परेशानी / नक्सल प्रभावित पहाड़ी गांवों में पेयजल संकट, झरना के पानी पर ग्रामीण निर्भर

Drinking water crisis in Naxal-affected hill villages, rural dependent on waterfall
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Drinking water crisis in Naxal-affected hill villages, rural dependent on waterfall

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:38 AM IST

लखीसराय. थाना क्षेत्र में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे ही ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। थाना क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल का संकट गहरा गया है। लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। नक्सल प्रभावित काली कोड़ासी बरियारपुर, घोघी कोड़ासी, लठिया कोड़ासी, संथाली टोला, बरियासन में लोग पेयजल के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं।
    लोगों को इस चिलचिलाती धूप में पानी के लिए संघर्ष करते देखा जा रहा है। जल स्रोतों के हलक सूख चुके हैं। जलस्तर नीचे चले जाने की वजह से चापाकल से पानी नहीं निकल रहा है। वही टाली कोड़ासी बरियारपुर में सरकारी हैंडपंप मात्र दिखावा बन कर रह गया है। टाली कोड़ासी के लोग एकमात्र प्राकृतिक जल स्रोत झरना पर निर्भर हैं। टाली के नाम से प्रसिद्ध जल स्रोत से ही दूर-दूर से लोग पानी लाने को विवश हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए मोबाइल टीम के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में चापाकल की मरम्मती कराई जा रही है। लेकिन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में अब तक एक भी सरकारी चापाकल की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। जिससे इलाके के लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए अब तक कोई सरकारी मशीनरी नहीं पहुंची है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सरकार हर घर नल जल योजना से घरों तक शुद्ध जल पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है। लेकिन हम लोग आज भी नदी-झरना से पानी पीने को विवश हैं। प्रशासन को इस दिशा में तत्काल पहल 
करनी चाहिए।

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