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विरोध:कृषि कानून के खिलाफ एनएच सहित बहादुरगंज पौआखाली और दिघलबैंक में यातायात बाधित

किशनगंजएक महीने पहले
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दिघलबैंक के इकड़ा पंचायत स्थित कुम्हिया चौक पर एनएच जाम करते एआइएमआइएम के कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
दिघलबैंक के इकड़ा पंचायत स्थित कुम्हिया चौक पर एनएच जाम करते एआइएमआइएम के कार्यकर्ता।
  • चक्का जाम का जिले में मिला-जुला असर, जिला मुख्यालय में जाम का कहीं कोई असर नहीं दिखा
  • इंटर की परीक्षा को देखते हुए दोपहर 12 के बजाय एक बजे से किया जाम

किसान बिल के खिलाफ आयोजित चक्का जाम का जिले में मिला-जुला असर रहा। किशनगंज शहर में जाम का कहीं कोई असर नहीं दिखा। एनएच 27 पर अन्य दिनों की तरह ही गाड़ियां दौड़ती रही। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चक्का जाम प्रभावी रहा। किसान संगठनों द्वारा आहूत चक्का जाम को विपक्षी दलों ने भी समर्थन दिया था। लेकिन शनिवार को हुए जाम में ग्रामीण क्षेत्रों में एआइएमआइएम, जाप व वाम दलों के नेता, कार्यकर्ता ही नजर आए। अररिया से वाया बहादुरगंज गुजरनेवाली एनएच 327 ई को जिले में तीन जगहों पर आंदोलनकारियों ने जाम किया। चक्का जाम का समय दोपहर एक बजे से तीन बजे तक रखा गया था। इस दौरान बहादुरगंज के एलआरपी चौक, दिघलबैंक प्रखंड के कुम्हिया चौक व पौआखाली के एलआरपी चौक आंदोलनकारियों ने सड़क जाम किया। कहीं किसान बिल विरोधी कार्यकर्ता सड़क पर चटाई बिछाकर बैठ गए तो कहीं बेंच वगैरह लगाकर जाम कर दिया। अभी इंटरमीडिएट की परीक्षा चल रही है। इसको ध्यान में रखते हुए आंदोलनकारियों ने दोपहर 12 बजे के बजाए एक बजे से जाम किया। इस दौरान आवश्यक सेवाओं के वाहनों को जाम से निकलने दिया जा रहा था। जाम के कारण एनएच 327 ई पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। तीन बजे के बाद जाम छूटने के बाद एन एच पर परिचालन शुरु हो पाया।
कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की
सरकार द्वारा लाये गए तीन नए कृषि बिल के खिलाफ एवं किसानों के समर्थन में नेशनल हाईवे 327ई में चक्का जाम किया गया। शनिवार दोपहर 1 बजे के बाद चक्का जाम किया गया। इकड़ा पंचायत अंतर्गत कुम्हिया चौक में बहादुरगंज-ठाकुरगंज एनएच 327 ई पर चक्का जाम किया गया। लोगों ने सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। चक्का जाम की अगुवाई एआईएमआईएम की महिला प्रखंड अध्यक्ष पम्मी बेगम ने की। इंटरमीडिएट परीक्षा को देखते हुए चक्का जाम आंदोलन को 1 बजे आरंभ किया गया। जाम के दौरान इमरजेंसी सेवा को बाधित नहीं किया गया। आंदोलन में पम्मी बेगम, अफसर आजाद, कामरान सबा, नजर हयात, अख्तर आलम, दिलशाद शेख, तस्कीर आलम, मोहम्मद किन्नू, फराग अंजुम आदि दजनों लोग शामिल थे।

बहादुरगंज : केंद्र की मोदी सरकार के विरोध में जमकर की नारेबाजी
किसान आंदोलन के समर्थन में जाप के बैनर तले पार्टी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बहादुरगंज के एलआरपी चौक पर चक्का जाम किया एवं केन्द्र की मोदी सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। चक्का जाम के कारण बहादुरगंज- अररिया, बहादुरगंज- किशनगंज तथा बहादुरगंज- ठाकुरगंज मुख्यमार्ग घंटों जाम की चपेट में रहा। जिससे घंटों तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। आन्दोलन के समर्थन में आयोजित चक्का जाम में सैकड़ों किसानों ने भी भागीदारी दी। मौके पर प्रदर्शनकारी नेताओं ने किसानों के हित को देखते हुए केन्द्र सरकार से किसान विरोधी काले कानून को वापस लेने की मांग की। मौके पर बीडीओ डॉ राकेश गुप्ता व थानाधय्क्ष संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस- प्रशासन के अधिकारी व जवानों की कड़ी मशक्कत के बाद जाम को समाप्त किया गया एवं आवागमन शुरू हुआ। आन्दोलन की अगुवाई कर रहे जाप के जिलाध्यक्ष मंसूर आलम ने बताया कि केन्द्र सरकार ने जिस कदर किसानों के हित की अनदेखी कर कृषि कानून को जबरन थोपा है इसका खामियाजा सरकार को उठाना ही पड़ेगा। आन्दोलन के दौरान जाप के जिलाध्यक्ष मंसूर आलम, हरिमोहन सिंह, लाड बाबू उर्फ नसीम, नूर कलाम, साकिर आलम, महबूब आलम, नाहिद आलम, मोजीब आलम, मरगुब आलम, आशिक आलम, मुजककीर आलम, सोहेल अख्तर, डॉ परवेज, दिलनवाज आलम, तस्लीमउद्दीन सहित सैकडों प्रदर्शकारी मौजूद थे। दूसरी ओर बहादुरगंज के कटहलबाड़ी में भी किसान बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यहां प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और कानून को वापस लेने की मांग की।

पौआखाली में एनएच-327 ई पर चटाई बिछाकर बैठे नेता।
पौआखाली में एनएच-327 ई पर चटाई बिछाकर बैठे नेता।

पौआखाली : एनएच 327 ई एलआरपी चौक को जामकर धरना प्रदर्शन किया
ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत पौआखाली चौक पर शनिवार को किसान संगठनों के भारत बंद को लेकर सीपीएम महागठबंधन सहित अन्य विपक्षी पार्टी द्वारा किसानों के समर्थन में एनएच-327 ई एलआरपी चौक को जाम कर धरना प्रदर्शन किया गया। मौके पर पौआखाली पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू ने कहा कि केंद्र सरकार किसान की मांग को पूरा करे, भारत जैसे कृषि प्रधान देश में केंद्र सरकार को किसानों की समस्या पर विचार कर जल्द ही इस कानून को रद्द करना चाहिए। नौशाद आलम ने कहा कि सरकार इस तरह के काला कानून को जल्द वापस ले। मौके पर सीपीएम नेता शंकर बहादुर, मुखिया जारदीश आलम, सहित अन्य दलों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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