टीएमबीयू की मुश्किल बढ़ी:टीएमबीयू के खेल और एनएसएस मद के 80 लाख मुंगेर में फंसे, अलग होने के बाद नहीं मिली राशि

भागलपुरएक महीने पहलेलेखक: अभिषेक
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अब युवा और खेल विभाग ने मांगा हिसाब, पर टीएमबीयू के पास रिकॉर्ड नहीं - Dainik Bhaskar
अब युवा और खेल विभाग ने मांगा हिसाब, पर टीएमबीयू के पास रिकॉर्ड नहीं

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय की ओर से एनएसएस मद में छात्राें से ली गई राशि का हिसाब मांगने के बाद टीएमबीयू की मुश्किल बढ़ गई है। विवि के पास इसका रिकाॅर्ड नहीं है कि किस सत्र में कितने छात्राें से कितनी राशि वसूली गई। इसके साथ ही यह मामला भी सामने आया कि विवि के पास खेल मद का भी पुख्ता हिसाब नहीं है। दाेनाें मद मिलाकर 2018 से पहले उन काॅलेजाें ने भी छात्राें से राशि वसूली थी जाे तब टीएमबीयू का हिस्सा थे, लेकिन अब मुुंगेर विवि में शामिल हैं। इस राशि का एक हिस्सा काॅलेजाें काे अपने पास रखना था और एक हिस्सा टीएमबीयू काे देना था। इन काॅलेजाें के पास खेल व एनएसएस मद में वसूले गए टीएमबीयू के हिस्से के लगभग 80 लाख रुपये हैं।

इस राशि की वापसी के लिए टीएमबीयू ने वर्ष 2018 के बाद काेई बड़ा कदम नहीं उठाया। बताया गया कि इस राशि का 40 प्रतिशत टीएमबीयू काे मिलना था। पूर्व वीसी डाॅ. राम आश्रय यादव के समय खेल मद में छात्राें से शुल्क लेने की शुरुआत हुई थी। यह राशि 2014 तक ली गई। 2014 में सरकार के शिक्षा विभाग ने इसे गलत बता आगे शुल्क लेने पर राेक लगा दी थी। एनएसएस मद में टीएमबीयू से मुंगेर विवि के 2018 में अलग हाेने तक काॅलेज छात्राें से शुल्क लेते रहे थे। टीएमबीयू ने मुंगेर विवि के अलग हाेने के समय इन मदाें में मुंगेर विश्वविद्यालय के काॅलेजाें के पास पड़े 80 लाख रुपए के सामंजन का प्रस्ताव रखा था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और टीएमबीयू काे 50-50 लाख के दाे चरणाें में मुंगेर विश्वविद्यालय काे राशि देनी पड़ी थी।

अपने काॅलेज भी ताे हिसाब दे दें : को-आर्डिनेटर
इस बारे में टीएमबीयू के एनएसएस काे-ऑर्डिनेटर डाॅ. अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि मुंगेर विवि में फंसी राशि का हिसाब हाेगा या नहीं, यह तय नहीं है क्याेंकि विवि का अलग हाेना नीतिगत निर्णय था। लेकिन टीएमबीयू के काॅलेज भी हिसाब दे दें ताे बहुत है। किसके पास कितनी राशि है, इसके आकलन के लिए काॅलेजाें काे पत्र भेजा जा रहा है।

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