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सदर अस्पताल:एमसीएच वार्ड में मरीजों को रात में लगता डर, नर्स की भी नहीं लगाई जाती है ड्यूटी

मुंगेर3 दिन पहले
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आपबीती सुनाती एमसीएच वार्ड में भर्ती महिला मरीज और उनके परिजन। - Dainik Bhaskar
आपबीती सुनाती एमसीएच वार्ड में भर्ती महिला मरीज और उनके परिजन।
  • कई प्रसूताओं की मौत के बाद वार्ड में रात गुजारने से कतराते हैं मरीज

सदर अस्पताल प्रबंधन मरीजों को हर संभव सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। लेकिन अस्पताल के महिला वार्ड मंे बने एमसीएच वार्ड में जहां प्रसव पश्चात महिलाओं को रखा जाता है, उस वार्ड में महिला मरीज रात डर के साये में गुजारती हैं। सिर्फ मरीज ही नहीं उस वार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों में भी भय का माहौल है। उक्त वार्ड में काम करने वाले कर्मचारी और कई सफाई कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एमसीएच वार्ड में कई प्रसव पीड़ित महिलाओं की मौत हो चुकी है। रात में उस वार्ड की तरफ जाने में भय लगता है। भय का माहौल दूर करने के लिए ही पांच दिन पूर्व एमसीएच वार्ड को पूरी तरह साफ-सफाई कर सत्यनारायण भगवान का पूजा-अर्चना कर होम संपन्न कराया गया। एमसीएच वार्ड में पहली बार सत्यनारायण भगवान का पूजा और होम कराने का मकसद सिर्फ यही था कि वार्ड में डर का माहौल समाप्त हो सके। वार्ड का माहौल भयमुक्त बनाने के लिए पूजा कराने की चर्चा समूचे सदर अस्पताल में जोर-शोर से है। लेकिन कोई कर्मचारी खुल कर कुछ बताने को तैयार नहीं है। लेकिन वार्ड में भर्ती दो महिला मरीजों और उनके परिजनों ने रात में भय लगने की पीड़ा सुनाते हुए वार्ड ब्वाय से जगह बदल कर दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने की गुहार लगाई। लेकिन वार्ड इंचार्ज के अवकाश पर रहने के कारण मरीज को दूसरे वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जा सका।

नौ बजे स्लाइन चढ़ा चली जाती है नर्स, फिर पूरे रात नहीं आती
एमसीएच वार्ड में भर्ती फौजदारी बाजार निवासी पवन कुमार की 25 वर्षीय पत्नी पिंकी कुमारी का सिजेरियन द्वारा प्रसव शनिवार को हुआ था। आपरेशन के बाद रविवार तक उसे आईसीयू मंे रखा गया। सोमवार को उसे एमसीएच वार्ड में भर्ती कर दिया गया। जहां रात को महिला मरीज व परिजन डर रहे थे। उस समय कोई नर्स भी ड्यूटी पर नहीं थी। रात 9 बजे नर्स आई और स्लाईन चढ़ा कर चली गयी। देर रात पिंकी को ठंड लगने लगा। सुबह ड्यूटी पर पहुंची नर्स द्वारा महिला मरीज को ऑक्सीजन लगाया गया।

डर लगता है इसलिए बदल दीजिए वार्ड: मरीज
रात में डर लगने और किसी नर्स के नहीं रहने की शिकायत निशू कुमारी नामक महिला मरीज ने भी की। उसका भी प्रसव शनिवार को हुआ था। सुबह परिजनों ने वार्ड व्याय रविन्द्र कुमार से यह कह कर वार्ड बदलने की गुहार लगाई कि रात में यहां कोई नर्स नहीं रहती है। और रात में डर भी लगता है। इसलिए किसी दूसरे वार्ड में हम लोगों को शिफ्ट कर दीजिए। परंतु एमसीएच वार्ड की इंचार्ज नर्स मधु कुमारी के अवकाश पर रहने के कारण मरीज का वार्ड नहीं बदला जा सका।

नर्स की कमी के कारण उक्त वार्ड में रात में नहीं लगती है ड्यूटी
जानकारी के अनुसार एमसीएच वार्ड में 7 नर्स की ड‍्यूटी है। जिसमें 2 इंचार्ज नर्स है। शेष 5 नर्स में से दो नर्स सुबह और दो शाम की शिफ्ट में ड्यूटी करती है। जबकि दो नर्स नाइट के बाद ऑफ पर रहेगी। इसलिए रात को किसी नर्स की उक्त वार्ड में ड‍्यूटी नहीं लगी है। प्रसव वार्ड में कार्यरत नर्स को एमसीएच वार्ड में भर्ती मरीज की देखरेख करने का जिम्मा दिया गया है। वहां कार्यरत नर्स ने बताया कि तीनों शिफ्ट में ड‍्यूटी के लिए 8 नर्स की आवश्यकता है। नर्स की कमी के कारण यहां रात को नर्स की ड‍्यूटी रोस्टर नहीं बना है।

एमसीएच वार्ड में सत्यनारायण भगवान का पूजा और हवन के आयोजन की जानकारी नहीं है। हालांकि वार्ड में डर जैसी कोई बात नहीं है। अगर मरीज या कर्मचारी सायक्लोजिकली भ्रमित हो रहे हैं, तो पूजा करने से निश्चय ही मन का भ्रम मिटेगा। वैसे रात्रि शिफ्ट में भी एमसीएच वार्ड में नर्स का ड्यूटी रोस्टर बनाया जाएगा।
डा. पीएम सहाय, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, मुंगेर।

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