उफनाई गंगा:जिले में गंगा खतरे के निशान से 0.57 सेमी ऊपर

बड़हिया2 महीने पहले
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गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बड़हिया के निचले इलाके में घुसा बाढ़ का पानी। - Dainik Bhaskar
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बड़हिया के निचले इलाके में घुसा बाढ़ का पानी।
  • बड़हिया के निचले इलाके में तेजी से फैल रहा है गंगा का पानी, खेतों में लगी फसल बर्बाद
  • शुक्रवार शाम तक 42.33 मीटर, खतरे का निशान 41.76

हाथीदह में गंगा शुक्रवार की शाम 4 बजे ही खतरे के निशान को पार कर चुकी है। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम तक गंगा खतरे के निशान 41.76 मीटर से ऊपर चढ़ कर 42.33 मीटर तक पहुंच गया। एक सप्ताह से लगातार गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण बाढ़ का पानी बड़हिया के निचले इलाकों में तेजी से फैलने लगा है। वहीं हरूहर नदी भी उफनाई हुई है। जिससे बाढ़ का खतरा धीरे-धीरे प्रबल होते जा रही है। बड़हिया प्रखंड के टाल क्षेत्र के निचले इलाके के गांव मे बाढ़ का पानी चारो और से घेर लिया गया है। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से बाढ़ की आशंका से लोग भयभीत हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि अभी से ही समुचित तरीके से राहत कार्य शुरू नहीं किया गया तो बाद में काफी परेशानी होगी। टाल क्षेत्र लोग भी बाढ़ की आशंका से काफी भयभीत है। स्थानीय लोगों ने कहा कि उनकी नियति ही बन गई है कि वे प्रत्येक साल बाढ़ की विभीषिका झेलें। सबसे अधिक परेशानी तो किसानों की है। किसानों का कहना है कि बाढ़ के कारण उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा जाती है। मवेशियों को चारे की भी परेशानी होती है। उनकी फसल गंगा के पानी में डूब जाने से काफी क्षति उठानी पड़ रही है। मजबूरी वश पानी में डूबी फसल काटकर पशुओं को चारा के रूप में दे रहे हैं।

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