विरोध:राजद ने किया धरना प्रदर्शन, कहा नहीं मानी मांगें तो करेंगे उग्र प्रदर्शन

किशनगंज3 महीने पहले
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टाउन हॉल के सामने धरना पर बैठे राजद के कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
टाउन हॉल के सामने धरना पर बैठे राजद के कार्यकर्ता।
  • वक्ताओं के निशाने पर रहे मोदी, कहा-इनके शासनकाल में बिगड़ रही समरसता

प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शनिवार को जिला राजद इकाई ने टाउन हॉल के सामने धरना प्रदर्शन किया। तीन सूत्री मांगों के समर्थन में आयोजित धरना प्रदर्शन का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष सरवर आलम ने किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके शासनकाल में सामाजिक समरसता तेजी से बिगड़ रहा है। लोकतंत्र को समाप्त कर तानाशाही की ओर देश कदम बढ़ा रहा है। सांप्रदायिक ताकते सर चढ़कर बोल रहा है। जिससे देश का माहौल दिन व दिन बिगड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार की गलत नीति इसे और हवा दे रही है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी से लोगों की कमर ऐसे टूटी हुई है। अब महंगाई ने लोगों को आत्महत्या करने पर विवश कर दिया है। केंद्र सरकार देश में बढ़ती महंगाई से लोगों का ध्यान बांटने के लिए कभी एनसीआर तो कभी ऐतिहासिक धरोहर का नाम बदलकर अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्य जाति आधारित जनगणना की वकालत कर रही है। लेकिन केंद्र सरकार ऐसा करने से पीछे हट रही है। धरना में शामिल वक्ताओं ने कहा कि देश हित में राजद ने तीन सूत्री मांग केंद्र सरकार के सामने रखा है। जिससे दलित, वंचित एवं गरीब गुरबों को काफी लाभ मिलेगा। कार्यकर्ताओं ने आगाह किया कि अगर मांगे नहीं माने गए तो राजद उग्र प्रदर्शन करेगी।
शिष्टमंडल ने ज्ञापन सौंपा
धरना प्रदर्शन के बाद पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने पीएम को प्रेषित ज्ञापन जिला पदाधिकारी को सौंपा। जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मांग पत्र प्रॉपर माध्यम से भेज दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन में जिला प्रवक्ता देवेन यादव, प्रदेश सचिव एम के रिजवी, फरहान आलम, साजिद हुसैन, मोहम्मद बाबुल, जसीमुद्दीन, इकरामुल हक, साजिद आलम, शंभु यादव, गगन कुमार, जहिदुर्रह्मान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

ये हैं मांगें
जिला प्रभारी बदरे आलम बदर ने कहा कि राजद केंद्र सरकार से जाति आधारित जनगणना करवाने की मांग करती है। बिहार विधानसभा द्वारा भी दो बार सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर भेजा गया है। उन्होंने राज्य सरकार के पहल का भी स्वागत किया। वर्ष 1931 में ब्रिटिश सरकार ने जाति आधारित जनगणना करवाया था। उन्होंने कहा कि राजद बीपी मंडल आयोग की सिफारिशों को अक्षरशः लागू करने की मांग करती है। ताकि समाज के अंतिम पायदान पर रहे लोगों तक विकास की रोशनी पहुंचे। राजद ने मंच से आरक्षण बैक लॉग को भी लागू करने की मांग किया। मौके पर उपस्थित राजद के वरीय कार्यकर्ता उस्मान गनी ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की सेवाओं में, केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सचिवालय में, केन्द्रीय विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों में ओबीसी, एससी एवं एसटी श्रेणी की 50 से 80 पदों पर रिक्तियां है। उन तमाम रिक्तियों के विरुद्ध नियुक्ति एवं नामांकन की प्रक्रिया अविलंब प्रारंभ करने की मांग किया।

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