सुस्ती:हत्या और लूट के बड़े मामलों में पुलिस को नहीं मिल रही सफलता

अनुपम कुमार | लक्ष्मीपुर3 महीने पहले
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लक्ष्मीपुर थाना। - Dainik Bhaskar
लक्ष्मीपुर थाना।
  • डीआईजी को आवेदन देने के बाद भी नहीं दिख रही सख्ती
  • कई पीड़ित पुलिस की निष्क्रियता पर डीईजी तक पहुंचे

मारपीट जैसे अपराध के छोटे मामलों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर पुलिस खूब इतरा रही हो लेकिन अपराध के बड़े मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी तो दूर कांड के उद्भेदन तक में पुलिस के हाथ खाली हैं। बीते एक साल के दौरान लक्ष्मीपुर थाना के विभिन्न क्षेत्रों में घटित हत्या व लूट के बड़े मामलों पर गौर करें तो एक भी मामले में पुलिस न तो अपराध की गुत्थी सुलझा सकी और न ही अपराधियों की गिरफ्तारी करने में सफलता हासिल कर पाई है। खास बात यह है कि कांडों के त्वरित निष्पादन का निर्देश देने वाले पुलिस के वरीय अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिला पुलिस के वरीय अधिकारियों की कार्यशैली से नाराज कई कांडों के पीड़ित परिजनों ने डीआईजी तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। स्थिति तो यह हो गईं कि जिस परिवार में हत्या व लूट की वारदात हुई उक्त परिवार के सदस्यों का स्थानीय पुलिस पर से विश्वास उठता जा रहा है।

सीएसपी संचालक से हुई लूटकांड का अब तक नहीं हुआ उद्भेदन
बीते 3 जून को मंगरार मोड़ के पास घोरलाही निवासी व मंगरार गांव में सीएसपी संचालक राजीव कुमार से हथियार का भय दिखाकर 2 लाख 65 हजार रुपये लूट लिए। पीड़ित की निशानदेही पर पुलिस ने उस बोलेरो व उसके चालक को अपने कब्जे में लिया था। इसके बावजूद पुलिस आजतक उक्त मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी तो दूर कांड का उद्भेदन तक नहीं कर सकी। स्थानीय पुलिस की अनदेखी के बाद पीड़ित ने डीआईजी से मिलकर बीते को न्याय की गुहार लगाई।लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की अनदेखी के कारण अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया कि बीते 6अगस्त को अपराधियों ने उक्त सीएसपी संचालक को उसी मंगरार मोड के पास एक बार फिर से लूटने का प्रयास किया।

7 माह बाद भी पेट्रोल पंप पर लूट के प्रयास के मामले का नहीं हुआ उद्भेदन
बीते 22 जनवरी को थाना क्षेत्र के केनुहट रतनपुर सड़क मार्ग स्थित दीघरा पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारी से नगदी लूटने का प्रयास किया गया। अपने जान को जोखिम में डालकर उक्त कर्मचारी ने नगद रुपये से भरे बैग को लूटने से बचाया और एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन अपराधियों से भिड़ गया। अपराधियों ने कर्मचारी पर गोली भी चलाई।हालांकि उक्त मामले में कर्मचारी की जान बच गयी और पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं। घटना के सात माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। सच तो यह है कि घटना के बाद एक दिन भी न तो स्थानीय पुलिस और न ही पुलिस महकमें के कोई वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की तहकीकात करने नहीं की

आवेदन मिलने पर होगी कार्रवाई
मुझे इन घटनाओं की जानकारी नहीं है। घटना के बाबत पीड़ित परिजनों की ओर से लिखित शिकायत की जाती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी और मामले का उद्भेदन कराया जाएगा।
-पंकज कुमार सिन्हा, डीआईजी, मुंगेर

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