शर्मनाक:प्रसव पीड़िता को ऑपरेशन के लिए 16 घंटे तक कराया इंतजार, फिर ओटी से भी लौटाया

लखीसरायएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • सीएस के निर्देश के बावजूद प्रसव पीड़िता का नहीं किया गया ऑपरेशन
  • बदइंतजामी से परेशान होकर मरीज को निजी क्लीनिक ले गए परिजन

लखीसराय सदर अस्पताल में एक प्रसव पीड़िता को वाटर डिस्चार्ज होने के बाद पहले तो ऑपरेशन के लिए 16 घंटे इंतजार कराया। फिर एनेस्थेटिक डॉक्टर के नहीं होने का बहाना कर ऑपरेशन में आनाकानी की गई। और जब एनेस्थेटिक डॉक्टर पहुंचे तो ड्यूटी का समय खत्म होने की बात कह कर प्रसव पीड़िता को आॅपरेशन थियेटर से लौटा दिया गया। दरअसल, मंगलवार को लखीसराय धर्मरायचक निवासी दीपक कुमार की 19 वर्षीय पत्नी अंजली कुमारी को सोमवार की देर रात 10 बजे प्रसव पीड़ा के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार की सुबह तक नॉर्मल डिलेवरी नहीं होने पर उसकी जांच की गई तो उसका वाटर डिस्चार्ज हो चुका था। जांच करने के बाद प्रसव वार्ड की नर्स ने सिजेरियन प्रसव कराने की जरूरत बताई। पीड़िता का सिजेरियन कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने सारी व्यवस्था कर ली थी। प्रसव वार्ड में ऑन ड्यूटी महिला डॉक्टर ज्योत्सना सुबह 8 बजे के बदले 11 बजे पहुंची और एनेस्थेटिस्ट का बहना बनाकर ऑपरेशन करने से आनाकानी करने लगी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने जेल में ड्यूटी कर रहे डाॅ. अभय राज को एनेस्थेटिस्ट के रूप में सिजेरियन के लिए बुलाया गया। इसके बाद परिजन से ऑपरेशन पूर्व सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने के बावजूद प्रसव पीड़िता को बिना ऑपरेशन किए ऑन ड्यूटी तैनात डॉ. ज्योत्सना ने ऑपरेशन से इंकार कर दिया।

पटना में थी दूसरी शिफ्ट में तैनात लेडी डॉक्टर

मामले की जानकारी के होने के बाद मीडियाकर्मी सदर अस्पताल पहुंच कर पीड़िता के परिजन से बातचीत करने अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन को देकर सलाह मांगी। सिविल सर्जन ने 2 बजे के शिफ्ट में ऑन ड्यूटी डॉक्टर को बुलाकर सिजेरियन कराने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन के निर्देश पर अस्पताल प्रबंधक नंदकिशोर भारती ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता राय से बात की। डॉ. संगीता राय ने बताया कि उनकी ट्रेन लेट हो गई है। वे अभी पटना स्टेशन पर हैं। अभी वे ऑपरेशन नहीं कर सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएस के निर्देश पर ऑफ ड्यूटी डॉ. कुमार अमित को सिजेरियन के लिए सदर अस्पताल बुलाया गया। लेकिन तबतक परिजन मरीज को लेकर निजी क्लिनिक में चले गए।

इलाज नहीं करने वाले डॉक्टर पर होगी कार्रवाई
सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र कुमार चौधरी ने कहा कि मरीज का इलाज और सिजरेरियन नहीं करना गंभीर मामला है। संबंधित डॉक्टर के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सिविल सर्जन के स्तर से हर बार केवल कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन कठोर कदम नहीं उठाने की वजह से डॉक्टर का मनमानी जारी है।

खबरें और भी हैं...