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अवैध भवनों का निर्माण:बिना नक्शा के शहर में बन रहे मकान और भवन, कर्मी लगा रहे नप के राजस्व को चूना

लखीसराय13 दिन पहले
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  • चार साल पहले शहर में रजिस्टर्ड होल्डिंग 20661 के आधार पर अब भी हो रही टैक्स वसूली

कर्मी ही नगर परिषद के राजस्व को चूना लगाने पर तुले हैं। शहर में बिना नक्शा के धड़ल्ले से मकान एवं भवनों का निर्माण हो रहा है। खास कर बाइपास चालू के होने के बाद उसके इर्द गिर्द बड़ी संख्या में लोग बस रहे हैं। अपना मकान बना रहे हैं। एक तो होल्डिंग टैक्स की वसूली में नगर परिषद हांफ रही है।

दूसरी ओर बिना नक्शा वाले मकान व भवनों के रोज हो रहे निर्माण से भी नगर परिषद के राजस्व को चूना लग रहा है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि नगर परिषदकर्मियों की सांठ गांठ से ही यह संभव हो रहा है। चार साल पहले शहर में रजिस्टर्ड होल्डिंग की 20661 थी। इसी संख्या के आधार पर नगर परिषद टैक्स की वसूली भी कर रही है। इन चार सालों में काफी संख्या में नये मकान एवं भवनों का निर्माण हुआ है, लेकिन अभी तक होल्डिंग टैक्स के दायरे में नहीं आया है।

इसमें नप की लापरवाही कहें या कर्मियों की मिलीभगत, नुकसान तो नगर परिषद के राजस्व का ही हो रहा है। जीआईएस मैपिंग पूरा नहीं होने से नगर परिषद के पास भवनों का कोई सही अंाकड़ा नही है।हालांकि जीआईएस मैपिंग का काम तीन साल पहले शुरू किया गया था। बावजूद इसके मैपिंग अभी तक अधूरा है।

चार साल में लगभग 800 के आस पास नये मकान व भवन बने होंगे। कई प्रकार से नगर परिषद के होल्डिंग टैक्स की चोरी हो रही है। नक्शा कुछ है और भवन का निर्माण कुछ और किया गया है। टैक्स चोर में नप कर्मी भी कम जिम्मेवार नहीं हैं। टैक्स कलेक्टरों की साठ गांठ से टैक्स की चोरी हो रही है। नगर प्रशासन भी ऐसा मानता है।

हर साल नप से करीब 200 नक्शे की ही मिलती स्वीकृति, नहीं होती जांच

सवाल-1 : जब नगर प्रशासन खुद मानता है कि टैक्स कलेक्टरों की सांठ-गांठ से हो रही चोरी तो आखिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई सवाल-2 : चार साल में जिस तेजी से शहरीकरण बढ़ा उसी अनुपात में नप की आय व सुविधाएं क्यों नहीं बढ़ाई जा रही हैं सवाल-3 : आय बढ़ाने के उपाय नहीं तो टैक्स कलेक्टरों के अधिकार क्यों सीज नहीं हुए विभागीय कार्रवाई भी क्यों नहीं हुई सवाल-4 : बिना नक्शा के बनाए जा रहे मकान और भवन तो उनपर नगर परिषद क्यों मेहरबान बना हुआ है

होल्डिंग टैक्स नप का है सबसे बड़ा आय का स्रोत

होल्डिंग टैक्स नप के आंतरिक संसाधन का सबसे बड़ा स्रोत है। मगर होल्डिंग टैक्स की आधी वसूली भी नहीं हो पाती है। शहर में कई ऐसे बड़े बकाएदार भी हैं जो सालों से होल्डिंग टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। टैक्स वसूली नहीं होने के पीछे नप के टैक्स कलेक्टर कहीं न कहीं जिम्मेवार है।

बकाएदारों पर नप करेगा कार्रवाई

नप सभापति अरविंद पासवान ने कहा कि होल्डिंग टैक्स वसूली तेज होगी। बकाएदारों पर भी कार्रवाई होगी। कई कारणों से लक्ष्य के विरुद्ध होल्डिंग टैक्स की वसूली नहीं हुई है। बिना नक्शा मकान व भवन निर्माण करने वालों पर 1 से 10 लाख रूपये जुर्माने लगाने का प्रावधान हैं।

नगर परिषद अपने कर्मियों पर भी शिकंजा कसेगा। दो महीने में टैक्स वसूली में सुधार नहीं हुआ तो टैक्स कलेक्टरों के अधिकार सीज होंगे। विभागीय कार्रवाई भी होगी। ऐसे टैक्स कलेक्टरों को चिह्नित किया गया है।

बाइपास सड़क के इर्द गिर्द बढ़ रही अबादी

हाल के वर्षों में तेजी से लखीसराय का शहरीकरण हुआ। रफ्तार बढ़ रही है। बाइपास चालू होने के बाद से शहर बढ़ रहा है। मकान व भवनों का जाल बिछ रहा है। नगर परिषद नागरिक सुविधाएं बढ़ा रहा है, लेकिन नप की आय नहीं बढ़ पा रही है।

नप ईओ बोले-बड़े बकाएदारों पर होगा सर्टिफिकेट केस

नप ईओ डा. विपिन कुमार ने कहा कि इस वित्तीय 2020-21 में लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 52 प्रतिशत होल्डिंग टैक्स की वसूली हुई है। इसके पीछे नपकर्मी ही जिम्मेवार हैं। होल्डिंग टैक्स के बड़े बकाएदारों की सूची बनी है। इन बकाएदारों पर सर्टिफिकेट केस होगा। दोषीकर्मियों पर भी कार्रवाई होगी। बिना नक्शा मकान बनाने वालों पर भी योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।

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