जमीन बहनोई की, मरा साले का परिवार क्यों? जानिए:9 कट्‌ठा का झंझट ही नहीं, प्रेम-संबंध में विलेन के रोल ने भी मुंगेर में कराया रक्तपात

मुंगेरएक वर्ष पहलेलेखक: कृष्ण बल्लभ नारायण
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जयजयराम साह और उसके बेटे की मौत के बाद वीरान हुआ घर। - Dainik Bhaskar
जयजयराम साह और उसके बेटे की मौत के बाद वीरान हुआ घर।

जम्मू तक देसी कट्‌टे के लिए चर्चित हो चुके मुंगेर में शुक्रवार की रात एक ही मुहल्ले में तीन लाशें गिरीं। दो एक परिवार की। तीसरे की भूमिका अभी अस्पष्ट है। बात आई कि चार साल से जमीन का कब्जा के विवाद में यह रक्तपात हुआ, लेकिन भास्कर की पड़ताल में एक ऐसी कहानी मिल रही जिससे मरने वालों की मौत की वजह सामने आ रही है। क्योंकि, मरने वाले बाप-बेटे न तो जमीन के खरीदार थे और न कब्जा विवाद से इनका लेना-देना था। जमीन बहनोई की थी और मरा साले का परिवार! हिरासत में भी साले का ही दूसरा बेटा! कहानी प्रेम-संबंध में विलेन के रोल से जुड़ी है, क्योंकि ज्यादा बड़ा कारण यही सामने आ रहा भास्कर पड़ताल में।
वजह तक पहुंचने के लिए जानना होगा जमीन और रिश्ता
जयजयराम साह और उसके बेटे कुंदन साह की इस घटना में मौत हुई है। दूसरा बेटा फौजी चंदन कुमार पुलिस हिरासत में है। 9 कट्‌ठे के जिस जमीन विवाद में रक्तपात की बात आ रही है, वह जयजयराम के दो सालों ओमप्रकाश और मंटू ने खरीदी थी। मंझले साले मंटू ने 5 कट्‌ठा जमीन रामाधीन महतो से खरीदी थी, जबकि बड़े साले ओमप्रकाश ने रामाधीन के सौतेले भाई रामाश्री से 4 कट्‌ठा जमीन ली थी। रामाधीन महतो का एक अन्य सौतेला भाई कुंदन महतो इस बिक्री के बाद कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। उलटा, जमीन छोड़ देने के लिए धमकाने लगा।

भास्कर रिपोर्टर ने कासिमबाजार थाने में फौजी चंदन से बात की तो उसने कहा- “कुंदन महतो ने जमीन छोड़ने और रंगदारी के लिए कई बार शराब पीकर ओमप्रकाश और मंटू मामू के घर पर हंगामा किया। इसका CCTV भी उनके घर में है, लेकिन घर में चढ़कर हत्या करने वालों के खौफ से महिलाएं वहां नहीं जा रही हैं।” चंदन साह के पास इस जमीन विवाद में अपने पिता-भाई की मौत का कारण नहीं है, बस उसे जमीन का झंझट पता है। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि चंदन आर्मी में है और श्रीनगर में ड्यूटी पर व्यस्त रहता है। वह छुट्‌टी पर 10 फरवरी को बाढ़ (पटना) स्थित ससुराल होते हुए 12 फरवरी को घर आया था।

अब प्रेम-संबंध और विलेन के रोल की कहानी पढ़िए
जो कुंदन जमीन के लिए जयजयराम साह के साले ओमप्रकाश और मंटू से झंझट कर रहा था, उसके साले अशोक महतो का करीब 4 साल ही पहले प्रेम-प्रसंग सामने आया था। अशोक जयजयराम साह के पड़ोसी प्रहलाद रजक की बेटी शिवानी को भगा ले गया था। इस मामले में जयजयराम साह के बेटे कुंदन साह ने कुंदन महतो के साले अशोक चौधरी के खिलाफ FIR कराने में प्रहलाद की मदद की। मामला पुलिस तक पहुंचने के कारण उस समय शिवानी न केवल वापस आई, बल्कि उसने जबरदस्ती उठा ले जाने की बात भी कही। दोबारा मामला थाने में नहीं पहुंचा और लोगों ने समझौता कर लिया। कुछ महीने बाद शिवानी पिता का घर छोड़कर अशोक के पास रहने लगी। विवाद तो बाहर-बाहर खत्म हो गया, लेकिन अशोक महतो ने अपने प्रेम में कुंदन साह और उसके पिता जयजयराम साह को विलेन मान लिया। अशोक महतो के बहनोई कुंदन महतो का जमीन विवाद भी इसमें जुड़ गया और यह रक्तपात सामने आया।

घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन।
घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन।

अब मौत की कहानी से मिलाइए इन फैक्ट्स को
शुक्रवार को दिन में बवाल हुआ और शाम में यह हत्याकांड। दो बातें आ रहीं। एक यह कि फौजी चंदन ने पहले गोली चलाई, जिसमें कुंदन महतो की ओर से आया सागर महतो मारा गया। दूसरी बात यह कि सागर घटनास्थल के पास ही ननिहाल में रहता था। शुक्रवार की शाम मजदूरी कर लौटा था और खाने के पहले हाथ धोने नल पर गया था, इसी दौरान एक गोली उसे आकर लगी। चंदन साह के परिजन कुंदन महतो की ओर से गोली चलने से सागर की मौत कह रहे, जबकि पुलिस यह मानकर चल रही कि फौजी चंदन की गोली से सागर की मौत के बाद ही बवाल बढ़ा। यहां यह सवाल उठता है कि चंदन साह की गोली से सागर की मौत होती है तो कुंदन महतो की भूमिका कैसे हो सकती है? जबकि, चंदन साह के घर की महिलाएं बता रहीं कि शुक्रवार की शाम कुंदन महतो, उसका साला अशोक महतो, ससुर परमेश्वर महतो उर्फ रावण, चचेरा साला राकेश महतो समेत 10 लोगों ने एक साथ हमला कर जयप्रकाश साह और कुंदन साह को मौत के घाट उतार दिया। महिलाएं कुंदन महतो के भाई रामाश्री महतो का भी नाम ले रही हैं, जिससे ओमप्रकाश ने 4 कट्‌ठा जमीन खरीदी थी। इन नामों के साथ चंदन साह के घर की महिलाएं आवेदन लेकर थाने पहुंचीं। पुलिस ने इस आवेदन के आधार पर FIR दर्ज कर ली है।