किशनगंज में 20 दिनों से जारी गजराज का आंतक:नेपाल के जंंगल से आए हाथियों के झुंड ने धनतोला गांव में मचाया उत्पात, 2 एकड़ में लगे फसल को किया बर्बाद

किशनगंज6 महीने पहले
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हाथियों का झुंड हर दिन मक्का और गरमा धान की फसल को चरता है और कुचलता है, जिससें किसान  परेशान हैं। - Dainik Bhaskar
हाथियों का झुंड हर दिन मक्का और गरमा धान की फसल को चरता है और कुचलता है, जिससें किसान परेशान हैं।
  • भारत-नेपाल सीमा पर बसे दिघलबैंक के सीमावर्ती इलाके के किसान अपनी फसल को देख आतंकित हैं
  • वन विभाग की टीम ने पटाखे और अलाव जलाकर किसी तरह हाथियों के झुंड को गांव से दूर भेजा

किशनगंज में जंगली हाथियों का उत्पात पिछले 20 दिनों जारी है। भारत-नेपाल सीमा पर बसे दिघलबैंक के सीमावर्ती इलाके के किसान अपनी फसल को देख आतंकित हैं। हाथियों का झुंड हर दिन मक्का और गरमा धान की फसल को चरता है और कुचलता है, जिससें किसान बेबस और परेशान हैं। गुरुवार देर रात हाथियों का झुंड निर्माणधीन भारत-नेपाल सीमा को पार करते हुए धनतोला गांव में प्रवेश गया। हाथियों के उत्पात से गांव में अफरातफरी मच गई। किसान करीब 2 एकड़ में लगे फसल के क्षति होने की आशंका जता रहे हैं।

सूचना मिलने के कुछ देर बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची। टीम ने खेत में पटाखें और अलाव जलाकर किसी तरह हाथियों के झुंड को गांव से दूर भेजा। शुक्रवार की सुबह करीब 2 दर्जन हाथियों को ग्रामीणों ने मुलाबारी गांव के पास देखा। धनतोला पंचायत के मुखिया धर्म लाल टुडू ने बताया की प्रत्येक वर्ष इस मौसम में नेपाल के जंगल से हाथियों का झुंड भोजन की तलाश में सीमा पार कर गांव में आ जाता है। पहली बार है जो पिछले करीब 20 दिनों से 2 दर्जन के करीब हाथियों का झुंड खेतों के बीच से वापस लौटने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार फसलों को क्षति पहुंचाने से किसान परेशान हैं। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लें और हाथियों से फसल की रक्षा करने के लिए कोई कारगर कदम उठाए।

नष्ट हुए फसलों का मुआवजा देगी विभाग

वन विभाग के पदाधिकारी उमा नाथ दुबे ने बताया कि हाथियों से होने वाले नुकसान एवं बचाव के लिए धनतोला में वन विभाग द्वारा अस्थाई कैम्प लगाया गया है। वनकर्मी और वॉलिंटियर हाथियों को बाहर करने के लिए ड्राइव करते हैं। वहीं जिन किसानों का फसल नष्ट हुआ है वे फसल मुआवजा के लिए अंचल कार्यालय से क्षति का आंकलन कर आवेदन दें । जल्द ही उन्हें मुआवजा दिया जायेगा।

फरवरी-मार्च में हाथी ने मचाया था उत्पात

इस साल छह फरवरी से नेपाल से आकर हाथी आतंक मचा रहा है। 6 को करूवामनी पंचायत के वार्ड 5 बमटोली सूरीभिट्ठा गांव के एक घर को हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद से 8 फरवरी, 10, 18, 19 और फिर 21 फरवरी को घरों को क्षतिग्रस्त किया। इससे पूर्व वर्ष 2020 में 5 मार्च को करूवामनी पंचायत के सूरीभिट्ठा बलटोली गांव में घरों को क्षतिग्रस्त किया था। इसके बाद लगातार दिनों में 14, 18, 19, 22, 23, 25 और 29 मार्च को अलग-अलग गांव में घरों को तोड़ा। जबकि 2 अप्रैल को बिहार टोला डोरिया गांव में घरों को क्षतिग्रस्त किया। इधर, बार-बार हथियों के हमले से ग्रामीण परेशान हैं।

इन बातों का ख्याल रखें

  • हाथी दिखने पर उसके पास न जाएं और न औरों को जाने दें।
  • हाथी का रास्ता न रोकें और न ही भीड़ जमा होने दें।
  • हाथी के आसपास होने पर मोबाइल बंद रखें एवं फोटो न लें।
  • भीड़ न लगाएं, हाथी के दौड़ने पर भगदड़ हो सकती है।
  • रात के समय खलिहान में न सोएं और आग जलाकर रखें।