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आस्था:कलश स्थापना से नवरात्रि शुरू, घरों एवं मंदिरों में गूंजा सप्तशती का पाठ

लखीसराय9 दिन पहले
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पुरानी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में माता की सप्तसती पाठ में शामिल श्रद्धालु।
  • या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता... मंत्र से वातावरण भक्तिमय
  • पहले दिन माता के शैलपुत्री स्वरूप की हुई पूजा, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज

कलश स्थापना के साथ ही शनिवार से नवरात्रि शुरू हुई। पहले दिन भक्तांे ने कलश स्थापना कर मां का आह्वान किया। शक्ति की देवी के प्रथम रूप शैलपुत्री की आराधना के लिए मंदिराें में श्रद्धालु एवं भक्तों की भीड़ अाती जाती रही। घरों एवं मंदिरों में सुबह से दोपहर तक दुर्गा सप्तशती का पाठ चलता रहा। श्रद्धालु एवं माता के भक्त बड़ी संख्या में सप्तशती पाठ में शामिल हुए। दिन भर पूजा अर्चना और शाम में शंख और घड़ी घंट की आवाज दूर दूर तक फैलती रही। शाम की आरती में भी काफी संख्या में श्रद्धालु माता के दरवार पहंुचे। कोरोना काल में सरकारी गाइड लाइन का बखूबी पालन किया जा रहा है। कहीं भी पूजा पंडाल का निर्माण नहीं किया गया है। हालंकि दुर्गा मंदिरों की सजावट जरूर की गई है। विभिन्न दुर्गा मंदिरों को रंगीन एलईडी लाईटों से सजाया गया है। पूरा मंदिर परिसर रात में जगमगा रहा है। सबसे बड़ा या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता मंत्र से माता का दरबार गूंजता रहा। मंत्र से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शहर में हर तरफ माता की भक्ति गीतें गूंज रही है। उधर मूर्तिकारों द्वारा प्रतिमा को अंितम रूप दिया जा रहा है। साज सज्जा की जा रही है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि| मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में मां को फूल, अक्षत, रोली, चंदन आदि अर्पण करें। उन्हें दूध, दही, घृत, मधु व शक्कर से स्नान कराएं। देवी को पिस्ते से बनी मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद पान, सुपारी, लौंग अर्पित करें। कहा जाता है कि मां पूजा करने वाले भक्त जीवन में सदा शांत चित्त और प्रसन्न रहते हैं। उन्हें किसी प्रकार का भय नहीं सताता।

मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से सर्वत्र सिद्धि की प्राप्ति
माता के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना होगी। साधक इस दिन अपने मन को मां के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएं हाथ में कमण्डल रहता है। मां दुर्गा का यह दूसरा स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनन्तफल देने वाला है। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। जीवन के कठिन संघर्षों में भी उसका मन कर्तव्य-पथ से विचलित नहीं होता। मां ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से उसे सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। इस दिन साधक का मन ‘स्वाधिष्ठान ’चक्र में शिथिल होता है। इस चक्र में अवस्थित मनवाला योगी उनकी कृपा और भक्ति प्राप्त करता है।

नमो देव्यै महादेव्यै मंत्र के जाप से गूंजा वातावरण
चानन| मां दुर्गा की आराधना के प्रथम दिन मां के शैलपुत्री स्‍वरूप की पूजा की गई। विधि-विधान के साथ शनिवार को प्रखंड के मननपुर, लाखोचक के मंदिरों और घरों में श्रद्धालुओं ने कलश स्‍थापना कर मां का आह्वान किया जा रहा है। मननपुर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में विधिवत पूजन कर पवित्र कलश की स्थापना की गई। हालांकि कोरोना संक्रमण के बीच इस बार नवरात्र करने के लिए स्थानीय पुरुषों के साथ साथ महिलाएं और बच्चों की संख्या में काफी कमी देखी गयी। श्रद्धालुओं ने सोशल डिस्टेंस का पालन किया। मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए उनकी प्रतिमा के समीप अखंड ज्योति जलाकर कलश स्थापना करें।

दुर्गा प्रतिमा की स्थापना, निकाली कलश यात्रा
सूर्यगढा|
प्रखंड के गोपालपुर पंचायत के नंदपुर गांव में शनिवार को दुर्गा पूजा के नवरात्र के अवसर पर गांव में पहली बार मां दुर्गे की प्रतिमा स्थापित होने को लेकर धूमधाम से 301 कन्याओं के साथ कलश शोभा यात्रा निकाली गयी। 10 से अधिक घुड़सवार मौजूद रहे। कलश यात्रा बूढ़ानाथ मंदिर से होते हुए पूरे गांव का परिभ्रमण करते हुए किऊल नदी से कलश में जल भरा गया। यजमान के रूप में गौतम कुमार मौजूद रहे। गोपालपुर पंचायत के उपमुखिया पति रंजीत कुमार ने बताया कि गांव में दुर्गा माता की मंदिर बनाने की तैयारी की जा रही है इसको लेकर नवरात्र के मौके पर मां दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित किया गया।

मेला व पूजा पंडाल नहीं लगाने का दिया निर्देश

सूर्यगढ़ा| दुर्गा पूजा को लेकर शनिवार को कजरा थाना परिसर में थानाध्यक्ष रणधीर सिंह की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक में बीडीओ अभिषेक प्रभाकर भी मौजूद रहे। बैठक में थानाध्यक्ष रणधीर सिंह ने मेला नहीं लगाने, पूजा पंडाल नहीं बनाने, पहले से व्यवस्थित दुकान के अलावे नई दुकान नहीं लगाने, हरेक समिति के द्वारा थर्मल स्कैनिंग और सेनिटाइजर की व्यवस्था करने, 25 अक्टूबर को हर हाल में प्रतिमा का विसर्जन सुनिश्चित करने का निर्देश समिति के सदस्यों एवं प्रतिनिधियों को दिया। उरैन दुर्गा पूजा समिति के सचिव लड्डू वर्मा, महंत डोमन महतो, बच्चू दास, केदार यादव, कजरा दुर्गा पूजा समिति के सचिव लक्ष्मण साव, मदनपुर मुखिया नन्दन कुमार, सहित कई बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।

नवरात्रा पर बड़ी दुर्गा मंदिर में पूजा अर्चना करते मंदिर के आचार्य।
नवरात्रा पर बड़ी दुर्गा मंदिर में पूजा अर्चना करते मंदिर के आचार्य।

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