मौत पर आक्रोश:पेट व बदन दर्द पर मेडिकल स्टोर से शाम में ली थी दवा, सुबह में मौत के बाद आगजनी और रोडजाम

लखीसरायएक महीने पहले
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घटना के विरोध में एनएच-80 पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन करते मृतक के परिजन और रोते-बिलखते परिजन। - Dainik Bhaskar
घटना के विरोध में एनएच-80 पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन करते मृतक के परिजन और रोते-बिलखते परिजन।
  • खेमतरणी निवासी विजय विद्यापीठ चौक के पास किराए के मकान में रहते थे
  • आरोप : गलत सूई देने से हुई मौत, सीएस बोले: शिकायत मिलने पर जांच कर होगी कार्रवाई

पेट और बदन दर्द की शिकायत पर 45 वर्षीय ऑटो चालक ने स्थानीय दवा दुकानदार से शाम में दवा और सुई ली थी। सुबह में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने दवा दुकानदार पर गलत सुई देने का आरोप लगा विद्यापीठ चौक के पास साढ़े तीन घंटे तक एनएच 80 को जाम किया। इस दौरान लोगों ने टायर जलाकर हंगामा भी किया। जानकारी के अनुसार सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के खेमतरणी स्थान निवासी रामेश्वर प्रसाद वर्मा के पुत्र विजय कुमार वर्मा लखीसराय थाना क्षेत्र के विद्यापीठ चौक के पास किराए के मकान में रहकर ऑटो चलाते थे। गुरुवार की रात पेट व बदन दर्द पर विजय ने श्री श्याम मेडिकल हॉल से दवा व सुई ली थी। लेकिन रात भर में कोई राहत नहीं हुआ। शुक्रवार को विजय फिर मेडिकल स्टोर पहुंचे तो दुकानदार ने उन्हें डॉक्टर से दिखाने की सलाह दी। वो डॉक्टर के पास जा रहे थे कि इसी बीच उनकी मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने एनएच-80 पर टायर जलाकर और ट्रक को टेढ़ा खड़ाकर लगभग साढ़े तीन घंटे तक जाम कर हंगामा करने लगे। जाम की सूचना पर पहुंचे बीडीओ नीरज कुमार रंजन एवं थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने आक्रोशित लोगों को आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाते हुए सड़क को जाम से मुक्त कराया। परिजनों का आरोप था कि मेडिकल संचालक के गलत दवा और सुई देने के कारण विजय की मौत हुई।

दो किमी तक लगी रही वाहनों की कतार
ऑटो चालक की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोगों के द्वारा सड़क जाम कर दिए जाने के कारण लोगाें को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। सड़क जाम कर रहे लोगों कई वाहन चालकों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। खासकर गंगा स्नान के लिए जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के कारण सड़क के दोनों छोर लगभग दो किलोमीटर तक जाम लगा रहा।

परिजनों को योजना का मिला लाभ
परिजनों ने मेडिकल हॉल के पास ही सड़क पर शव रख दिया और टायर जलाकर एन.एच-80 को जाम कर दिया। इस दौरान दोनों पक्ष से समझौता का दौर भी चलता रहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजन को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपए नकद दिया गया।

विजय की चार बेटियां, रो-रोकर पत्नी-बच्चों का हुआ बुरा हाल
ऑटो चालक विजय कुमार वर्मा की मौत के बाद उनके चार मासूमों के सिर से पिता का साया हट गया। मृतक की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगाें के अनुसार विजय कुमार वर्मा अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उनकी चार पुत्रियां हैं। उनकी मौत के बाद से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया है। मासूमों की करूण क्रंदन से उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो जा रही थी।

दुकानदार ने आरोपों का किया खंडन
दुकानदार श्याम कुमार ने कहा कि विजय को सूई और दवा गुरुवार शाम में दी थी। सुई और दवा से मौत नहीं हुई है। उनके ऊपर गलत आरोप लगाया जा रहा है। वहीं सिविल सर्जन डा. देवेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि सुई का रिएक्शन कभी तुरंत तो कभी 12-14 घंटे बाद भी होता है। इस मामले में पीड़ित परिवार के तरफ से शिकायत करने के बाद जांच करवाई जाएगी।

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