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संवेदनहीनता:अस्पताल में न डॉक्टर न पारा मेडिकल स्टाफ थे मरीज का इलाज नहीं होने पर मौत, किया हंगामा

लखीसराय13 दिन पहले
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सदर अस्पताल लखीसराय में मृतक के परिजन को समझाते एसडीओ। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल लखीसराय में मृतक के परिजन को समझाते एसडीओ।
  • मरीज के परिजनों ने किया हंगामा, मामले की जानकारी के बाद सदर अस्पताल पहुंचे एसडीओ
  • परिजन बोले-डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज का सदर अस्पताल में नहीं हुअा इलाज

सदर अस्पताल में मंगलवार को समय पर इलाज नहीं होने से मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और सदर अस्पताल में डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ के नहीं रहने की शिकायत एसडीओ संजय कुमार से की। सूचना मिलने के बाद सदर अस्पताल पहुंचे एसडीओ ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। जानकारी के अनुसार पचना रोड सब्जी मंडी के पास के एक व्यक्ति महेन्द्र गुप्ता को बुखार और सांस फूलने की शिकायत पर सदर अस्पताल लाया गया था। परिजन ने बताया कि एक बेड पर एक घंटा से अधिक समय तक मरीज यूं ही पड़ा रहा, लेकिन किसी डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ ने नहीं देखा। एक घंटा तक तड़पने के बाद मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि एक घंटा तक इधर-उधर भटकते रहे। डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ से इलाज के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। मौत होने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। वहीं डॉक्टर ने बताया कि मरीज की मौत सदर अस्पताल आने के पहले ही हो गई थी। बताया जाता है कि महेन्द्र गुप्ता की तबीयत दो दिन से खराब थी। मंगलवार को स्थिति बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए निजी क्लीनिक लाया गया, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें सदर अस्पताल जाने की सलाह दी। लेकिन वहां भी इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। मौत के बाद मृतक की कोरोना जांच में रिपोर्ट निगेटिव पाया गया। एसडीओ ने बताया कि मरीज के परिजन ने सदर अस्पताल में डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ नहीं रहने की शिकायत के बाद सदर अस्पताल पहुंचे थे। ओपीडी में डॉक्टर आैर पारा मेडिकल स्टाफ दूसरे अन्य मरीजों का इलाज कर रहे थे। डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ ने मरीज को भी देखा, लेकिन उनकी मौत हो गई थी। उनका कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है।

गायब मिलेे डॉक्टर, मरीज बोले-पानी भी खरीद रहे
सदर अस्पताल में डेडीकेटेड कोविड-19 सेंटर एवं डेडीकेटेड कोविड-19 हेल्थ सेंटर के नोडल पदाधिकारी कार्यपालक दंडाधिकारी राजीव मोहन सहाय ने मंगलवार को अस्पताल में कोविड मरीजों के इलाज, खान-पान की व्यवस्था की जानकारी ली। कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों से अस्पताल प्रबंधन के स्तर से दी जाने वाली दवा एवं खान-पान की जानकारी लिया। सदर अस्पताल के कोविड वार्ड में प्रतिनियुक्त डॉक्टर मणिभूषण कुमार ड्यूटी से गायब मिले। बताया गया कि वे कुछ देर के लिए आवास गए हैं। कार्यपालक दंडाधिकारी ने कार्यरत एएनएम एवं डॉक्टर को पीपीई किट पहनकर नियमित रूप से मरीजों के बीच जाकर जांच और दवा देने का निर्देश दिया। कोविड वार्ड में भर्ती एक मरीज ने बताया कि सबेरे से गला में दर्द है, परंतु अभी तक कोई देखने नहीं आया है। भोजन तो मिलता है, परंतु पानी नहीं मिल रहा है। पानी बाजार से खरीद कर ला रहे हैं। कार्यपालक दंडाधिकारी ने आऊटसोर्स के लोग को मेन्यू के अनुसार भोजन देने के साथ नियमित दूध और अंडा देने कहा। मरीजों के लिए पानी की व्यवस्था भी करने को कहा है।

कोविड वार्ड में नर्स को निर्देश देते कार्यपालक दंडाधिकारी।
कोविड वार्ड में नर्स को निर्देश देते कार्यपालक दंडाधिकारी।

नोडल पदाधिकारी ने कहा-व्यवस्था में गड़बड़ी मिली तो होगी एफआईआर

नोडल पदाधिकारी ने कहा कि व्यवस्था में गड़बड़ी पर एफआईआर होगी। सदर अस्पताल में तेतरहाट स्थित कोविड केयर सेंटर के लिए उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेंडर की भी जानकारी ली। एम्बुलेंस चालकों को मूवमेंट के पूर्व जानकारी देने एवं रजिस्टर में जाने और आने का समय अंकित करने कहा। बताया कि सदर अस्पताल में पॉलिथीन नहीं रहने से मरीजों को दवा मिलने में परेशानी थी। कवैया थानाध्यक्ष राजीव कुमार के पॉलिथीन देने के बाद दवा किट दी गई। अस्पताल प्रबंधक से डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी रोस्टर एवं मोबाइल नंबर भी लिया। बताया कि महामारी के वक्त लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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