लापरवाही:निजी गार्ड को बनाया टीकाकरण अधिकारी

टेटिया बंबर (मुंगेर)8 महीने पहले
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सेंटर के बाहर खड़े प्राइवेट गार्ड सह टीकाकरण अधिकारी अरुण कुमार सिंह। - Dainik Bhaskar
सेंटर के बाहर खड़े प्राइवेट गार्ड सह टीकाकरण अधिकारी अरुण कुमार सिंह।
  • टेटिया बंबर प्रखंड के जगन्नाथ हाईस्कूल में बनाए गए टीकाकेंद्र का मामला
  • क्योंकि... मात्र नौ दिन में एक के बाद एक सभी पीएचसी कर्मी हो गए कोरोना पॉजिटिव

चार दिवसीय कोविड टीका उत्सव के लिए बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर में टीकाकरण पदाधिकारी की जिम्मेदारी एक निजी गार्ड निभा रहे हैं। उन्हीं की देखरेख में सोमवार को 40 लोगों को कोरोना का टीका दिया गया। हालांकि वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो जाने के कारण सोमवार को दोपहर तक भी टीका लगा। टीकाकरण पदाधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे पीएचसी के निजी गार्ड अरुण कुमार सिंह ने बताया कि टीका खत्म होने की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। वैक्सीन की दूसरी खेप आने के बाद फिर टीका दिया जाएगा। मामला टेटिया बंबर प्रखंड के जगन्नाथ हाईस्कूल में बनाए गए टीकाकरण केंद्र से जुड़ा है। दरअसल टेटिया बंबर पीएचसी में तैनात सभी कर्मी के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद निजी गार्ड को टीकाकरण पदाधिकारी बनाया गया। अरुण सिंह ने बताया कि मैं पीएचसी में गार्ड हूं। लेकिन हमारे प्रभारी सहित पीएचसी के सभी कर्मी कोरोना संक्रमित हो गए हैं, जिस कारण मुझे यहां टीकाकरण अधिकारी बनाया गया है। उल्लेखनीय हो कि टेटिया बंबर पीएचसी में चिकित्सा पदाधिकारी समेत कुल 9 कर्मचारी पदस्थापित हैं। ये सभी एक अप्रैल से लेकर 9 अप्रैल के बीच कोरोना संक्रमित हो गए। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें होम क्वारेंटाइन में भेजा जा चुका है। इस बीच टीकोत्सव शुरू हो गया। ऐसे में कर्मियों की कमी को देखते हुए निजी गार्ड को टीकाकरण पदाधिकारी बना दिया गया।

पहले दिन 3358 लोगों को लगा टीका
9 दिन में पीएचसी के सभी कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद निजी गार्ड अरूण कुमार सिंह को टीकाकरण पदाधिकारी बनाया गया। उल्लेखनीय हो कि 11 अप्रैल से शुरू हुए चार दिवसीय कोविड टीका उत्सव के लिए जिले में 64 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। जहां पहले दिन 3358 लोगों को कोरोना का टीका दिया गया। जगन्नाथ बालिका छात्रावास को टीकाकरण केंद्र के साथ-साथ कोरोना संक्रमित मरीज रखने का सेंटर बनाया गया है। हालांकि अभी यहां कोई भी मरीज नहीं हैं। इस कारण यहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मरीज रखे जाने पर बेड आदि की व्यवस्था होगी।

सबसे पहले चिकित्सा पदाधिकारी मिले थे पॉजिटिव
पीएचसी चिकित्सा पदाधिकारी की ओर से वरीय पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र के अनुसार एक अप्रैल को पीएचसी प्रभारी डॉ. निरंजन कुमार सबसे पहले कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके बाद पांच अप्रैल को बीसीएम रामबाबू सिंह भी संक्रमित मिले। अगले ही दिन छह अप्रैल को पीएचसी में तैनात तीन अन्य कर्मचारी एमओआईसी डॉ. अपूर्व कुमार, लिपिक अरूण पासवान, फार्मासिस्ट सुनील कुमार कोरोना पॉजिटिव मिले। फिर आठ अप्रैल को पीएमडब्ल्यू नक्की नवाज भी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इसके अगले ही दिन 9 अप्रैल को तीन अन्य कर्मचारी एक साथ कोरोना की चपेट में आ गए। 9 अप्रैल संक्रमित मिले कर्मियों में अकाउंटेंड बबलू कुमार, आयुष चिकित्सक डॉ. रामधनी चौधरी, एलटी (कोविड-19) पंकज कुमार शामिल हैं। एक के बाद एक सभी 9 कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद निजी गार्ड को पदाधिकारी बनाया गया।

गार्ड को मिला टीकाकरण अधिकारी का आई कार्ड।
गार्ड को मिला टीकाकरण अधिकारी का आई कार्ड।

गार्ड को पदाधिकारी बनाया जाना गलत
गार्ड को टीकाकरण पदाधिकारी बनाए जाने की जानकारी मुझे नहीं है। अभी आपसे से बात होने पर ही उक्त जानकारी मिली है। किसी भी गार्ड को टीकाकरण पदाधिकारी बनाया जाना गलत है। मेरी जानकारी के अनुसार डॉ. केशव प्रसाद को टेटिया बंबर पीएचसी का प्रभार दिया गया है। मामले की जांच की जाएगी। फिर कार्रवाई की होगी।
डॉ. हरेंद्र कुमार आलोक, सिविल सर्जन, मुंगेर

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