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  • 4 Days Ago, The Person Who Was Shot At, The Same Person Accused Of Murder; Rajesh's Family Sued Dabboo And His Associates

कार्रवाई:4 दिन पहले जिस पर चली थी गोली, वही हत्या का आरोपी; राजेश के परिजन ने डब्बू और उसके साथियों पर किया केस

भागलपुरएक महीने पहले
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सुरखीकल भट्‌ठा काली स्थान के पास राजेश साह उर्फ विक्टर की गोली मारकर हत्या मामले में मृतक के भाई संतोष साह ने 6 के खिलाफ बरारी थाने में केस किया है। मामले में विनीत कुमार उर्फ डब्बू मंडल, विकास मंडल (दोनों सहोदर भाई), अपराधी पलटू यादव, छोटू यादव (सभी आदर्श कॉलोनी सुरखीकल भट्‌ठा निवासी), मन्ना उर्फ मनोज यादव (संतनगर) और मिथुन यादव (मुसहरी घाट, पुराना आईजी आवास) को आरोपी बनाया है। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने आरोपियों के घर छापेमारी की तो सभी फरार मिले। 4 दिन पहले डब्बू पर गोली चली थी। अब वही राजेश की हत्या का आरोपी निकला।

एफआईआर में हत्या के कारण का खुलासा नहीं है। परिजनों का दावा है कि मोहल्ले में वर्चस्व को लेकर विक्टर की हत्या हुई है। पुलिस मामले को 5 दिन पहले हुए गोलीकांड से जोड़कर देख रही है। 8 दिसंबर की सुबह सुरखीकल के आदर्श कॉलोनी के विनीत कुमार उर्फ डब्बू (राजेश की हत्या का आरोपी) पर उसके घर के बाहर गोलीबारी हुई थी। इसमें डब्बू बच गया था। इसमें डब्बू ने बदमाश सूरज तांती और उसके साथी के खिलाफ बरारी थाने में केस किया था।

कहीं नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री के कारण तो नहीं हुई हत्या, चर्चा यह भी कि किस पुलिसकर्मी ने की थी मध्यस्थता
मोहल्ले में चर्चा है कि नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री के कारण राजेश की हत्या हुई है। सूरज तांती के साथ मिलकर राजेश नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री करता था। कहा जा रहा है कि डब्बू मंडल भी इस धंधे में शामिल है। दोनों ग्रुप एक-दूसरे के इलाके में घुसकर नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री करने लगे थे। इस कारण दोनों ग्रुप के बीच विवाद हो गया था। 8 दिसंबर को गोलीबारी भी इसी वजह से हुई थी। चर्चा यह भी है कि इस घटना के बाद एक पुलिसकर्मी ने दोनों ग्रुप के बीच मध्यस्थता की थी और अपने-अपने एरिया में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री करने को कहा था। हालांकि पुलिस इन बातों की पुष्टि नहीं कर रही है।

हत्या के कई चश्मदीद, 3 को भागते देखा, पर सब हैं चुप
राजेश की हत्या के कई लोग चश्मदीद हैं। क्योंकि वारदात के समय मोहल्ले के एक बारात गुजर रही थी। बारात देखने घरों से निकले लोगों ने राजेश की हत्या काे भी देखा था। हत्या के बाद तीन बदमाश को मौके से भागते हुए भी देखा गया है। लेकिन बदमाशों के भय से पुलिस के सामने कोई जुबान नहीं खोल रहा है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो कुछ बंद मिला। किसी का डायरेक्शन दूसरी दिशा में था, जबकि एक का डिस्प्ले ही खराब था।

जांच के लिए सिटी एएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित
राजेश हत्याकांड की जांच को लेकर एसएसपी ने एक एसआईटी का गठन किया है। टीम में सिटी एएसपी शुभम आर्य, कोतवाली थानेदार रामप्रीत कुमार, बरारी थानेदार अमित कुमार, सबौर थानेदार सुनील झा और टेक्निकल सेल प्रभारी दारोगा कौशल भारती और उनकी टीम को शामिल किया गया है।

चार दिन पहले की गाेलीकांड से भी हाे सकता है कनेक्शन

  • हत्या के कारण का खुलासा नहीं हुआ है। वारदात से 4 दिन पहले हुए गोलीकांड मामले से हत्या के कनेक्शन की जांच हो रही है। - शुभम आर्य, सिटी एएसपी
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