यह व्यवस्था जानलेवा है:457 नए मरीज मिले, साहित्यकार शिवकुमार शिव व पूर्व डीन प्रो. प्रभुनारायण समेत 8 मौतें

भागलपुर6 महीने पहले
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यह तस्वीर मायागंज कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल की है। सरकारी सूची में यहां तत्काल इलाज होता है। लेकिन सच्चाई उलट है। यहां मरीज के आते ही इलाज नहीं, पहले 20-25 मिनट दस्तावेज बनाने में गुजरते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान पर बन आती है। बुधवार को एक मरीज एम्बुलेंस से आया तो 20 मिनट दस्तावेज बनाने में बीत गए। बाद में इलाज शुरू हुआ। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर मायागंज कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल की है। सरकारी सूची में यहां तत्काल इलाज होता है। लेकिन सच्चाई उलट है। यहां मरीज के आते ही इलाज नहीं, पहले 20-25 मिनट दस्तावेज बनाने में गुजरते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान पर बन आती है। बुधवार को एक मरीज एम्बुलेंस से आया तो 20 मिनट दस्तावेज बनाने में बीत गए। बाद में इलाज शुरू हुआ।
  • अस्पतालों में नहीं सुधर रही व्यवस्था, मायागंज अस्पताल में बेड न मिलने से एक ने दम तोड़ दिया

जिले में बुधवार को 457 नए कोरोना मरीजों की पहचान हुई। इनमें शहरी क्षेत्र से ही 118 संक्रमित मिले हैं, जबकि मायागंज अस्पताल में 10 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 6 भागलपुर के हैं। दो मुंगेर और कटिहार व बांका के 1-1 संक्रमित हैं। कोरोना की चपेट में आए साहित्यकार शिव कुमार शिव और टीएमबीयू के रिटायर्ड प्रोफेसर व पूर्व डीन डॉ. प्रभुनारायण मंडल की भी मौत हुई है। उपन्यासकार व कथाकार शिवकुमार शिव का कोलकाता में इलाज हो रहा था। टीएमबीयू के पूर्व डीन डॉ. प्रभु नारायण मंडल मूलत: मधेपुरा के आलमनगर के रहने वाले थे। अस्पताल में बढ़ रहे मरीजों के बीच एग्रीकल्चर ऑफिस के रिटायर्ड कर्मचारी बहरपुरा के हसन मुर्तजा (69) की मायागंज अस्पताल की आईसीयू में बेड न मिलने से हो गई।

उन्हें लाइफ सपोर्ट की दरकार थी। परिजनों की माने तो तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया था। एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव थी, लेकिन ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा था। यह लेवल 50 फीसदी तक आने और एचआरसीटी रिपोर्ट में फेफड़े में ज्यादा संक्रमण होने पर मायागंज रेफर किया गया था। इधर, नए संक्रमितों में जीआरपी भागलपुर की महिला पुलिस, सदर अस्पताल के डॉक्टर, कर्मचारी और उसकी बेटी, इंजीनियरिंग कॉलेज का स्टाफ भी संक्रमित पॉजिटिव मिले है। आनंदगढ़ कॉलोनी में भी एक संक्रमित मिला है। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 18303 हो गई है, जबकि 166 मौतें हुई हैं। बढ़ते संक्रमण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इनमें 83 मरीजों की मौतें सिर्फ इसी अप्रैल के 28 दिनों में हुई है। यानि औसतन रोज तीन मौतें हो रही हैं। इस बीच बुधवार को 97 मरीजों ने कोरोना को हराकर जिंदगी की जंग जीत ली है। अब जिले में ठीक होने वालों का आंकड़ा 14673 हो गई है। रिकवरी रेट सुधरकर 80.16 फीसद पहुंच गया है। अभी जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 3464 हो गई है।

सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने बताया, जीआरपी भागलपुर की महिला पुलिसकर्मी, सदर अस्पताल के डॉक्टर व कर्मी की बेटी संक्रमित हुई है। इशाकचक में एक ही परिवार में बुजुर्ग, दो महिलाएं और दूसरे परिवार में एक किशोर-एक किशोरी संक्रमित मिली है। इशाकचक में ही वृद्धा, दो युवती, युवक, अधेड़, भीखनपुर में 5 युवक, अधेड़ व दो महिला संक्रमित मिली हैं। इसके अलावा तिलकामांझी, बरारी, आदमपुर, मायागंज में दो बुजुर्ग, दो युवक, एक किशोर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की वृद्धा, दो युवक व एक महिला समेत एक बच्चा भी संक्रमित हुआ है। हबीबपुर शर्मा टोला में एक ही परिवार के तीन सदस्य, पुलिस लाइन में बुजुर्ग भी पॉजिटिव मिले।

24 घंटे में मायागंज में शहर के दो और गांवों के चार मरीजों ने तोड़ा दम

21 अप्रैल को भर्ती छोटी खंजरपुर की 75 वर्षीया वृद्धा ने शाम 4.40 बजे दम तोड़ दिया। 25 अप्रैल को भर्ती साहेबगंज की 80 वर्षीया वृद्धा की भी बुधवार दोपहर 12.30 बजे मौत हो गई। शाहकुंड के माघीपुर के बुजुर्ग का 27 अप्रैल से इलाज चल रहा था, उन्होंने मंगलवार आधी रात 12.20 बजे आखिरी सांस ली। सुल्तानगंज के बुजुर्ग को 27 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। उन्होंने दोपहर 3.30 बजे तो बहादपुर जीरोमाइल के युवक ने शाम 6.05 बजे दम तोड़ा। वह मंगलवार को भर्ती हुआ था। कहलगांव की एक महिला व नगर पंचायत के वार्ड-8 के पार्षद सीताराम सैनी के बेटे रमेश की मौत हो गई। उसे गंभीर हालत में मायागंज अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

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