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खतरनाक लापरवाही:मुंगेर भूकंप के सिस्मिक जोन 4 में, फिर भी बहुमंजिले भवन का नक्शा हो रहा पास

मनोज कुमार| मुंगेर9 दिन पहले
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  • सिस्मिक जोन 4 में भूकंप की तीव्रता 5 से 6 होने का अनुमान
  • भूगर्भ शास्त्री बोले: गंगा किनारे बसे शहर में 4 से 5 तीव्रता वाला भूकंप किसी संरचना को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी

मुंगेर शहर भूकंप के सिस्मिक जोन 04 में है। जहां भूकंप की तीव्रता 5 से 6 रहने का हमेशा अनुमान रहता है। इतनी तीव्रता के भूकंप में कोई भी आधारभूत संरचना ध्वस्त हो सकता है। वर्ष 1934 में आए भूकंप से तबाही का मंजर मुंगेर देख भी चुका है। जब सारा शहर मलबा में तब्दील हो गया था और 1430 लोगों की मौत मलबा में दबने से हाे गई थी। इसके बाद 1988 में भी भूकंप ने काफी तबाही मचाई थी। बावजूद हम भूकंप जैसी आपदा को नजरअंदाज करते हुए बिना सोचे समझे उंची-उंची इमारतों का निर्माण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। और तो और नगर निगम प्रशासन भी जी+थ्री (ग्राउंड फ्लोर + तीन मंजिल) चार मंजिला मकान बनाने का नक्शा पास कर दे रहा है। हालांकि नगर आयुक्त इसके पीछे तर्क देते हंै कि भूकंप रोधी भवन के डिजाइन के अाधार पर ही चार मंजिले मकान का नक्शा नगर निगम द्वारा पास किया जाता है। लेकिन नक्शा पास करने के बाद बहुमंजिला भवन का निर्माण भूकंप रोधी हो रहा है कि नहीं इसकी मॉनिटरिंग नगर निगम द्वारा नहीं की जाती। नतीजतन लोग जी प्लस फोर या फाईव का भवन निर्माण कर रहे हैं। नगर निगम बहुमंजिला भवन निर्माण का नक्शा भूकंप रोधी डिजाइन के आधार पर पास तो कर देता है लेकिन भवन निर्माण भूकंप रोधी हो रहा है कि नहीं इसकी मॉनिटरिंग कभी नहीं करता। शहर के बेलन बाजार में चार मंजिला जीवन अवतार सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए निगम द्वारा नक्शा पास किया गया है, लेकिन चारमंजिला भवन भूकंप रोधी डिजाइन के अनुसार बन रहा है कि नहीं इसकी मॉनिटरिंग आज तक निगम प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा मार्च 2020 से मई 2021 तक 67 मकान का नक्शा पास किया गया, जिसमें 14 चारमंजिला भवन का नक्शा शामिल है।

ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि भूकंप जोन-4 में बहुमंजिला भवन का निर्माण नहीं हो सकता। नगर निगम क्षेत्र में चार मंजिला भवन निर्माण का नक्शा भू-स्वामी द्वारा भूकंप रोधी मकान का डिजाइन प्रस्तुत किए जाने के बाद ही पास किया जाता है।
- श्रीकांत शास्त्री, नगर आयुक्त

मिट्‌टी बलुआही बड़े भवन का निर्माण खतरनाक
मुंगेर गंगा किनारे बसा है जहां की भूगर्भीय मिट्‌टी बलुआही है, इसके अलावा यह भूकंप के सिस्मिक जोन 04 में आता है जहां 5 से 6 तीव्रता वाले भूकंप की संभावना बनी रहती है। जो किसी भी आधारभूत संरचना को ध्वस्त करने के लिए काफी है। बलुआही मिट्‌टी पर भूकंप रोधी डिजाइन काम नहीं करेगा, जिसका खामियाजा बाद में भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में सतर्क व सावधान रह कर बहुमंजिला इमारत का निर्माण करने से लोगों को बचना चाहिए।
डॉ रणजीत कुमार सिंह, भूवैज्ञानिक सह पर्यावरणविद, सिद्धो कान्हू मुर्मू विवि

नगर निगम को करनी चाहिए भवन निर्माण की मॉनिटरिंग
भवन निर्माण या नक्शा पास करने की जिम्मेदारी आपदा प्रबंधन विभाग को नहीं बल्कि नगर निगम की है। चूंकि मुंगेर सिस्मिक जोन-4 में है, ऐसे में बहुमंजिला भवन निर्माण का नक्शा नगर निगम प्रशासन को पास करने से बचना चाहिए। अगर निगम प्रशासन भूकंप रोधी डिजाइन के आधार पर बहुमंजिला भवन निर्माण का नक्शा पास करता है, तो वैसे बहुमंजिला भवन निर्माण के दौरान भूकंप राेधी मकान बन रहा है कि नहीं इसकी मॉनिटरिंग भी करनी चाहिए। राजीव कुमार, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, मुंगेर।

भवन निर्माण ऐसा हो कि पर्याप्त खुली जगह मिले
आम लोगों को जागरूक व प्रशासन को जिम्मेदार होने की जरूरत भूकंप में शहर व शहरवासी को कम नुकसान हो इसके लिए आम शहरवासी को जहां जागरूक और समझदार होने की जरूरत है, लोगों को बिना सोचे-समझे उंची इमारतों का निर्माण से बचना चाहिए। वहीं प्रशासन काे भी जिम्मेदार रहने की जरूरत है। शहर में चौड़ी सड़कें हो, नाला का व बारिश का पानी निकासी के लिए नाला और सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाए। मकानों का निर्माण इस तरह कतारबद्ध तरीके से किया जाए कि पर्याप्त खुली जगह मिल सके।

कब कितनी तीव्रता का आया है भूकंप

तिथि तीव्रता 15 जनवरी 1934 8.5 11 जनवरी 1962 6.0 21 अगस्त 1988 6.7 18 सितंबर 2011 5.7 25 अप्रैल 2015 7.9 28 अप्रैल 2015 6.8 04 जनवरी 2016 6.9

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