त्योहार:मकर संक्रांति को लेकर मंदिरों में की विशेष पूजा, आज भी मनाएं जाएंगे पर्व

किशनगंज5 दिन पहले
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श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में आकर्षक रूप से सजा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा - Dainik Bhaskar
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में आकर्षक रूप से सजा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा
  • कोरोना महामारी के बीच लोगों ने मनाई मकर संक्रांति का त्योहार

मकर संक्रांति को लेकर लोगों में काफी उल्लास है। यहां शहर में लोग शुक्रवार को और शनिवार दो दिन त्योहार को मना रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मंदिरों के पट बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं में काफी निराशा है। शुक्रवार के दिन स्थानीय धरमशाला रोड स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में आस्था व सादगी के साथ पुरोहित सूरजभान उपाध्याय व उनके सहयोगी रमेश यादव ने भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की प्रतिमा को आकर्षक रूप से सजाकर विशेष पूजा-अर्चना की। पुरोहित श्री उपाध्याय ने बताया कि शनिवार को सूर्य मकर राशि में शनि और बुध ग्रह के साथ गोचर करेंगे। जो मकर और कर्क राशि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। शनिवार के दिन संक्रांति का दान अत्यंत महत्वपूर्ण योग बना देता है। बहुत कम ऐसा योग बनता है कि शनिवार के दिन मकर सक्रांति मनाई जाए। उन्होंने कहा कि शनिवार को एक विशेष योग बना हुआ है जो प्रातः 9:51 मिनट तक है। वह योग सूर्य और चन्द्रमा का योग है, जो नवम पंचम योग है। जिसमें सूर्य से चन्द्रमा पंचम स्थान में होगा और चन्द्रमा से सूर्य नवम स्थान में होता है, ऐसे योग में किया हुआ दान अत्यंत फलित होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील किया कि सक्रांति के दिन दान करने के साथ-साथ ब्राह्मण और गाय को भोजन अवश्य करवाएं। ठाकुरगंज| शुक्रवार को मकर संक्रांति पर्व को लेकर घरों में उत्साह देखा गया। लोगों ने अहले सुबह पूजा-अर्चना कर चूड़ा-दही व तिल के बने लड्डू का प्रसाद ग्रहण किया। कई घरों में खिचड़ी का प्रसाद भी लोगों ने खाया। दूसरी ओर मकर संक्रांति के मौके पर लोगों ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को गर्म कपड़ों व कंबल का वितरण किया। महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोगों ने अपने घरों में ही पर्व मनाया। कोरोना महामारी के कारण इस बार चूड़ा -दही व खिचड़ी भोज पर रोक लगी रही। इतना ही नहीं बाजारों में पहले की तरह रौनक नहीं थी। अगले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दही, चूड़ा, तिलकुट, गुड़ की ब्रिक्री आधी रही।

दिघलबैंक में मनाया गया मकर संक्रांति, दही-चूढ़ा का लगाया भोग
दिघलबैंक| परंपरा का पर्व मकर संक्राति प्रखंड में हर्षाेल्लास के साथ मनाया जा रहा है। प्रखंड के गांव से लेकर सीमा से सटे नेपाल तक महिला-पुरुष शुक्रवार की अहले सुबह से पर्व की तैयारी में लगे रहे। कई लोग आज भी पर्व मनाएंगे। पर्व को लेकर कनकई नदी में लोगों ने डुबकी लगा अन्नदान कर पूजा-अर्चना की तथा चूड़ा, दही, गुड़ एवं तिल सहित मिष्ठान भोजन किया। खरमास समाप्ति के बाद मनाये जाने वाले इस पर्व पर कई लोगों ने नये वस्त्र धारण किये तथा पुरोहिताें को भोजन कराया। विभिन्न गांव एवं परिवारों में अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार यह पर्व मनाया गया। स्थानीय पंडित गंदर्भडांगा निवासी घनश्याम झा ने बताया कि शुक्रवार को रात्री 8 के बाद सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करेगा जो शनिवार को भी संक्रांति का पर्व मनाया जायगा। संक्रांति को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र के मंदिरटोला, नेपाल झापा जिला माय नदी (कनकई) के दो मुख्खा, सुरंगा, रंगयाथान में भव्य मेले का आयोजन किया गया है।

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