पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

परेशानी:सोन नदी के पानी से राज्य के आठ जिलाें में होती है सिंचाई

नौहट्टा12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • 70 वर्ष में कई सांसद विधायक बने, लेकिन सिंचाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई
  • 30 प्रतिशत ही सिंचाई की व्यवस्था अबतक की जा सकी है

चुनाव दर चुनाव बीतते गया देश को आजाद हुआ 70 वर्ष बीत गया। केन्द्र एवम राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए कई तरह के कार्यक्रम चला रही है। 70 वर्ष में कई सांसद विधायक बने, लेकिन सिंचाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं किया गया। उतर प्रदेश एवं नवगठित झारखण्ड राज्य के सीमा पर वर्ष 1961 में स्थापित 11 पंचायत व 93 हजार 7 सौ 35 जनसंख्या वाले नौहट्टा प्रखण्ड के किसानों को न मौसम साथ देता है और न ही सिंचाई के पुख्ता इंतजाम है।

पिछले 5 वर्ष से लगातार बाढ़ और सुखाड़ के कारण किसान त्राहिमाम कर रहे हैं। इस प्रखण्ड का क्षेत्रफल 97497,40 एकड़ है। जिसमे कृषि योग्य भूमि 29462,80 एकड़ है। असिंचित भूमि 32000,00 एकड़ है। प्रखण्ड में वन क्षेत्र 35944,60 एकड़ है। उसमें भी मात्र 30 प्रतिशत भूमि में ही सिंचाई की व्यवस्था अब तक की जा सकी है।

वह भी निजी सिंचाई के साधन से। इस तरह इस प्रखण्ड में सिर्फ 30 प्रतिशत भूमि ही सिंचित हो पायी है। हजारों एकड़ भूमि को सिंचाई करने की कोई मुकम्मल सुविधा सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं। सरकार ने किसानों के हित में एक भी सिंचाई योजना धरातल पर नहीं उतार सकी है। जिसका सीधा नुकसान किसानों को हर वर्ष उठाना पड़ रहा है। अब तक किसान खेती आकाशीय वर्षा और निजी मोटर पम्प डीजल पम्प के सहारे ही कर रहे है।

27 उद्वह सिंचाई योजना का काम पड़ा है अधूरा
इस प्रखण्ड में वर्ष 1985- 86 से 27 उद्वह सिंचाई योजना के काम आधा अधूरा पड़ा हुआ है। इन योजनाओं के निर्माण पर लघु सिंचाई विभाग द्वारा करोड़ों रूपये खर्च किये गए हैं लेकिन आज तक एक इंच भूमि का भी सिंचाई इन सिंचाई योजनाओं से नहीं हो रहा है। तमाम योजना बन्द है पड़ी हुई है। नौहट्टा प्रखण्ड के बरैचा गांव में सनहा नदी पर जलाशय एवम रोहतास प्रखण्ड अंतर्गत कौड़ियारी गांव में कैमूर पहाड़ी से निकलने वाली अवसानी नदी पर जलाशय बनाने का मामला वर्षों से प्रस्तावित है।

2012 पहाड़ी नदियों का किया गया था सर्वेक्षण
वर्ष 2012 में मुख्य अभियंता जलसंसाधन विभाग डेहरी ए के अम्बरकर के नेतृत्व में इंद्रपुरी बराज के कार्यपालक अभियंता विष्णुकांत पाठक सहायक अभियंता विनोद कुमार आदि अभियंताओं के दल ने कैमूर पहाड़ी से निकलने वाली अवसानी, सनहा, महादेव खोह, वंसी खोह आदि कई पहाड़ी नदियों का गहन सर्वेक्षण किया था। अभियंताओं के दल द्वारा इन पहाड़ी नदियों में कितना पानी बरसात के दिनों में आता है उसका संभाविता भी तलाशा गया था। स्टडी रिपोर्ट भी तैयार की गयी थी। इन योजना के बन जाने से क्षेत्र के किसानों को लाभ की पूरी उम्मीद की जा रही है।

योजना के तहत कोई जलाशय नहीं बनाया गया
कैमूर पहाड़ी के नदियों में बरसात के दिनों में पर्याप्त पानी रहने के बाद भी मध्यम सिंचाई योजना के तहत कोई जलाशय नहीं बनाया गया है। पहाड़ी नदियों का पानी बह कर सोन नदी में मिल कर बेकार हो जाता है। पहाड़ी नदियों को बांध कर अगर जलाशय बना दिया जाता तो नौहट्टा की धरती हरियाणा पंजाब को पछाड़ कर आगे निकल जाता। सिंचाई योजना अगर सरकार बनाती तो आज यहां के किसान भुखमरी के कगार पर खड़ा नहीं रहते। पड़ोसी उतर प्रदेश के सोनभद्र जिला में सोन नदी के पानी लिफ्ट कर व कैमूर पहाड़ी की नदियों को बांध कर बनाया गया है कई जलाशय।

कई पहाड़ी नदियों को बांध कर जलाशय बनाया गया है

इस प्रखण्ड के सीमा से सटे उतर प्रदेश के सोनभद्र जिला में कैमूर पहाड़ी से निकलने वाली पहाड़ी कई पहाड़ी नदियों को बांध कर जलाशय बनाया गया है। जिससे कई प्रखंडो के सैकड़ो गांव के हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई की जाती है। लेकिन राजनैतिक उदासीनता के कारण इस प्रखण्ड में पर्याप्त पानी रहते हुए भी सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। इस प्रखण्ड से हो कर गुजरने वाली सोन नदी के पानी से भले ही बिहार के 8 जिला के खेतों की सिंचाई हो रहा है, लेकिन इस प्रखण्ड के लिए दिया तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कोई लाभदायक यात्रा संपन्न हो सकती है। अत्यधिक व्यस्तता के कारण घर पर तो समय व्यतीत नहीं कर पाएंगे, परंतु अपने बहुत से महत्वपूर्ण काम निपटाने में सफल होंगे। कोई भूमि संबंधी लाभ भी होने के य...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser