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परेशानी:जिला परिषद की 124 मनरेगा योजनाओं में पिछले 20 दिन से मजदूरी का भुगतान नहीं, काम बाधित

मुंगेर7 दिन पहले
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मनरेगा योजना से नहर की सफाई का काम करते मजदूर। - Dainik Bhaskar
मनरेगा योजना से नहर की सफाई का काम करते मजदूर।
  • डीएम ने कनीय अभियंता को प्रभार से कर दिया था मुक्त, नहीं हो रहा एमबी बुक
  • एक हजार से ज्यादा मजदूर प्रभावित, बारिश नहीं होती रहती तो यह संख्या और बड़ी होती

जिला परिषद द्वारा संचालित मनरेगा की योजनाओं में मजदूरों का भुगतान 20 दिन से लंबित है। एमवी बुक नहीं होने के कारण जिला परिषद द्वारा संचालित मनरेगा की 124 योजनाओं में 1 हजार से ज्यादा मजदूरों का एक जुलाई से भुगतान नहीं हो पा रहा है। जानकारी के अनुसार डीएम नवीन कुमार ने जिला परिषद के कनीय अभियंता को 1 जुलाई से प्रभार से मुक्त करते हुए तकनीकी सहायकों को योजनाओं का इस्टीमेट तैयार करने और एमवी बुक करने का आदेश दिया है। परंतु सदस्यों का कहना है कि पूर्व से स्वीकृत मनरेगा की कई योजनाओं में मिट्‌टी वर्क चल रहा है और उसमें मजदूर भी कार्यरत हैं। जिसका तकनीकी सहायक एमवी बुक नहीं भर पा रहे हैं। बता दें कि जिला परिषद से टेटिया बंबर, तारापुर, सदर प्रखंड सहित अन्य प्रखंड में 15वें वित्त के अलावा मनरेगा की कई योजनाएं संचालित है। एमवी बुक नहीं होने भर पाने के कारण अधिकांश योजनाओं में मजदूरी नहीं मिलने के कारण मजदूरों ने काम करना बंद कर दिया है, जिस कारण योजनाएं लंबित पड़ी है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोरोना काल के दौरान प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में मुंगेर जिला नंबर वन रैंकिंग प्राप्त किया था। इसके अलावा जिला परिषद द्वारा संचालित मनरेगा और 15वें वित्त द्वारा योजनाअों में स्कीम को पूर्ण करने में भी चालू वित्तीय वर्ष के जून माह में मुंगेर जिला नंबर वन रैंकिंग प्राप्त किया था। परंतु 20 दिन से मजदूरों के मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाने के कारण अधिकांश योजनाओं में मजदूरों ने काम करना बंद कर दिया है। ऐसे में मनरेगा योजनाओं की पूर्णता में जिला की रैंकिंग पिछड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

समस्या से जिलाधिकारी को कराया गया है अवगत: उपविकास आयुक्त
उपविकास आयुक्त संजय कुमार बताते हैं कि जिला परिषद द्वारा संचालित 15वें वित्त आयोग और मनरेगा दोनों योजनाओं में स्टीमेट तैयार करने और एमवी बुक करने का आदेश जिलाधिकारी द्वारा तकनीकी सहायक को दिया गया है। सभी सदस्यों से कहा गया है कि तकनीकी सहायकों से ही एमवी बुक कराएं। समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए फाइल डीएम के यहां भेजा गया है।

योजना में काम करने वाले मजदूरों ने सुनाई व्यथा
तारापुर के गाजीपुर पंचायत अंतर्गत फाजिलगंज में पोखर की खुदाई व सीढ़ी घाट निर्माण में काम करने वाले मजदूर जुबेर आलम, चंदा कुमारी, धोबई पंचायत के धोबई गांव में बुद्धो यादव के घर से सदानंद के घर तक नाला एवं मिट्‌टी मोरंम सड़क निर्माण में जुटे किरण देवी, सोने लाल यादव, लीला देवी, रामपुर पंचायत के विषय गांव में ग्रामीण पथ से बजरंगबली तक मिट्‌टी मोरंम सड़क निर्माण कार्य में जुटे मजदूर आशा देवी, तुरी महतो आदि ने बताया कि वे लोग कोरोना काल में यहां आकर मजदूरी कर रहे हैं। 198 रुपया प्रति दिन के हिसाब से मिलता है। पर 1 जुलाई से भुगतान नहीं हुआ है।

एमबी बुक भरने के बाद 8वें दिन खाते में भेजी जाती है मजदूरी
मनरेगा में काम करने वाले महिला मजदूरों को 67 सीएफटी मिट्‌टी प्रतिदिन तथा पुरुष मजदूर को 80 सीएफटी मिट्‌टी प्रतिदिन काटना है। इसके एवज में मजदूरों का 14 दिन का मास्टर रॉल बनता है। मास्टर रौल में2 रविवार काट कर मजदूर का 12 दिन का मापी पुस्तिका भर कर 08वें दिन राशि भेजे जाने का प्रावधान है। राशि भेजे जाने पर 8 दिन से ज्यादा विलंब होने की स्थिति में मनरेगा एक्ट के तहत जिस स्तर से भुगतान में विलंब हुआ है, उसकी राशि से मजदूरी का भुगतान का प्रावधान है।

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