बाढ़ का कहर:10 गांवों में घुसा पानी, राहत अभियान शुरू करने को प्रशासन कर रहा डेंजर लेवल क्रॉस करने का इतंजार

मुंगेर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बाढ़ के पानी में सड़क डुब जाने के कारण ठेला गाड़ी के सहारे सड़क पार करते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
बाढ़ के पानी में सड़क डुब जाने के कारण ठेला गाड़ी के सहारे सड़क पार करते ग्रामीण।
  • प्रति घंटे डेढ़ सेंमी की रफ्तार से बढ़ रही गंगा, विद्युत सब स्टेशन में भी घुसा पानी
  • नवनिर्मित एप्रोच पथ के किनारे चंडिका स्थान के समीप हो रहा तेजी से कटाव, 38.75 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर

जिले में गंगा ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। बाढ़ का पानी दियारा के निचले इलाकों के बाद अब नए-नए क्षेत्रों में प्रवेश करने लगा है। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान 39.33 मीटर से 58 सेंटीमीटर नीचे है। शनिवार शाम 6 बजे गंगा का जलस्तर 38.75 रिकार्ड किया गया। जबकि शुक्रवार को जलस्तर 38.66 था। 24 घंटे में 9 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। केन्द्रीय जल आयोग के दिनेश चौधरी के अनुसार गंगा का जलस्तर डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। रविवार सुबह 8 बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़ कर 38.90 सेंटीमीटर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है। गंगा किनारे के 10 से अधिक गांवों में पानी घुस चुका है, जबकि कई जगह कटाव हो रहा है। बाढ़ के कारण जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। लेकिन प्रशासन बाढ़ राहत अभियान शुरू करने के लिए गंगा के डेंजर लेवल क्रॉस करने का इंतजार कर रहा है। प्रशासन यह मानता है कि एक दाे दिन में गंगा का पानी डेंजर लेवल पार कर जाएगा। उसके बाद राहत शिविर प्रारंभ किया जाएगा। जिला आपदा प्रभारी के अनुसार राहत की तैयारी पूरी है।

इन गांवों में गंगा के बाढ़ का पानी कर चुका प्रवेश, परेशानी
सदर प्रखंड के जाफरनगर, सीताचरण, कुतलुपुर, टीकारामपुर, तारापुर दियारा, नौवागढ़ी उत्तरी, मय के अलावा बरियारपुर प्रखंड के गंगा से सटे सभी पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जाफरनगर और सीताचरण के कई लोग पशुओं व अनाज के साथ पलायन कर चुके हैं। जबकि टीकारामपुर, कुतलुपुर, तारापुर दियारा के निचले इलाके के लोग चारो ओर घिरे पानी के बीच जीवन यापन करने को विवश हैं।

राहत शिविर की सफाई पूरी अब लाइटिंग का काम जारी
चंडिका स्थान के समीप टीकारामपुर में नवनिर्मित गंगा पुल का एप्रोच पथ के किनारे तेजी से गंगा कटाव हो रहा है। प्रशासन ने जिले भर में 89 राहत शिविर का चयन करते हुए वहां साफ-सफाई करा दी गई है, साथ ही लाइटिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा चूड़ा, गुड़, पानी, पॉलीथीन सीट, पशुचारा सहित 44 आइटम की आपूर्ति के लिए वेंडरों का चयन करते हुए वेंडरों को पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखने का निर्देश भी दिया गया है।

बरियारपुर विद्युत सब स्टेशन में फैला बाढ़ का पानी
बरियारपुर विद्युत सब स्टेशन में फैला बाढ़ का पानी

सब स्टेशन में पानी से करंट का खतरा
बरियारपुर|गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बरियारपुर विद्युत सब स्टेशन में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सब स्टेशन में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से सब स्टेशन के नालों के द्वारा पैनल कमरे तक जाने वाले विद्युत तार में बाढ़ का पानी भर गया है। बाढ़ के पानी से आपूर्ति में खराबी होते ही कर्मी जान को जोखिम में डालकर उपकरणों को ठीक करते हैं। ऐसा नजारा प्रतिवर्ष देखने को मिलता है। जिस कारण विद्युत आपूर्ति के ठप होने की आशंका से उपभोक्ता आशंकित हैं। बरियारपुर विद्युत सब स्टेशन के उपभोक्ता मनोज साह, प्रदीप साह, कामदेव मंडल, कपिलदेव मंडल, लाचेश्वर मंडल, उमेश सिंह, प्रमोद कुमार आदि ने बताया कि हम उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति ठप हो जाने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर कर्मियों को पानी में काम करने में परेशानी हो रही है।

विभिन्न शहरों में जलस्तर

स्थान जलस्तर मुंगेर 38.75 भागलपुर 33.46 कहलगांव 31.54 साहिबगंज 27.58 फरक्का 22.57

बाढ़ ग्रस्त घोषित होते ही शुरू हाे जाएगा राहत शिविर

बाढ़ के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से 89 राहत शिविर का चयन करते हुए वहां साफ-सफाई कराई जा रही है। पशु चारा सहित अन्य खाद्य सामग्री और वस्तुओं के लिए वेंडरों का चयन करते हुए वेंडरों को पर्याप्त मात्रा में स्टॉक रखने का निर्देश भी दिया गया है। जिला के बाढ़ग्रस्त घोषित होते ही राहत शिविरों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
आनंद उत्सव, आपदा प्रभारी सह डीआरडीए निदेशक

खबरें और भी हैं...