आक्रोश:खाद उपलब्ध नहीं होने से नाराज किसानों ने किया सड़क जाम

कुर्साकांटा6 दिन पहले
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सड़क जाम कर प्रदर्शन करते किसान। - Dainik Bhaskar
सड़क जाम कर प्रदर्शन करते किसान।
  • जनप्रतिनिधि व पुलिस प्रशासन ने किसानों को समझा कर सड़क जाम को हटवाया

प्रखंड क्षेत्र में यूरिया की कमी के कारण किसान काफी परेशानी का सामना करने पर विवश हो रहे हैं। किसान रात के समय से ही खाद दुकान के आगे लाईन लगा कर खड़े रहते हैं कि सुबह होते ही खाद मिल जाएगा। लेकिन जब सुबह होती है तो कभी खाद उपलब्ध नहीं रहने की बात कह कर तो कभी भीड़ को देखते हुए प्रशासन के तरफ से किसानों को बेरंग वापस भेज दिया जाता है। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में किसान कुर्साकांटा बाजार स्थित शहनवाज खाद बीज भंडार दुकान के आगे खड़े रहे। दोपहर तक जब खाद का वितरण नहीं किया गया तो किसानों का सहनशक्ति समाप्त हो गया। गुस्साए किसानों ने कुर्साकांटा-कुआड़ी मार्ग को जाम कर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन में शामिल श्रवण शुक्ला, राजेन्द्र बहरदार, मयानंद राम, धनंजय मंडल, प्रमोद यादव, जितेंद्र मंडल, मो. इनुस, मो. रहमान, फरीद मियां, जनेब खातून, बीबी असमत आदि ने बताया कि एक सप्ताह से खाद के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं। लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद के आभाव में गेहूं व मक्का पौधा बर्बाद हो रहा है। गरीब किसान के पास खेती ही एक सहारा है। वह भी अगर बर्बाद हो गया तो परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे। वहीं जाम की खबर मिलते ही समिति सदस्य मुन्ना सिंह व पुलिस प्रशासन के पुअनि शिवनारायण यादव, सअनि अजय कुमार सदलबल स्थल पर आकर आक्रोशित किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया। मुख्य सड़क होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।

किसानों को जमीन की लगान रसीद पर मिलेगी खाद, आदेश हुआ जारी

सिकटी | अब किसानों को यूरिया खाद लेने के लिए जमीन की रसीद और आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करना होगा। यूरिया की कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए यह नया नियम लागू किया गया है। मुख्यत: एक से अधिक बैग लेने वालों के लिए यह नियम तो अनिवार्य किया ही गया है। इसके अलावा सामान्य रूप से भी सभी किसानों को आधार कार्ड की छायाप्रति जमा कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना अब यूरिया नहीं मिल सकेगा। असल में हाल के दिनों में बड़े किसानों द्वारा ज्यादा यूरिया का उठाव कर छोटे किसानों को अधिक मूल्य पर उपलब्ध कराने की भी कई शिकायतें सामने आने के बाद बड़े पैमाने पर यह सख्ती की जा रही है।

पिछली रबी फसल के अनुपात में दो गुणा अधिक आया यूरिया
जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि सिकटी प्रखंड के सभी दुकानों पर बराबर मात्रा में यूरिया खाद जा रहा है। यूरिया खाद की कोइ कमी नहीं है बावजूद इसके किसानों को यूरिया खाद के लिये इस कडाके के ठंढ में सुबह के तीन चार बजे खाद दुकान के आगे लाइन में लगना पड़ता है। लाइन में लगने के बाद भी यूरिया खाद मिलेगा कि नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। यूरिया खाद को लेकर किसान काफी परेशान दिख रहे हैं।

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