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उद्योग विभाग की कार्रवाई:400 की जगह 1000 वर्ग फीट जमीन खोदी, जीएम ने काम रोका

भागलपुर20 दिन पहले
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जलमीनार निर्माण के लिए हो रही खुदाई का निरीक्षण करते जिला उद्योग केंद्र के जीएम। - Dainik Bhaskar
जलमीनार निर्माण के लिए हो रही खुदाई का निरीक्षण करते जिला उद्योग केंद्र के जीएम।

चंपानगर के वार्ड 3 अबीर मिश्रा लेन स्थित 40 साल से बंद पड़े रंगी कारखाना की जमीन पर एक निजी कंपनी द्वारा जलमीनार निर्माण को लेकर बीते शुक्रवार से मिट्टी खुदाई की जा रही थी। जिससे स्थानीय बुनकरों में आक्रोश पनप रहा था। लोगों की शिकायत पर सोमवार की शाम जिला उद्योग केंद्र के जीएम रामशरण राम निरीक्षण को पहुंचे। जहां उद्योग विभाग की अनुमति के बगैर जलमीनार निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी। उन्होंने साइट इंजीनियर से भी कई सवाल किए। साइट इंजीनियर हिमांशु आनंद मिश्रा ने जीएम से कहा कि बुडको से उनकी कंपनी को स्वीकृति मिलने के बाद ही काम शुरू कराया गया है।

इस पर जीएम ने कहा कि जब जमीन उद्योग विभाग की है तो स्वीकृति बुडको कैसे दे सकती है। हालांकि, उद्योग केंद्र के जीएम ने यह भी कहा कि जलमीनार निर्माण को लेकर 2014 में विभाग से मिला एनओसी उन्हें दिखाया गया है, जिसकी पुष्टि के लिए उन्होंने विभाग को पत्र प्रेषित कर मंतव्य मांगा है। लेकिन, इससे पूर्व ही जमीन के बीचों बीच निर्माण कार्य शुरू करने पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई।

यह भी कहा कि पूर्व के विभागीय आदेश को भी अगर आधार माना जाए, तो 400 वर्ग फीट (20 फीट ×20 फीट) जमीन की खुदाई कर निर्माण कार्य करना था। लेकिन यहां तो करीब 1000 स्क्वायर फिर चौड़ा और इतना ही गहरा गड्ढा खोद दिया गया है। यह नियम विरुद्ध है। उन्होंने दोषी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए शिकायत किए जाने की भी बात कही। साइट इंजीनियर को अगले आदेश तक कार्य बंद करने के साथ ही मिट्टी भराई कर गड्ढे को बंद करने को कहा।

विभागीय सहमति लिए बिना शुरू कर दिया काम
जीएम ने कहा कि उद्योग विभाग की उक्त जमीन पर सूबे के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने प्रस्तावित रंगी कारखाना, बुनकर केंद्र बनाने का यहां के बुनकरों से वादा किया है। 2014 में तत्कालीन मुख्य सचिव की एक चिट्ठी है, जिसमें कहा गया है कि उद्योग विभाग से सहमति प्राप्त कर 20 गुणा 20 फीट यानी 400 वर्ग फिट में जलमीनार निर्माण कार्य किया जाएगा। इस संबंध में विभाग की पत्र लिखा गया है। वहां से आदेश आने के बाद एक किनारे जलमीनार निर्माण के लिए जमीन आवंटित कर दी जाएगी। लेकिन, विभागीय सहमति लिए बिना कार्य शुरू कर दिया गया।

निजी कंपनी पर 20 गाड़ी मिट्टी बेचने का आरोप
मौके पर मौजूद अबीर मिश्रा लेन निवासी मो. प्यारे अहमद, मो. मोहसिन आलम, मो. रागिब, मौलाना ओवैश, मो. अकबर, मो. औरंगजेब आदि ने कहा कि जमीन की खुदाई में निकली मिट्टी में करीब 20 गाड़ी मिट्टी यहां काम कर रहे लोगों द्वारा बेचा जा चुका है। ऐसे में यह किसकी गलती है और किसके आदेश से बुनकर रंगी कारखाना की जमीन से निकली मिट्टी बेची गई है। लोगों के काफी दबाव पर काम कर रहे मजदूरों ने एक गाड़ी मिट्टी बेचने की बात स्वीकारी। इस पर जीएम ने मिट्टी बेचने वालों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही।

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