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तूफान का असर:2140 एकड़ में 33 सौ किसान करते हैं सब्जी की खेती, चक्रवात से 60%फसल हुई बर्बाद

लखीसराय24 दिन पहले
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यास तूफान के गुजरने के बाद बर्बाद खीरे की फसल को दिखाते किसान, बारिश की वजह से कद्दू की गली हुई लताएं। - Dainik Bhaskar
यास तूफान के गुजरने के बाद बर्बाद खीरे की फसल को दिखाते किसान, बारिश की वजह से कद्दू की गली हुई लताएं।
  • फसल क्षतिग्रस्त होने से किसानों को हुआ आर्थिक नुकसान
  • 940 एकड़ में ऑर्गेनिक खेती, पारंपरिक कृषि से जुड़े हैं 1200 किसान

चक्रवात तूफान यास ने जिले में 2140 एकड़ जमीन में लगी कद्दू, करेला, खीरा, नेनुआ, बोड़ा, भिंडी आदि सब्जी की फसल का प्रभावित किया है। तूफान और बारिश ने 60 प्रतिशित से अधिक की खेती का बर्बाद कर दिया है और किसानों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 2140 एकड़ में 33 सौ से अधिक किसान सब्जी की खेती करते हैं। सब्जी की खेती मुख्य रूप से जिले के मेदनीचौकी, पिपरिया, हलसी, रामगढ़ चौक, लखीसराय, बड़हिया आदि जगहों पर होती है। डीएओ भरत प्रसाद सिंह एवं जिला उद्यान पदाधिकारी निरंजन कुमार ने बताया कि जिले में ऑर्गेनिक तरीके से 940 एकड़ में 932 किसान सब्जी की खेती करते हैं, जबकि 12 सौ एकड़ में लगभग 2400 किसान पारंपरिक तरीके से सब्जी का उत्पादन कर रहे है।
चानन में 70 प्रतिशित खेती चौपट
चानन ।
यास चक्रवात के चलते बदले मौसम में लगातार बारिश हुई इससे फसल खराब होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। लगातार बारिश से किसानों की खेती में टमाटर, कद्दू, भिंडी, फूलगोभी, पत्तागोभी, खीरा, बैगन, करैला, बोड़ा, फ्रेंचबीन, मिर्चा, ओल की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जबकि, गांव के लोगों की जीविका का एक मात्र साधन खेती है। किसानों ने हाड़तोड़ मेहनत करके सब्जी लगाकर पटवन किए थे। इसी बीच हुई बारिश ने किसानों की उम्मीद को तोड़ दिया है। इस बारिश से प्रखंड क्षेत्र में लगे सैकड़ों बीघा में लगे सब्जी की 70 प्रतिशत से अधिक की खेती चौपट हो गई है।

किसानों ने कर्ज लेकर की थी खेती
पिपरिया ।
यास चक्रवात का असर प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में व्यापक रूप सेपड़ा है जिससे खेतों में लगे सब्जी का फसल बर्बाद हो गया है। तीन दिनों तक चले आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में लगे सब्जी की फसल में जल जमाव होने से सब्जी लगभग खत्म हो चुका है। दियारा क्षेत्र के रामचंद्रपुर, वलीपुर, रहाटपुर, रामनगर, पथुआ आदि गांव के किसानों ने सैकड़ों बीघा में कद्दू, भिंडी, खीरा, करैला, परोल, मिर्च आदि सब्जी की खेती की थी। किसानों ने मंहगे कर्ज लेकर बीज खरीद और खेतों में सब्जी लगाया लेकिन यास का असर इतना पड़ा कि अधिकांश किसानों की सब्जी के खेतों में जल जमाव हो जाने से सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गया है। जिससे किसान काफी चिंचित हैं।

नुकसान का आकलन कर मिले क्षतिपूर्ति
किसान गोपाल महतो, साधु यादव, दिनेश मंडल,चंद्रिका महतो, सुधीर महतो, प्रदीप यादव का कहना है कि प्रकृति की मार ने हम किसानों लाचार बना दिया है। प्रखंड क्षेत्र में बारिश से हुए किसानों के सब्जी के फसलों के नुकसान को लेकर सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति दी जाए।

किसानों को क्षति का मिलेगा मुअावजा
किसानों के हुए क्षति का आकलन करने के लिए कृषि सलाहकार और कृषि समन्वयक के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। जिस क्षेत्र में 30 फीसदी से अधिक सब्जी के फसल को क्षति पहुंचा है। भरत प्रसाद सिंह, डीएओ।

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