जिम्मेदार बने लापरवाह / जल निकासी के लिए 60 करोड़ का बजट, साल में 6 से सात बैठक फिर भी वर्षा में भी झील बना शहर

वार्ड संख्या  31 में वारिश का पानी जमा हो जाने के कारण घर से लोगों को हो रही परेशानी। वार्ड संख्या 31 में वारिश का पानी जमा हो जाने के कारण घर से लोगों को हो रही परेशानी।
नगर परिषद के वार्ड संख्या  दो एवं तीन में बारिश का पानी जमा हो जाने के कारण लोगो को हो रही परेशानी नगर परिषद के वार्ड संख्या दो एवं तीन में बारिश का पानी जमा हो जाने के कारण लोगो को हो रही परेशानी
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वार्ड संख्या  31 में वारिश का पानी जमा हो जाने के कारण घर से लोगों को हो रही परेशानी।वार्ड संख्या 31 में वारिश का पानी जमा हो जाने के कारण घर से लोगों को हो रही परेशानी।
नगर परिषद के वार्ड संख्या  दो एवं तीन में बारिश का पानी जमा हो जाने के कारण लोगो को हो रही परेशानीनगर परिषद के वार्ड संख्या दो एवं तीन में बारिश का पानी जमा हो जाने के कारण लोगो को हो रही परेशानी

  • शहर में सफाई के नाम पर हर महीने 30 लाख खर्च, फिर भी नाले जाम, 90.8 एमएम सामान्य बारिश में ही शहर बन गया झील, अभी बरसात शेष, जिम्मेदार कर रहे खानापूर्ति
  • लगातार बारिश से शहर का कई हिस्सा डूबा, घरों में पानी कर गया प्रवेश, लोग परेशान
  • 10 वार्डों के लोग जलजमाव से हैं त्रस्त

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

लखीसराय. जल जमाव शहर की स्थाई समस्या बन गई है। बरसात के समय सड़क समंदर तो मोहल्ले झील बन जाते हैं। हालांकि प्रत्येक साल के बजट में जल निकासी की योजनाएं बनती, धतराल पर नहीं उतरती। जल जमाव से शहर की अाधी आबादी प्रभावित है। शहरवासी सालों से जलजमाव की यातना झेल रहे हैं। 33 वार्ड में से करीब 10 वार्डों के लोग जल जमाव की गंभीर समस्या सालों से झेल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2020- 21 में जल निकासी के लिए 60 करोड़ की योजना बनाई गई है। इसके लिए सड़क किनारे बड़े नाले एवं कई स्थानों पर डायवर्सन का प्रावधान किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में भी जल जमाव की समस्या के निदान के लिए करोड़ों का प्रावधान किया गया था। फिर भी शहर डूबा। किऊल नदी के किनारे बसे शहर में जल जमाव एवं निकासी के लिए न तो नगर परिषद गंभीर है अौर नहीं जनप्रतिनिधि। नतीजा शहर की अाबादी बढ़ती जा रही है। नये मोहल्ले बस रहे हैं। जल जमाव की समस्या सालों साल गंभीर होती जा रही है। 
जल निकासी की योजनाएं कागजों पर ही बनती रही। नगर परिषद की होने वाली सामान्य बोर्ड की बैठकों में हर बार जल जमाव का मुद्दा उठता है। साल मंे बोर्ड की करीब 7 से 8 बैठकें होती है। शहर के निचले हिस्से में बसे वार्ड जल जमाव की समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बरसात शुरू हाेने के साथ ही उन वार्ड में रहने वाले लोगों को जल जमाव की चिंता सताने लगती हैं। सामान्य बारिश में ही शहर झील बन जाता है।
बरसात आने पर ही जागता है नप प्रशासन
 बरासत शुरू होने पर नप प्रशासन जागता है। इसके पहले गहरी नींद में सोती है। शहर में जल जमाव की काई चिंता नहीं होती। यदि बरसात आने के पहले नाले की उड़ाही की जाय तो कुछ हद तक शहर को डूबने से बचाया जा सकता है। कई जगहों पर सड़क से ऊपर बने नाले के कारण सड़कों पर जल जमाव हो रहा तो कहीं नाले की उड़ाही एवं सफाई होने से जल जमाव की समस्या बन रही है। मुहल्ला डूबने लगा तो नाले की सफाई के नामपर खानापूरी की जा रही है। हर साल की तरह इस वर्ष भी जल निकासी के लिए वित्तीय वर्ष 2020- 21 में 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रधान सड़क एवं एनएच 80 के दोनों किनारे बड़े नाले की योजना बनाई गई है। इसके अलावा हरोहर नदी तक नाला निर्माण की योजना को प्रस्ताव मंे लिया गया है। ऐसी योजनाएं हर साल बनती। समस्या का सामधान नहीं होता। बरसात के समय नाला निर्माण का कार्य शुरू करती है। इसके पहले नगर परिषद सोई रहती है।  

सालों से डूब रहा कलेक्ट्रेट से लेेकर कई मोहल्ला
बरसात में झील के रूप में दिखना शहर की नीयती बन गई है। रविवार की देर रात से सोमवार औसतन 90.8 एमएम सामान्य बारिश हुई। बारिश के कारण कलेक्ट्रेट परिसर व आवसीय इलाका, ब्लॉक परिसर, रेलवे पुल के पास, बाजार समिति, कबैया रोड, इंग्लिश मुहल्लाें के अलावा वार्ड नंबर 1, 2, 3, 4 में तीन से पांच फीट तक पानी में डूब गया है। घराें में भी पानी धुस गया है। घर से बाहर तक लोगों की मुश्किल बढ़ गई हैं। 
अतिक्रमणमुक्त हो मनसिंघा पइन तब निदान 

वार्ड संख्या 16 के पार्षद गौतम कुमार ने बताया कि शहर को जल जमाव से मुक्ति के लिए मनसिंघा पईन को अतिक्रमण मुक्त कराना होगा। जिला प्रशासन एवं नगर परिषद को मास्टर प्लान बनाने की जरूरत है। हालांकि नगर परिषद नाले पईन की सफाई करा रहा है। हर साल बारिश में जलजमाव होता है। इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। पईन की सफाई जरूरी है।

नाला और पइन की हुई है उड़ाही और सफाई 
^बरसात के दो महीने पहले मनसिंधा पईन सहित बड़े नालों की उड़ाही व सफाई कराई गई है। जल जमाव की समस्या के स्थाई निदान के लिए नगर विकास विकास विभाग को प्रस्ताव दिया गया है। राशि आवंटित होने पर जल निकासी की योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा।
अरविंद पासवान, सभापति, नप

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