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लापरवाही पर चेतावनी:कोविड के आइसोलेशन वार्ड में बेरोकटोक प्रवेश कर रहे थे भर्ती मरीजों के परिजन, अस्पताल प्रबंधन को डीएम ने फटकारा

लखीसरायएक महीने पहले
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निरीक्षण के दौरान सीएस से पूछताछ करते डीएम। - Dainik Bhaskar
निरीक्षण के दौरान सीएस से पूछताछ करते डीएम।
  • डेडीकेटेड कोविड-19 हेल्थ केयर सेंटर के नोडल पदाधिकारी ने सदर अस्पताल का किया निरीक्षण
  • डीएम ने कहा-कोविड वार्ड की कराएं घेराबंदी ताकि कोई अंदर न जा सके, ऐसे तो और बढ़ेगा संक्रमण

सदर अस्पताल में डेडीकेटेड कोविड-19 सेंटर में भर्ती मरीजों की स्थिति एवं व्यवस्था जानने शुक्रवार शाम डीएम संजय कुमार सिंह अधिकारियों के साथ पहुंचे। तेतरहाट कोविड केयर सेंटर का भी निरीक्षण किया। सदर अस्पताल में भर्ती कोविड के गंभीर मरीजों के वार्ड में कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन कर परिजनों के प्रवेश को देख डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने कोविड वार्ड में मरीजों के एटेंडेंट के बेरोकटोक प्रवेश को गंभीर बताते हुए अविलंब रोकने का निर्देश दिया। कहा कि मरीज के परिजन केवल मास्क में कोविड वार्ड में मरीजों की देखभाल कर रहे हैं, ऐसे में संक्रमण बढ़ेगा। डीएम ने कोविड वार्ड में प्रवेश करने वाले मरीजों के परिजनों को भी फटकारा। कहा कि कोविड वार्ड की बैरिकेटिंग कर घेराबंदी करें ताकि कोई भी परिजन वार्ड में जा नहीं सके। बिना पीपीई किट पहने वार्ड के अंदर प्रवेश करने से परिजनों के भी संक्रमित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। डीएम ने निरीक्षण के क्रम में सदर अस्पताल के कोविड वार्ड के लिए प्रतिनियुक्त डॉक्टर और कार्यरत एएनएम से दवा की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी लिया। डॉक्टर ने बताया कि स्टॉरायड का इंजेक्शन और ब्लड थिनर की दवा उपलब्ध नहीं है। सिविल सर्जन को जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। निरीक्षण के दौरान एसडीओ संजय कुमार, डीसीएलआर संजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र कुमार चौधरी, कार्यापालक दंडाधिकारी राजीव मोहन सहाय, डीपीएम खालिद हुसैन सहित अन्य लोग मौजूद थे।

ग्लव्स व कचरा फेंका देख नाराज
डीएम के निरीक्षण के क्रम में स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों के परिजनों के द्वारा हैंड गलब्स के कवर को जहां-तहां फेंका पाया गया। डीएम ने इसके गंभीरता से लेते हुए आऊटसोर्स और सफाई की व्यवस्था को देखने वालों को स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह से कचड़ा बिखरे रहने पर संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। उन्होंने सिविल सर्जन को बैरिकेटिंग करने का भी निर्देश दिया। वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित रास्ते को चालू नहीं करने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लेते हुए दो दिन के अंदर इसे चालू करने का निर्देश दिया है।

फार्मासिस्ट से मांगा स्पष्टीकरण
डीएम ने निरीक्षण के दौरान फार्मेसी का काऊंटर बंद रहने पर फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। डीएम को बताया गया कि ओपीडी 2 बजे तक ही रहती है। इसलिए काऊंटर बंद है। इमरजेंसी में दवा रहती है। डीएम ने कोविड के मरीजों को ओरल दवा देने के लिए काऊंटर को दोनों शिफ्ट में खोलने का निर्देश दिया। कहा कि दवा काऊंटर हमेशा खुला रहे, ताकि मरीजाें को जरुरत के हिसाब से दवा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 217 पीस रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध है। जरुरतमंद मरीजों को इसका भी लाभ दिए जाने का निर्देश दिया गया है।

कोविड वार्ड में घेराबंदी करने का निर्देश देते डीएम।
कोविड वार्ड में घेराबंदी करने का निर्देश देते डीएम।

74 के स्वाब सैंपल में तीन पॉजिटिव
रामगढ़ चौक|
पीएचसी में प्रबंधक अरुण कुमार की निगरानी में 74 लोगों का स्वाब सैंपल लिया गया। 20 लोगों के स्वाब सैंपल आरटी पीसीआर जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना भेजा गया। चार व्यक्ति के स्वाब सैंपल ट्रूनेट मशीन से जांच के लिए सदर हॉस्पिटल भेजा एवं 50 व्यक्ति के स्वाब सैंपल की जांच रैपिड एंटीजन किट से हुई। जिसमें तीन कोरोना पॉजिटिव मिले। चिकित्सा प्रभारी डॉ. कंचन ने बताया कि तीन पॉजिटिव में एक व्यक्ति लखीसराय बाजार के एवं दो रामगढ़ चौक प्रखंड के बिल्लो ग्राम के एक एवं सोंधी के एक व्यक्ति पॉजिटिव मिले।

बड़हिया के 51 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना से मौत
बड़हिया |
बड़हिया में तमाम प्रयास और जागरूकता अभियान के बावजूद संक्रमण नहीं थम रहा है। बड़हिया नगर के वार्ड नम्बर 22 में कोरोना संक्रमित एक 51 वर्षीय समाजसेवी की शुक्रवार की सुबह पटना स्थित निजी अस्पताल में मौत हो गई। बता दें कि कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। बड़हिया नगर व प्रखंड में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बड़हिया नगर पंचायत के वार्ड नम्बर 22 निवासी निवासी 51 वर्षीय समाजसेवी बमशंकर कुमार की तबियत खराब होने के बाद परिजनों ने 15 दिन पूर्व इलाज के लिए पटना लेकर पहुंचे। जहां कोरोना जांच में वह संक्रमित निकले। इसके बाद उन्हें वहीं निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां इलाज के दौरान शुक्रवार के सुबह उनकी मौत हो गई।

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