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  • If The Husband And Wife Were Infected, Both The Daughters Were Also Ill, The Oxygen Level Dropped, Yet In The Home Isolation, The Whole Family Beat Corona In 25 Days.

राहत:पति-पत्नी हुए संक्रमित तो दोनों बेटियों की तबीयत भी हुई खराब, ऑक्सीजन लेवल गिरा फिर भी होम आइसोलेशन में रहकर 25 दिनों में पूरे परिवार ने कोरोना को हराया

मुंगेरएक महीने पहले
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राजीव उनकी पत्नी अलीशा और दोनों बेटियां अब पूरी तरह से फिट। - Dainik Bhaskar
राजीव उनकी पत्नी अलीशा और दोनों बेटियां अब पूरी तरह से फिट।
  • एमआर की नौकरी करने वाले राजीव तिवारी ने बताया कैसे उन्होंने सपरिवार कोरोना को दी शिकस्त

लल्लू पोखर निवासी 45 वर्षीय राजीव कुमार तिवारी एमआर का काम करते हैं। 8 अप्रैल की रात उन्हें अचानक बुखार आई और बदन दर्द करने लगा। अगले दिन भी फीवर आया और बदनदर्द के साथ गले में कुटकुटाहट महसूस हुई। 10 तारीख को सदर अस्पताल में जांच कराने के बाद वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद राजीव तिवारी का होम आइसोलेशन में इलाज चलने लगा। इसी दौरान 13 तारीख को उनकी पत्नी अलीशा तिवारी भी कोरोना संक्रमित हो गए। माता-पिता के संपर्क में आने से बेटी सौम्या तिवारी एवं वैष्णवी तिवारी की भी तबीयत खराब हुई। हालांकि दोनों बच्ची जांच में कोरना निगेटिव मिली। फिर भी राजीव पूरे परिवार होम आइसोलेशन में चले गए और 25 दिनों में कोरोना को मात दी। अब ये पूरे परिवार स्वस्थ है राजीव ने बताया कि हम सभी का इलाज डॉ. वाईके दिवाकर एवं फिरदौस आलम की निगरानी में चला। होम्योपैथ डॉ. नीतीश दुबे भी लगातार वीडियो कॉलिंग से दिशा निर्देश देते रहे। 25 दिन बाद 3 अप्रैल को सभी सदस्यों ने कोरोना को मात दी।

पत्नी का ऑक्सीजन लेवल 67 आ गया था
राजीव ने बताया कि 28 अप्रैल को हम सभी परिवार के सदस्यों ने कोरोना का जांच करवाया। जिसमें मेरी व बेटी की रिपोर्ट निगेटिव मिली लेकिन पत्नी अलीशा तिवारी फिर पॉजिटिव मिली। लगातार इलाज के दौरान 3 मई को पत्नी ने भी कोरोना को मात कर निगेटिव हो गयीं। हालांकि इस दौरान अलीशा तिवारी का ऑक्सीजन लेवल 67 पर आ जाने के कारण वह बहुत ज्यादा परेशान होने लगी मगर बिना ऑक्सीजन लगाए ही वह ठीक हो गई। राजीव ने कोरोना को हराने की अपने अनुभव पर कहा कि हमलोग प्रत्येक 3 घंटे पर भांप लेते रहे। दवाएं लेती रही। उन्होंने बताया कि पर्याप्त मात्रा में भोजन करते रहे। योग करते रहे, गर्म पानी का सेवन प्रभावी है।

पॉजिटिव हुए तो क्या हुआ सोच निगेटिव नहीं होने दे
राजीव ने कहा लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए। अगर वह संक्रमित हो जाते हैं तो वैसे मरीजों को कभी डरना नहीं चाहिए मन में डर होने पर यह बीमारी और परेशान कर देता है। पॉजिटिव व्यक्तियों को घर में सुरक्षित तरीके से रहते हुए काढ़ा, हल्दी दूध का सेवन करते रहना चाहिए।

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