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  • After Getting The Migrants Checked, 100 Beds Are Empty In The Quarantine Center Of DIET For Treatment, Not A Single Patient Arrived In 25 Days, If Found Infected.

राहत:प्रवासियों की जांच के बाद संक्रमित मिलने पर इलाज के लिए बने डायट के क्वारेंटाइन सेंटर में 100 बेड खाली, 25 दिनों में नहीं आए एक भी मरीज

राजेंद्र घोष | लखीसराय2 महीने पहले
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किऊल रेलवे स्टेशन पर खाली पड़ा काविड जांच कैंप। - Dainik Bhaskar
किऊल रेलवे स्टेशन पर खाली पड़ा काविड जांच कैंप।
  • स्टेशन पर जांच की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह हुई फेल
  • प्रवासियों को क्वारेंटाइन सेेंटर तक ले जाने के लिए स्टेशन पर नहीं हो सकी वाहनों की व्यवस्था

जिला प्रशसन ने बाहर से आ रहे प्रवासियों की जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद डायट में क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर 100 बेड की व्यवस्था की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते 25 दिनाें में भी कोई मरीज वहां नहीं पहंुचा। जिला प्रशासन के निर्देश पर आने वाले प्रवासियों की कोविड जांच के लिए किऊल एवं लखीसराय स्टेशन पर कैंप लगाया गया है। इसका उद्देश्य मुबई, सूरत, दिल्ली एवं बिहार के बाहर से आने वाले यात्रियों की काविड जांच कर संक्रमित मिलने के बाद क्वारेंटाइन सेंटर में भेजना था। जांच कैंप उद्देश्य में सफल नहीं हो सका। स्टेशनों पर लगे कैंप में जांच की खानापूर्ति होती रही। इन 25 दिनों में रेलवे द्वारा पुणे, मुंबई पनवेल एवं दिल्ली से चलाई गई कई स्पेशल ट्रेनें किऊल पहुंची। स्पेशल ट्रेनों का परिचालन अब भी जारी है। प्रशासनिक व्यवस्था के चलते किसी भी प्रवासियों की स्टेशन पर न तो जांच हुई और न ही सेंटर तक पहुंचाया गया। नतीजा सेंटर की सारी व्यवस्था धरी रह गई। कोई भी मरीजों को वहां तक नहीं पहंुचाया गया। मरीजों के नहीं आने से 100 बेड खाली पड़े हुए हैं।

पुणे से आई ट्रेन से उतरे यात्री बिना जांच के ही चले गए गंतव्य की ओर।
पुणे से आई ट्रेन से उतरे यात्री बिना जांच के ही चले गए गंतव्य की ओर।

कागजों पर की गई वाहनों की व्यवस्था
जिला प्रशासन ने संक्रमितों को कोरिटिन सेंटर तक पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था के लिए आदेश जारी किया था। परिवहन विभाग को दोनों स्टेशनों के लिए संक्रमितों की संख्या के आधार पर वाहनों की व्यवस्था करनी थी। स्टेशन पर न बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच हो सकी न ही वाहनों का इंतजाम ही किया जा सका।

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