कोरोना:लाश की न रैपिंग हुई, न मोर्चरी वैन मिला संक्रमितों ने कंधे पर उठा श्मशान पहुंचाया

हवेली खड़गपुर6 महीने पहले
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कोविड से मौत के बाद महिला के शव को ले जाते अन्य संक्रमित परिजन। - Dainik Bhaskar
कोविड से मौत के बाद महिला के शव को ले जाते अन्य संक्रमित परिजन।
  • हवेली खड़गपुर प्रखंड की प्रसन्डो निवासी महिला ने कोरोना से गंवाई जान
  • सीएचसी प्रशासन की लापरवाही : लाश को रैप कर एंबुलेंस से श्मशान तक नहीं पहुंचवाया
  • परिजनों की लापरवाही: पीपीई किट मिलने के बाद नहीं पहने, दूसरों को भी कर सकते हैं संक्रमित

कोरोना पॉजिटिव एक महिला की मौत के बाद दाह-संस्कार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिजनों को न तो शव वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही शव की रैपिंग की गई। मृत महिला के परिजन खुद रैपिंग कर शव को बिना पीपीई कीट पहने कंधे पर उठा कर श्मसान घाट ले गए। कंधा देने वाले कई परिजन खुद पॉजिटिव भी है। स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही का यह मामला बैजलपुर पंचायत के प्रसन्डो गांव से जुड़ा है। प्रसन्डो वार्ड-10 निवासी प्रकाश नारायण सिंह की 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला देवी की गुरुवार को कोरोना से मौत हुई। मौत के बाद परिजनों ने दाह संस्कार के लिए पीएचसी प्रभारी एलबी गुप्ता से शव का रैपिंग करने और शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर पीएचसी प्रभारी ने शव वाहन नहीं रहने और पोस्ट डेथ मैनेजमेंट टीम के सदस्य नहीं रहने की बात कहते हुए 5 पीपीई कीट उपलब्ध करा दिया और परिजनों से कहा कि पीपीई कीट पहन कर खुद रैपिंग कर लें और शव का दाह संस्कार करा लंे। इसके बाद परिजनों ने एक और लापरवाही की। परिजन बिना पीपीई कीट पहने ही कोरोना पॉजिटिव मृत महिला के शव का रैपिंग करने के बाद शव कंधा पर उठा कर दाह-संस्कार के लिए मुंगेर श्मसान घाट ले गए। जबकि दाह संस्कार में शामिल कई परिजन खुद कोरोना पॉजेटिव थे। जिन्हें होम आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया गया था। लाश ले जाने की तस्वीर और वीडियो वायरल होने के बाद सिविल सर्जन ने कहा कि यह गंभीर मामला है। यदि महिला की मौत कोरोना से हुई है तो उसे सारी सुविधा दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।

पहले ही रेफर हुई थी महिला मुंगेर के नहीं मिली थी जगह
सोमवार को महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई थी। जिसके बाद सीएचसी में लाया गया था। जहां कोविड जांच में महिला पॉजिटिव पाई गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए महिला को मुंगेर रेफर कर दिया गया। लेकिन परिजन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य हिमांशु कुमार सिंह ने बताया कि सांस लेने में परेशानी के बाद मुंगेर रेफर की गई उनकी दादी को मुंगेर के अस्पताल में भर्ती नहीं लिया गया।

लाश को ले जाने के लिए नहीं मिल रहा था कोई भी वाहन
ऑक्सीजन की कमी से हो रही परेशानी से जुझते हुए गुरुवार की सुबह उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कोविड से मृत महिला के परिवार में कई सदस्य पॉजिटिव हैं। ऐसे में दाह-संस्कार के लिए कोई वाहन तैयार नहीं हुआ। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. एलबी गुप्ता को भी इस परिस्थिति की जानकारी दी गई। लेकिन उनके द्वारा जिला में मोर्चरी वाहन नहीं रहने की बात बताई गई।

हमने पीपीई किट दिया था, परिजनों ने नहीं पहना
महिला के शव को शवदाह गृह तक ले जाने के लिए मोर्चरी वाहन उपलब्ध नहीं था। ऐसे में हमने शव उठाने के लिए पांच पीपीई कीट भी उपलब्ध कराया। लेकिन जब वे उसका इस्तेमाल नहीं करेंगे तो क्या कहा जा सकता है।
डॉ. लाल बहादुर गुप्ता, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

गंभीर मामला, जांच कर की जाएगी कार्रवाई
यह बहुत गंभीर मामला है, इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच की जाएगी। यदि मृत महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव है और पीएचसी प्रभारी ने ऐसी लापरवाही बरती है तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। पॉजिटिव की मौत पर एंबुलेंस से डेडबॉडी पहुंचाना है।
डा. हरेन्द्र कुमार आलोक, सिविल सर्जन, मुंगेर

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