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आक्रोश:हरीश रंजन के मौत की गुत्थी सुलझी पुलिस दोषियों पर करे सख्त कार्रवाई

मुरलीगंज2 दिन पहले
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कैंडल मार्च निकाल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
कैंडल मार्च निकाल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते ग्रामीण।
  • कैंडल मार्च निकाल कर ग्रामीणों ने जताया विरोध

हरीश रंजन की मौत मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों के द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। जानकारी के अनुसार मुरलीगंज थाना क्षेत्र के दिग्घी निवासी सुरेश रंजन के पुत्र हरीश रंजन (26 वर्ष) मुजफ्फरपुर स्थित अघोरिया बाजार साहू मार्केट, पतंजलि आरोग्य सेंटर में काम रते थे। छह सितंबर को उनके परिजनों को मौत की सूचना मिली थी। मृतक के पिता सुरेश रंजन ने बताया कि उनके दो बेटों में हरीश छोटा और अविवाहित था। हरीश से जब भी उनकी बात हुआ करती थी तो वह बताता था कि उनके वफादारी से खुश होकर पतंजलि आरोग्य सेंटर की संचालिका सेंटर चलाने की सारी जिम्मेदारी उसे सौंप दी है। सारा हिसाब किताब और लेन-देन का काम उसी के ऊपर है। वह बहन की शादी के लिए रुपए एकत्र करने के ख्याल से वेतन का पैसा भी संचालिका के पास ही जमा रखता था ताकि एक साथ रुपए ले सके। छह सितंबर को हरीश के किसी दोस्त के द्वारा उसके मृत्यु की सूचना उसके पिता को दी गई। मुजफ्फरपुर पहुंचने पर हरीश का शव श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कॉलेज से मिला। बताया गया कि हरीश का मोबाइल, सोने की अंगूठी, सहित अन्य कई सामान भी गायब था। सेंटर संचालिका पर हत्या का शंका जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि हरीश के द्वारा अपना रुपए मांगने पर उसकी हत्या करा दी गई है। उन्होंने कहा कि ओपी प्रभारी सदरे आलम ने काफी आनाकानी करने के बाद हरीश रंजन के बड़े भाई मनीष रंजन से फर्द बयान लिया।

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