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  • Shweta Corona, Wife Of Rahul Bhalar Resident Of Dharhara, Was In Home Isolation For Six Days After Being Positive, The Doctor Was Referred To The Night Shift By Saying That There Was No Isolated OT In Sadar Hospital.

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आपको सैल्यूट:धरहरा के भलार निवासी राहुल की पत्नी श्वेता कोरोना पॉजिटिव होने के बाद छह दिनों से होम आइसोलेशन में थी, सदर अस्पताल में आइसोलेटेड ओटी नहीं होने की बात कर नाइट शिफ्ट की डॉक्टर ने कर दिया था रेफर

मुंगेर6 महीने पहले
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सुकून का भाव : सदर अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव प्रसूता के सुरक्षित प्रसव के बाद पीपीई किट में नवजात को गोद में लिए खड़ी स्वास्थ्यकर्मी। - Dainik Bhaskar
सुकून का भाव : सदर अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव प्रसूता के सुरक्षित प्रसव के बाद पीपीई किट में नवजात को गोद में लिए खड़ी स्वास्थ्यकर्मी।
  • कोरोना पॉजिटिव प्रसूता की मदद के लिए जब सबने किया इंकार, तो एक डॉक्टर और दो नर्सों ने निभाया धर्म, पीपीई किट पहन कराया सुरक्षित प्रसव

डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप क्यों कहा जाता है, इसका जीता-जागता उदाहरण शनिवार को जिला सदर अस्पताल में देखने को मिला। जब एक डॉक्टर और दो नर्स ने अपनी जान को जोखिम में डालते हुए कोरोना पॉजिटिव प्रसूता का सुरक्षित प्रसव कराया। सुबह 6 बजे प्रसव पीड़ा से कराह रही प्रसूता को लेकर उसके परिजन सदर अस्पताल आए थे, लेकिन जैसे ही उक्त महिला के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिली प्रसव वार्ड में अफरातफरी मच गई। जिले में आइसोलेटेड ऑपरेशन थियेटर नहीं होने की बात कहकर रात्रि पाली की डॉक्टर ने प्रसूता को रेफर कर दिया। लेकिन थोड़ी देर बाद सुबह की शिफ्ट में पहुंची नर्स व डॉक्टर ने मरीज के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी के बाद भी धरहरा के भलार निवासी राहुल कुमार की पत्नी श्वेता सिंह का प्रसव कराया। राहुल ने बताया कि श्वेता ने दो वर्ष पूर्व सर्जरी के बाद एक बच्चे को जन्म दिया था। ऐसे में इस बार भी सर्जरी की आशंका थी। फिर ऐन वक्त में कोरोना संक्रमित हो जाने के बाद हमलोग भयभीत थे। वो 27 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव मिली थी। जिसके बाद से होम क्वारेंटाइन में रह रही थी। शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर उसे लेकर सदर अस्पताल लाए थे। नाईट शिफ्ट की डॉक्टर द्वारा रेफर किए जाने के बाद उसे ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि मॉर्निंग शिफ्ट में प्रसव वार्ड की इंचार्ज नीतू सिस्टर ड्यूटी पर पहुंची तो दर्द से कराह रही प्रसव पीड़ित महिला को देख वह द्रवित हो गई। केस हिस्ट्री समझते हुए उसनेे डा. मंजूला रानी मंडल को बुलवाया। इसके बाद दाेनों ने पुन: महिला की जांच की। महिला के प्रसव का समय पूरा हो चुका था। डाक्टर ने कहा कि अगर रेफर करेंगे तो संभव है कि रास्ते में ही प्रसव हो जाए। इस पर नर्स व डाक्टर ने अस्पताल में ही प्रसव का निर्णय लिया।

जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

फिर डॉक्टर मंजूला रानी ने उपाधीक्षक से अनुमति लेकर जान की परवाह किए बगैर पीपीई कीट पहन कर महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। जहां महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव वार्ड की इंचार्ज नीतू सिस्टर ने बताया कि सुरक्षित प्रसव के बाद जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। प्रसूता महिला व नवजात को प्रसव कक्ष के उपरी तल पर रखा गया है। अस्पताल प्रबंधक से नवजात का कोरोना जांच के बावत पूछे जाने पर बताया कि नवजात की जांच नहीं होगी, उसे पूरी तरह सेनेटाइज्ड कपड़े में लपेट कर रखा गया है। डॉक्टर मंजूला और नर्स नीतू और विनीता के इस काम की उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, डीएम के अलावा सभी स्वास्थ्य कर्मचारी तारीफ कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने प्रसव में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित करने की घोषणा भी कर दी है।

सम्मानित होंगे स्वास्थ्यकर्मी

जान की परवाह किए बगैर कोरोना पॉजिटिव महिला का सुरक्षित प्रसव कराना डॉक्टर व नर्स की सेवाभावना को प्रदर्शित करता है। यह एक बेहतर कार्य है। इस तरह की सेवा भावना का परिचय देनेवाले स्वास्थ्य कर्मियों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
राजेश मीणा, डीएम, मुंगेर।

27 सितंबर को कोरोना पॉजिटव मिली थी श्वेता 2 वर्ष पूर्व सर्जरी से दिया था पहले बच्चे को जन्म
6.00 बजे:
गर्भवती अपने पति, देवर, सास व गोतनी के साथ प्रसव वार्ड पहुंची थी। तैनात नर्स ने उपरी तल पर भेजा।
6.10 बजे: परिजनों ने महिला के पॉजिटव होने की जानकारी दी, जिसके बाद अफरातफरी मच गई।
6.30 बजे: नर्स की मांग पर जांच रिपोर्ट नहीं दे सके परिजन। कोरोना के कारण नहीं हुआ था जांच।
7.30 बजे: रात्रि ड्यूटी की डॉ. निर्मला गुप्ता ने केस हिस्ट्री के अनुसार महिला को रेफर करने की दी सलाह।
08.45 बजे: मार्निंग शिफ्ट की इंचार्ज नर्स नीतू और नर्स विनीता पहुंची, कोरोना की जानकारी के बाद भी जांच की।
09.00 बजे: महिला ओपीडी से डा. मंजूला रानी को बुलवाया, फिर आपस में बातकर यहीं प्रसव का निर्णय लिया।
09.20बजे: उपाधीक्षक को फोन कर केस की जानकारी देते हुए सुरक्षित प्रसव कराने की बात कही।
09.35 बजे: नर्स नीतू, विनीता और डॉक्टर मंजूला ने पीपीई कीट पहनकर प्रसव के प्रयास शुरू किए।
10.00 बजे: महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ, प्रसव के दौरान महिला ने एक बच्ची को दिया जन्म।

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