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लापरवाही:जीएनएम में 50 मिनट बिजली आपूर्ति रही बाधित, ऑक्सीजन की कमी से 1 की मौत

मुंगेरएक महीने पहले
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जीएनएम अस्पताल में ऑक्सीजन को चालू करते कर्मी। - Dainik Bhaskar
जीएनएम अस्पताल में ऑक्सीजन को चालू करते कर्मी।
  • कुव्यवस्थाओं का शिकार मुंगेर का कोविड डेडिकेटेड सेंटर जीएनएम स्कूल
  • जिस समय बिजली गई उसी समय जेनरेटर भी हुआ फेल, कोरोना से 3 मौत

पूरबसराय स्थित जीएनएम स्कूल में बनाए गए कोविड डेडिकेटेड केयर सेंटर में शुक्रवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से शाम 4.20 तक (करीब 50 मिनट) बिजली की आर्पूति बाधित रही। इस कारण कोविड मरीजों को मिल रही अॉक्सीजन की सप्लाई में भी रुकावट आई। इसी दौरान अॉक्सीजन की कमी से कोरोना संक्रमित एक महिला मरीज की मौत हो गई। मृतका की पहचान मकससपुर निवासी नीलम सिन्हा के रूप में हुई है। मृतका के परिजनों ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद मरीज की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो हमने केंद्र में ड्यूटीरत चिकित्सक डॉ. अनुज से बात की। उन्होंने पहुंच कर ऑक्सीजन देने की जगह मरीज को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार बिजली सप्लाई बाधित होने की स्थिति में अगर सेंट्रलाइज्ड अॉक्सीजन सप्लाई बंद हो गया था तो छोटे सिलेंडर से ऑक्सीजन देकर जान बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए था। डॉ. अनुज ने बताया कि मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन 93 था। अचानक हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हुई है। उन्होंने करीब 20 मिनट तक सीपीआर (कार्डियाक पल्मोनरी रेफेसिटेशन) दिया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने बताया कि अक्सर देखा जा रहा है कि कोरोना मरीज ठीक होने के बाद भी कार्डियाक अरेस्ट होने की वजह से उनकी मौत हो रही है। इसके अलावा शुक्रवार को मुंगेर के दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत की जानकारी भागलपुर से आई। जिसमें बरियारपुर घोरघट निवासी रेलकर्मी 55 वर्षीय विजय रजक और असरगंज के मासूमगंज निवासी लक्ष्मण शर्मा शामिल है। अब तक 128 लाेगों की मौत हो चुकी है। हालांकि विभाग 95 की पुष्टि कर रहा है।

भागलपुर के निजी क्लीनिक में भर्ती थे रेलकर्मी
बताया गया कि दोनों ब्रेथलेशनेस के मरीज थे, 3 मई को पॉजिटिव मिलने और ऑक्सीजन लेवल कम होने पर भागलपुर निजी नर्सिंग होम में इलाजरत थे। जहां गुरुवार की रात इलाज के दौरान निधन हो गया। वहीं असरगंज मासूमगंज निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मण शर्मा की मौत भागलपुर मायागंज अस्पताल में इलाज के दाैरान हो गई। एक सप्ताह पूर्व पॉजिटिव पाए जाने और ब्रेथलेशनेस की शिकायत पर 4 मई को उन्हें मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 6 मई की रात उनकी मौत हो गई।

छोटे सिलेंडर पर शिफ्ट किए गए थे मरीज
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार आलोक ने आगे बताया कि केंद्र में जिस समय बिजली गई संयोग से उसी समय जेनरेटर भी खराब हो गया था। जिस कारण बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई थी। लेकिन जिन मरीजों को ऑक्सीजन लगा था उन्हें अविलंब बी टाइप (छोटे सिलेंडर) पर शिफ्ट कर दिया गया था। इसी बीच उक्त महिला की मौत हो गई। उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया गया।

सीएस ने जताई लाचारगी, बताया ईश्वरीय प्रकोप
सीएस डा. हरेंद्र कुमार आलोक ने लगभग 50 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने को स्वीकारते हुए महिता की मौत को ईश्वरीय प्रकोप बताया। उन्होंने लाचारगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस वैश्विक महामारी में चिकित्सकों की जान भी सांसत में फंसी है। हमारा प्रयास होता है कि हम मरीजों की सही इलाज व आवश्यक तीमारदारी करें लेकिन ईश्वर के आगे हम भी तो लाचार है। बता दें कि आइसोलेशन वार्ड में 52 संक्रमित इलाजरत हैं। जबकि गंभीर रूप से बीमार 47 संक्रमितों को रेफर किया जा चुका है।

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