पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

समस्या:किऊल-गया रेल सेक्शन पर चल रही दो जोड़ी मेमू स्पेशल ट्रेनें आज से बंद, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

लखीसराय14 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
किऊल में पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर खड़ी दरभंगा-सिकंदराबाद स्पेशल।
  • 130 किमी के दायरे में कई शहर व कसबों में आवागमन का एकमात्र साधन है ट्रेन
  • शेखपुरा, काशीचक, वारिसलीगंज, नवादा, तिलैया एवं गया तक जाने आने की सुविधा होगी बंद

किऊल-गया सेक्शन में चल रही दो जोड़ी मेमू स्पेशल ट्रेनें बुधवार से बंद हो जाएंगी। ईसीआर जोन ने जेईई मेंस एवं नीट परीक्षा के लिए अन्य रूटों के साथ किऊल-गया सेक्शन में भी दो जोड़ी स्पेशल मेमू ट्रेन 1 से 15 सितंबर तक चलाई थी। अब परीक्षाएं संपन्न हुई तो अब 16 सितंबर से गया रूट की मेमू भी बंद हो जाएगी। किऊल-गया सेक्शन में ट्रेनों के चलने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली थी। इस रुट पर कई ऐसे शहर व गांव हैं जिनके आवागमन का एकमात्र साधन ट्रेन ही है। ट्रेन का परिचालन बंद होने से अब फिर से लोगों की परेशानी बढ़ेगी। लॉक डाउन के पांच माह के बाद मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। वैसे इस रेल सेक्शन मंे ट्रेनों का परिचालन लॉक डाउन के पूर्व से प्रभावित है। किऊल में यार्ड रिमॉडलिंंग कार्य के चलते मात्र दो जोड़ी मेमू ट्रेनें ही चल रही थी। यात्रियों की सुविधा के लिए लखीसराय बाइपास के पास किऊल-गया सेक्शन में अस्थाई न्यू लखीसराय स्टेशन से ट्रेनें आतीजाती थीं। रेलवे ने छह महीने बाद गया रूट में मेमू ट्रेनो की सुविधा एक सितंबर से बहाल की थी। पहली ट्रेन किऊल से दोपहर 1 बजे और दूसरी ट्रेन शाम 5.40 मिनट पर किऊल से गया के लिए चलती थी।

स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को मिल रहा था लाभ
स्पेशल ट्रेनों से बड़ी संख्या में गया रूट के यात्रियों को लाभ मिल रहा था। सिरारी, शेखपुरा, काशीचक, वारिसलीगंज, नवादा, तिलैया एवं गया तक जाने आने की सुविधा मिल रही थी। स्पेशल ट्रेनों के फिर से बंद होने से गया की ओर आने जाने वाले सैकड़ों यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी। क्षेत्र के यात्रियों में रोष देखा जा रहा है।

ग्रैंड कॉर्ड से जोड़ती है किऊल-गया सेक्शन
किऊल-गया रेल सेक्शन देश के महत्वपूर्ण ग्रैंड कॉर्ड लाइन से कनेक्ट करती है। रेलवे ने भी इस सेक्शन की महत्ता को माना है। 130 किलोमीटर के इस सेक्शन को दो साल पहले इलेकट्रिकफाईड कर दिया गया। अब डबलिंग का काम चल रहा है। 2021 तक डबलिंग कार्य पूरा करने की रेलवे की योजना है।

रेल इस क्षेत्र का सुलभ साधन
रेलवे इस क्षेत्र का सबसे उपयुक्त और सस्ता साधन है। यही वजह रहा है कि शेखपुरा एवं नवादा जैसे जगहों से पटना या अन्य दूसरी जगह जाने के लिए लोग ट्रेन से किऊल या लखीसराय आते। फिर दूसरी ट्रेन से अपने गंतव्य की यात्रा करते। सड़क मार्ग से यात्रा करना सुलभ नहीं हैं। मंहगा होने के चलते भी लोग सड़क मार्ग की बजाय रेल से आना जाना पसंद करते है।

बढ़ने लगी यात्रियों संख्या
रेलवे ने मांग के मुताबिक यात्री सुविधाएं भी बढ़ाई है। पहले जहां सिर्फ पैसेंजर ट्रेनें ही चलती थी। फिर धीरे धीरे एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। प्रतिदिन चलने वाली हावड़ा-गया एक्सप्रेस के अलावा भागलपुर-नई दिल्ली साप्ताहिक एवं सप्ताह में एक दिन गया और कामाख्या के बीच एक्सप्रेस ट्रेनें दौड़ाई गई। ट्रेनों की सुविधा मिलने से यात्रियों की संख्या में भी इजाफा होता गया।

किऊल से सिकंदराबाद रवाना हुई स्पेशल ट्रेन

किऊल से यात्रियों को लेकर मंगलवार काे सिकंदराबाद के लिए रवाना हुई दरभंगा-सिकंदराबाद स्पेशल। 10.40 बजे 07008 डाउन दरभंगा-सिकंदराबाद स्पेशल किऊल के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर रूकी। लगभग 100 यात्री इस ट्रेन में सवार हुए। दरभंगा-सिकंदराबाद के बीच स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू होने से मेनलाइन में झाझा, जीसीडीह, मधुपुर, चितरंजन, धनबाद, बोकारो रांची एवं दक्षिण भारत केे यात्रियों काे लाभ मिलेगा।

बुधवार से ये ट्रेनें बंद कर दी जाएगी : एसएम
किऊल- गया रूट पर चलाई गई दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का परिचालन जारी रखने संबंधी कोई सूचना नहीं हैं। इन स्पेशल ट्रेनों को परिचालन 15 सितंबर तक के लिए था। बुधवार से ये ट्रेनें बंद कर दी जाएगी।
साधु यादव, स्टेशन मैनेजर, किऊल

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर आप कुछ समय से स्थान परिवर्तन की योजना बना रहे हैं या किसी प्रॉपर्टी से संबंधित कार्य करने से पहले उस पर दोबारा विचार विमर्श कर लें। आपको अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी। संतान की तरफ से भी को...

और पढ़ें