पर एसएसबी द्वारा रोक लगाई गई है। बता दें कि अगर यहां बांस का पूल बनता है तो इसे मेची पूल से जाने वाली इंटरनेशनल सड़क से जोड़ना होगा, जो केंद्र का मामला है। यही कारण है कि नजदीकी प्रशासन भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। जिस वजह से यहां के लोगों के साथ-साथ राहगीरों को भी आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन उनकी पीड़ा नहीं समझ रहा है। इस संबंध में वहां के लोगों ने बताया कि वे लोग का उक्त जगह पर आवागमन को लेकर कई वर्षों से बांस का अस्थायी पुल बनाते आ रहे हैं। इस साल भी लोगों के आवागमन के लिए बांस की पुल बना रहे थे, लेकिन एसएसबी द्वारा रोक लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के संदर्भ में लिखित आवेदन पत्र भी खोरीबाड़ी बीडीओ को दिया गया है।

नहीं लगाई गई कोई रोक
एसएसबी के 41वीं बटालियन के कमाडेंट सुभाष चंद्र नेगी से बात करने पर उन्होंने बताया कि एसएसबी की ओर से किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं लगाई गई है। बस जो नियम है उसी नियम के अनुसार एसएसबी अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पीलर से दस गज इसपार और दस गज उसपार नोमैंसलैंड में आता है। इसलिए वहां कोई काम नहीं हो सकता है। स्थानीय लोगों ने वरीय अधिकारियों से उचित कदम उठाने की मांग की है। ताकि स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को भी चलने फिरने में परेशानी न हो।

खबरें और भी हैं...