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अपील:बारिश में डेंगू और चिकनगुनिया से सतर्क रहने की जरूरत: डाॅ. राजीव

मानसी12 दिन पहले
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  • स्थिर पानी में मच्छर की संख्या में तेजी से होती है वृद्धि

बरसात के मौसम में अतिरिक्त पानी के स्थिरता की समस्या होने लगती है। स्थिर पानी में मच्छरों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है जो बीमारियों को बढ़ावा देती है। इस मौसम में मुख्य रूप से मच्छर जनित रोग डेंगू व चिकनगुनिया के बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है। मच्छरों से होने वाले रोगों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उक्त जानकारी देते हुए मानसी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅक्टर राजीव रंजन कुमार ने कहा कि डेंगू व चिकनगुनिया की बीमारी एडीज मच्छर के काटने से फैलती है जो स्थिर पानी में तेजी से पनपता है। जुलाई माह में बरसात की जो स्थिति है लोगों को डेंगू व चिकनगुनिया से सतर्क रहने की जरूरत है। जुलाई माह डेंगूरोधी माह के रूप में मनाया जाता है। डाॅक्टर रंजन ने बताया कि डेंगू का असर शरीर में 3 से 9 दिन तक रहता है। इससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी हो जाती है और प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगती है। वहीं चिकनगुनिया का असर शरीर में तीन माह तक रह सकता है।
बीमारी का यह है लक्षण
पीएचसी प्रभारी ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण करीब एक से होते हैं। तेज बुखार, बदन व सिर दर्द, आंख के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते का निशान, नाक व मसूड़ों से रक्त स्राव, काला मल होना, जी मिचलाना, जोड़ों में दर्द, उल्टी होना आदि डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण होते हैं। लोगों को ऐसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। इससे बचाव के लिए पानी का जमाव रोकना चाहिए। अपने आस-पास साफ-सफाई होना जरूरी है। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना चाहिए और रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।

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