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परेशानी:उमस भरी गर्मी से लोग परेशान, वर्षा नहीं होने से खेती पर असर, अभी मौसम ऐसा ही रहेगा

किशनगंज6 दिन पहले
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बारिश नहीं होने से धान के उंंचे खेतों में पानी नहीं है। इस कारण धान के बीच घास उग गए हैं। - Dainik Bhaskar
बारिश नहीं होने से धान के उंंचे खेतों में पानी नहीं है। इस कारण धान के बीच घास उग गए हैं।
  • मौसम विभाग ने अगले सप्ताह मौसम में सुधार होने व हल्की बारिश की संभावना जताई
  • रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस किया गया दर्ज

एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी से जनजीवन बेहाल है। रविवार को किशनगंज का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 89 फीसदी आद्रता रही जबकि 11 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चली। मौसम विज्ञान केन्द्र अगवानपुर सहरसा के मौसम विज्ञानी संतोष कुमार के अनुसार आद्रता अधिक रहने के कारण उमस भरी गर्मी का असर अधिक है। इस सप्ताह मौसम में सुधार की संभावना भी नहीं है। बीच-बीच में कहीं बादल घिर सकते हैं लेकिन गर्मी रहेगी। रविवार की सुबह से ही तेज धूप खिली। गर्मी का असर बाजारों पर भी देखा गया एवं रविवार को छुट्टी का दिन रहने और उसपर से तेज धूप के कारण दिन में भी बाजार में चहल-पहल कम रही। सड़कें सूनी दिखी एवं लोग जरुरी कार्यों से ही घरों से बाहर निकले। सितंबर माह में भादो होने के बावजूद इस बार औसत से कम बारिश हो रही है। महीने के शुरुआत में ही दो दिन आंशिक बारिश हुई थी। बारिश कम होने का असर खेतीबाड़ी पर भी पड़ रहा है। मौसम के ट्रेंड को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले सप्ताह मौसम में सुधार होने के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जतायी है।

कम बारिश का खेती पर पड़ रहा असर
कम बारिश का असर खेती पर पड़ रहा है। विशेषकर धान की खेती पर इसका असर पड़ने की संभावना है। उंचे खेतों में पानी का अभाव हो गया है। महीनगांव के किसान सरफराज ने बताया के ऊंचे खेतों में पानी सूख गया है। अगर अगले एक सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पंपसेट से सिंचाई करने की मजबूरी होगी। क्योंकि अभी खेत में पानी नहीं रहने का असर उत्पादन पर पड़ेगा। सरफराज के अनुसार किसानों पर चौतरफा संकट है। पिछले माह बारिश अच्छी हुई तो जरुरत के अनुसार यूरिया नहीं मिल पाया। अब मौसम दगा दे रहा है।

गर्म बना रहेगा मौसम
कृषि विज्ञान केन्द्र अगवानपुर सहरसा के मौसम विज्ञानी संतोष कुमार ने बताया कि आद्रता 90 प्रतिशत तक रहने के कारण किशनगंज और पूर्णिया के कुछ हिस्सों में अभी मौसम ऐसा ही रहेगा। अगले एक सप्ताह तक गर्मी पड़ने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं बादल घिरेंगे, आंशिक बारिश भी हो सकती है लेकिन मौसम गर्म बना रहेगा।

माह- औसत बारिश, इस बार हुई बारिश (आंकड़ा मिमी में)
मई- 155.70 364.57
जून- 418.70 310.26
जुलाई- 546.50 481.31
अगस्त- 462.30 554.89

इस साल जिले में हुई अनियमित बारिश
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में किशनगंज में औसतन 155.70 मिमी बारिश होती है। लेकिन इस वर्ष मई महीने में 364.57 मिमी बारिश हुई। जून माह में 418.70 मिमी बारिश की जगह महज 310.26 मिमी बारिश हुई। जुलाई माह में किशनगंज का औसत वर्षापात 546.50 मिमी है जबकि इस साल यहां केवल 481.31 मिमी बारिश हुई। अगस्त माह में किशनगंज का औसत वर्षापात 462.30 मिमी है जबकि इस माह में यहां 554.89 मिमी बारिश हुई।

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