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कुर्बानी:गाइडलाइन को ले बंद रहे ईदगाह, लोगों ने घर में अदा की बकरीद की नमाज, मांगी कोरोना से निजात की दुआ

सूर्यगढ़ा15 दिन पहले
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उरैन में मस्जिद के पास मुस्लिम समुदाय के लोगों से बातचीत करते थानायध्क्ष। - Dainik Bhaskar
उरैन में मस्जिद के पास मुस्लिम समुदाय के लोगों से बातचीत करते थानायध्क्ष।
  • जिले के विभिन्न इलाके में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ ईद-उल-अजहा का पर्व

बुधवार को प्रखंड के सूर्यगढ़ा,मेदनीचौकी,पीरीबाजार एवं कजरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घर में नमाज अदा कर क दूसरे को मुबारकवाद दी। कोरोना महामारी के लेकर ईद-उल अजहा (बकरीद) का त्योहार घरो में परिवार के साथ अमन और चैन की दुआ संग ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गयी। मीठी ईद के ठीक दो महीने बाद बकरीद पर्व मनाया गया। प्रखंड के मौलानगर ,चकमसकन, पुरानी बाजार,हल्दी,अलीनगर, सूर्यपुरा,हल्दी, मौलानगर, शेरपुर, दिघड़ी,भवानीपुर सहित क्षेत्रों मे अमन व शांतिपूर्ण माहौल में नमाज अदा की गयी। निर्धारित समयानुसार लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की।बडे बूढ़े,जवान एवं बच्चो ने भी घरों में नमाज अदा की।पूर्व की तरह इस बार भी कोरोना महामारी को लेकर पर्व में उत्साह नहीं दिखा।ईद उल अजहा के नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम भाई कुर्बानी की तैयारी में जुट गये। वहीं नमाज के बाद सवैया के साथ लोगो ने मुंह मीठा किया। ईद उल-अजहा की बारे में जानकारी देते हुए हाफिज गुफरान ने कहा कि जो कुबार्नी नहीं दे सकते है उनके लिए कुर्बानी का हिस्सा दिया जाता है। इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक, एक पैगंबर थे हजरत ईब्राहिम। माना जाता है कि इन्ही के जमाने से बकरीद की शुरूआत हुई थी। वह हमेशा बुराई के खिलाफ लडे। उनका ज्यादातर जीवन जनसेवा में बीता। उसी त्याग और बलिदान के दिन की याद में त्योहार के रूप में यह पर्व मनाया जाता है। पर्व के दौरान क्षेत्र में शाति व्यवस्था कायम करने के लिए सूर्यगढ़ा बीडीओ अखिलेश कुमार ने मौलानगर,हल्दी,चकमसकन,कटेहर आदि गांवों के मस्जिदों का निरीक्षण किया। वहीं दूसरी ओर सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष चंदन कुमार, मेदनीचौकी थानाध्यक्ष रूबीकांत कच्छप,माणिकपुर थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार,कजरा थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिन्हा,पीरीबाजार थानाध्यक्ष प्रजेष दुबे सहित क्षेत्र के दंडाधिकारी अपने निर्धारित गांवों का जायजा लिया एवं सभी स्थानों पर पुलिस की तैनाती की गयी। निरीक्षण के दौरान बीडीओ अखिलेश कुमार ने कहा कि क्षेत्र में संप्रदायिक तनाव नहीं हो इसके लिए निरीक्षण किया गया है क्षेत्र में शांति का माहौल है।

घरों में नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग।
घरों में नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग।

ईद उल अजहा पर मुस्लिम समुदाय ने घरों में पढ़ी नमाज, एक दूसरे को दी बधाई

लखीसराय| मुस्लिम समुदाय ने बुधवार को ईद उल अजहा का त्योहार मानाया। मस्जिद की जगह अपने घरों में नमाज की रस्म अदायगी पूरी की। इस्लाम मजहब में दो ईदें त्योहार के रूप में मनाई जाती हैं। ईद उल फित्र जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है। दूसरी ईद है बकर ईद। इस ईद को आम आदमी बकरीद कहते हैं। ईद उल अजहा के दिन आमतौर से बकरे की कुर्बानी की जाती है। काेराना गाइड लाइन के तहत मस्जिदों में दूसरे साल भी सन्नाट पसरा रहा। लोगों ने अपने घरों एवं अपने मित्राें के साथ नमाज अदा की। शहर में बड़ी दरगाह, पचना रोड, खगौर, वृन्दावन, हकीमगंज एवं गढ़ीविशनपुर में अकीदत के साथ बकरीद का त्योहार मनाया। नमाज अदा करने के बाद गले मिलकर एक दूसरे को त्योहार की वधाई दी। शिक्षक मो. सिराज कादरी ने कहते है कि कुर्बानी से जो सवाब एक मामूली बकरे की कुर्बानी से मिलता है, वही किसी महंगे बकरे की कुर्बानी से भी मिलता है। कोई बहुत पैसे वाले हैं ऐसा काम करें जिससे गरीबों को ज्यादा फायदा हो। दिखावे का कुर्बानी से कोई ताल्लुक नहीं है। साव्रजनिक तौर पर नमाज अदा करने से समुदाय में मायूसी छाई रही।

कजरा में शांतिपूर्ण ढंग से मनी बकरीद पर्व
कजरा|ईद उल अजहा यानी बकरीद का त्योहार कजरा क्षेत्र में शांति पूर्वक ढंग से मनाई गई। इस अवसर पर इस्लाम धर्मावलंबियों ने कोविड 19 के गाइड लाइन का पालन करते हुए ईद उल अजहा की नमाज़ अपने-अपने घर पर अदा की और कुर्बानी दी गयी। ईद उल अजहा के मौके पर कजरा थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिन्हा, एसआई संजय कुमार यादव व पुलिस जवानों द्वारा शांतिपूर्वक पर्व मनाने और कोविड 19 के निर्देशों का पालन कराने के लिए थाना क्षेत्र में गश्ती करते रहे। नमाज़ के बाद सभी ने मुल्क में शांति और तरक्की की दुआएं मांगी। साथ ही कोरोना जैसी महामारी से सभी महफूज़ रखने की भी दुआ मांगी।

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