पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

आस्था:कलश स्थापना से पूर्व 50 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी

मनिहारी4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मनिहारी के गंगा तट पर स्नान के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
  • मनिहारी में बहने वाली उत्तर वाहिनी गंगा घाट धार्मिक ग्रंथों में महत्वपूर्ण, घाट पर चेंजिंग रूम नहीं होने से महिला श्रद्धालुओं को हुई परेशानी

नवरात्र शुरू होने से एक दिन पहले शुक्रवार को मनिहारी गंगा नदी में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु ने गंगा स्नान किया। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार गंगा स्नान पर भी कोरोना का कहर देखा गया जिसका परिणाम हुआ कि जहां एक लाख से अधिक लोग गंगा स्नान करने आते थे इस बार श्रद्धालुओं की संख्या आधी हो गई। गंगा नदी तट पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जहां मनिहारी पुलिस लगी हुई थी। वहीं मनिहारी पुलिस ने बाजार में जाम नहीं लगे इसके लिए अम्बेडकर चौक से ही सभी वाहनो को बाय पास होकर गंगा किनारे जाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। गंगा घाट पर निजी वाहन से लेकर ऑटो से लगभग 50 हजार श्रद्धलुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। मनिहारी में बहने वाली उत्तर वाहिनी गंगा घाट का धार्मिक ग्रंथों में भी काफी महत्वपूर्ण है। चेंजिंग रूम नहीं होने से महिलाओं को परेशानी हुई। गंगा स्नान के दौरान लोगो के बीच सोशल डिस्टेन्स का भी कुछ अधिक ख्याल नहीं रखा गया। कमोवेश लोग मास्क का भी प्रयोग किया लेकिन आवागमन में सोशल डिस्टेंस का ख्याल नही रहा।

कपड़े बदलने के लिए शौचालय तक नहीं
मनिहारी घाट में अव्यवस्था का आलम यह था कि महिलाओं को भी कपड़े बदलने मे काफी परेशानियो का सामना करना पड़ा । कई महिला श्रद्धालु सार्वजनिक शौचालय भी ढूंढती दिखी। घाट तक जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति भी बदतर है। सड़क पर ही नाले का पानी बह रही है और श्रद्धालुओं को मजबूरी में गंगा स्नान करने के बाद इसी गंदगी वाले पाने से गुजरना पड़ता है। मनिहारी गंगा नदी के किनारे शौचालय, सेड का निर्माण को लेकर प्रशासनिक पहल तो होती है लेकिन योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है। लॉकडाउन से पूर्व छठ के अवसर पर भी जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक के द्वारा नदी के किनारे शौचालय निर्माण के लिए स्थल चयन से लेकर जमीन की पैमाइश तक की गई थी लेकिन आज तक नहीं बन पाई है।

नवरात्रा के लिए गंगा स्नान है महत्वपूर्ण
पंडित लखपति पंडा कहते हैं कि नवरात्रि के मौके पर श्रद्धालु को बहुत ही नियम से पूजा पाठ करना पड़ता है। नवरात्रि करने के लिए श्रद्धालु मनिहारी गंगा तट से जल भर कर अपने घर ले जाते हैं और अपने पूजा स्थान एवं घरों में गंगा जल छिड़काव करते हुए घर को पवित्र करते हैं। मनिहारी के उत्तरायणी गंगा होने के कारण इसका काफी महत्व बढ़ गया है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कड़ी मेहनत और परीक्षा का समय है। परंतु आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहेंगे। बुजुर्गों का स्नेह व आशीर्वाद आपके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी रहेगी। परिवार की सुख-सुविधाओं के प्रति भी आपक...

और पढ़ें