मांग की:मुंगेर विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध कॉलेजों से मांगी जानकारी

मुंगेरएक महीने पहले
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  • आरटीआई में मांगी गई जानकारी नहीं देने के बाद द्वितीय अपील में जाने के बाद हरकत में आया विवि

मुंगेर विश्वविद्यालय प्रशासन स्थापना काल से ही लोक सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के प्रति निष्क्रिय रहा है। प्रथम अपील के मामले में भी न तो विधिवत यहां कोई सुनवाई की जाती है और न ही आवेदकों को सूचना उपलब्ध हो पाती है। आवेदकों को वांछित सूचना प्राप्त करने के लिए द्वितीय अपील के तहत राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। एक ऐसा ही मामला इस बार सामने आया है। राज्य सूचना आयोग के द्वारा आवेदक को वांछित सूचना प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय को पत्र भेजा है। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इस दिशा में आदेश जारी किया है। आरटीआई के तहत आवेदन एवं इसके बाद प्रथम अपील के बावजूद जब आवेदक विनय कुमार सिन्हा को वांछित सूचना प्राप्त नहीं हुई तब जाकर आवेदक ने राज्य सूचना आयोग के समक्ष द्वितीय अपील दायर किया। इसके बाद राज्य सूचना आयोग ने इस बारे में सुनवाई कर विश्वविद्यालय को पत्र लिखा। विदित हो कि बिहारशरीफ नालंदा के कागजी मुहल्ला निवासी विनय कुमार सिन्हा ने विश्वविद्यालय से उसके अधीन संचालित संबद्ध कालेजों में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति, योग्यता आदि से संबंधित जानकारी मांगी है। जिसमें शिक्षकों का नाम, उनके विभाग का नाम, नियुक्ति की तिथि, योगदान की तिथि, पदों के विज्ञापन की तिथि एवं समाचार पत्र का नाम (जिसमें पदों का विज्ञापन हुआ था), नियुक्ति के समय शिक्षक की योग्यता, आवेदन के समय उनकी योग्यता, पीएचडी रजिस्ट्रेशन की तिथि, नियुक्ति की प्रकृति (स्थायी/अस्थायी), यदि स्थायी है तो उसके प्रभाव की तिथि, जब विभाग खोलने का पहला आदेश मिला और जाति तथा वरीयता की जानकारी मांगी गई है। आवेदनकर्ता द्वारा जो जानकारी मांगी गई है, उसमें संबंधित अधिकांश जानकारी टीएमबीयू से संंबंधित है तथा अभी तक संबंधित संचिका टीएमबीयू के ही पास है। इस मामले में संबंधित जानकारी संबद्ध कॉलेजों से भी मांगी गई है।

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